विभिन्न विद्वानों द्वारा वैदिक या उपनिषद काल के लिये विभिन्न निर्धारित समयावधि
| लेखक |
शुरुवात (BC) |
समापन (BC) |
विधि |
| लोकमान्य तिलक (Winternitz भी इससे सहमत है) |
6000
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200
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खगोलिय विधि |
| बी. वी. कामेश्वर |
2300
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2000
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खगोलिय विधि |
| मैक्स मूलर |
1000
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800
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भाषाई विश्लेषण |
| रनाडे |
1200
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600
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भाषाई विश्लेषण, वैचारिक सिदान्त, etc |
| राधा कृष्णन |
800
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600
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वैचारिक सिदान्त |
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मुख्य उपनिषदों का रचनाकाल
| डयुसेन (1000 or 800 – 500 BC) |
रनाडे (1200 – 600 BC) |
राधा कृष्णन (800 – 600 BC) |
अत्यंत प्राचीन उपनिषद गद्य शैली में: बृहदारण्यक, छान्दोग्य, तैत्तिरीय, ऐतरेय, कौषीतकि, केन
कविता शैली में: केन, कठ, ईश, श्वेताश्वतर, मुण्डक
बाद के उपनिषद गद्य शैली में: प्रश्न, मैत्री, मांडूक्य |
समूह I: बृहदारण्यक, Chāndogya
समूह II: ईश, केन
समूह III: ऐतरेय, तैत्तिरीय, कौषीतकि
समूह IV: कठ, मुण्डक, श्वेताश्वतर
समूह V: प्रश्न, मांडूक्य, मैत्राणयी |
बुद्ध काल से पूर्व के:' ऐतरेय, कौषीतकि, तैत्तिरीय, Chāndogya, बृहदारण्यक, केन
मध्यकालीन: केन (1–3), बृहदारण्यक (IV 8–21), कठ, मांडूक्य
सांख्य एवं योग पर अधारित: मैत्री, श्वेताश्वतर |
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