यांत्रिक इंजीनियरी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
सिलाई मशीन (सन् 1900 के आसपास) ; मशीन के कार्य आज भी लगभग वही है जो पहले था।
एक आधुनिक मशीन : फिलिंग और डोसिंग मशीन
यांत्रिक इंजीनियर इंजन, शक्ति-संयंत्र आदि की डिजाइन करते हैं।
Two involute gears, the left driving the right: Blue arrows show the contact forces between them. The force line (or Line of Action) runs along a tangent common to both base circles.

यान्त्रिक अभियांत्रिकी (Mechanical engineering) तरह-तरह की मशीनों की बनावट, निर्माण, चालन आदि का सैद्धान्तिक और व्यावहारिक ज्ञान है। यान्त्रिक अभियांत्रिकी, अभियांत्रिकी की सबसे पुरानी और विस्तृत शाखाओं में से एक है। यान्त्रिक अभियांत्रिकी १८वीं शताब्दी में यूरोप में औद्योगिक क्रांति के दौरान एक क्षेत्र के रूप में उभरी है, लेकिन, इसका विकास दुनिया भर में कई हजार साल में हुआ है। १९वीं सदी में भौतिकी के क्षेत्र में विकास के एक परिणाम के रूप में यांत्रिक अभियांत्रिकी विज्ञान सामने आया।

इसके आधआरभूत विषय हैं:

उपविभाग[संपादित करें]

यांत्रिक अभियांत्रिकी कई यांत्रिकी विज्ञान के विभागों के समूह के रूप में मानी जा सकती है।| इनमे से कुछ उपविभाग, जो अधिकतर पूर्व स्नातक पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाते हैं, नीचे सूचीबद्ध किये गये हैं। इनमें से कुछ केवल यांत्रिक अभियांत्रिकी से ही सम्बन्धित हैं जबकि कुछ यांत्रिक अभियांत्रिकी और अन्य विभागों के संयोजन हैं।

  • यांत्रिकी
  • मेकैट्रॉनिक्स एवं रोबॉटिक्स
  • संरचनात्मक विश्‍लेषण
  • उष्मागतिकी एवं ताप विज्ञान
  • अभिकल्प एवं प्रारूपण

इन्हें भी देखें[संपादित करें]