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गणितीय तर्कशास्त्र

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गणितीय तर्कशास्त्र (Mathematical logic) गणित की शाखा है जिस का संगणक विज्ञान एवं दार्शनिक तर्कशास्त्र से निकट का सम्बन्ध है। तर्कशास्त्र का गणितीय अध्ययन तथा गणित के अन्य विधाओं में तर्कशास्त्र (औपचारिक तर्क) के अनुप्रयोग दोनों ही इस के अंतर्गत आते हैं।

प्राय: गणितीय तर्कशास्त्र को समुच्चय सिद्धान्त, मॉडल सिद्धान्त (model theory), रिकर्सन सिद्धान्त (recursion theory) तथा सिद्धि सिद्धान्त (proof theory) नामक क्षेत्रों में विभक्त किया जाता है।

गणितीय तर्कशास्त्र अपने आरम्भकाल से ही गणित के आधारशिलाओं (foundations of mathematics) के अध्ययन में सहायक सिद्ध हुआ है तथा उस से प्रेरणा पाता रहा है। इस का अध्ययन १९वीं शताब्दी के अन्तिम दिनों में आरम्भ हुआ। सबसे पहले इस के लिये ज्यामिति, अंकगणित और विश्लेषण के स्वयंसिद्धों (axioms) का विकास हुआ। २०वीं शती के आरम्भिक दिनों में डेविड हिल्बर्ट ने इसे गति प्रदान की। उन्होंने 'फाउण्डेशनल सिद्धान्तों की समग्रता' (consistency of foundational theories) को सिद्ध करने का कार्यक्रम चलाया। कुर्ट गोडेल (Kurt Gödel), गरहर्ड जेन्तजेन (Gerhard Gentzen) एवं अन्य लोगों ने इस कार्य को और आगे बढ़ाया। समुच्चय सिद्धान्त के क्षेत्र में और कार्य हुए जिस से यह प्रदर्शित हुआ कि लगभग सम्पूर्ण सामान्य गणित को समुच्चयों के रूप में 'फार्मलाइज' किया जा सकता है।

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