उपनिषद् सूची
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१०८ उपिनषदों की यह सूची मुक्तिक उपनिषद में १:३०-३९ में दी गयी है :
ईश = शुक्ल यजुर्वेद, मुख्य उपिनषद्
केन = सामवेद, मुख्य उपिनषद्
कठ = कृष्ण यजुर्वेद, मुख्य उपिनषद्
प्रश्न = अथर्व वेद, मुख्य उपिनषद्
मुण्डक = अथर्व वेद, मुख्य उपिनषद्
माण्डुक्य = अथर्व वेद, मुख्य उपिनषद्
तैतरीय = कृष्ण यजुर्वेद, मुख्य उपिनषद्
ऐतरेय = ऋग् वेद, मुख्य उपिनषद्
छान्दोग्य = साम वेद, मुख्य उपिनषद्
बृहदारण्यक ( १०) = शुक्ल यजुर्वेद, मुख्य उपिनषद्
ब्रह्म = कृष्ण यजुर्वेद, संन्यास उपिनषद्
कैवल्य = कृष्ण यजुर्वेद, शैव उपिनषद्
जाबाल( यजुर्वेद) = शुक्ल यजुर्वेद, संन्यास उपिनषद्
श्वेताश्वतर = कृष्ण यजुर्वेद, सामान्य उपिनषद्
हंस = शुक्ल यजुर्वेद, योग उपिनषद्
आरुणेय = साम वेद, संन्यास उपिनषद्
गर्भ = कृष्ण यजुर्वेद, सामान्य उपिनषद्
नारायण = कृष्ण यजुर्वेद, वैष्णव उपिनषद्
परमहंस = शुक्ल यजुर्वेद, संन्यास उपिनषद्
अमृत-बिन्दु ( २०) = कृष्ण यजुर्वेद, योग उपिनषद्
अमृत-नाद = कृष्ण यजुर्वेद, योग उपिनषद्
अथर्व-शिर = अथर्व वेद, शैव उपिनषद्
अथर्व-शिख = अथर्व वेद, शैव उपिनषद्
मैत्रायिण = साम वेद, सामान्य उपिनषद्
कौषीिताक = ऋग् वेद, सामान्य उपिनषद्
बृहज्जाबाल = अथर्व वेद, शैव उपिनषद्
नृसिंहतापनी = अथर्व वेद, वैष्णव उपिनषद्
कालाग्निरुद्र = कृष्ण यजुर्वेद, शैव उपिनषद्
मैत्रेय = साम वेद, संन्यास उपिनषद्
सुबाल ( ३०) = शुक्ल यजुर्वेद, सामान्य उपिनषद्
क्षुरिक = कृष्ण यजुर्वेद, योग उपिनषद्
मान्त्रिक = शुक्ल यजुर्वेद, सामान्य उपिनषद्
सर्व-सार = कृष्ण यजुर्वेद, सामान्य उपिनषद्
निरालम्ब = शुक्ल यजुर्वेद, सामान्य उपिनषद्
शुक-रहस्य = कृष्ण यजुर्वेद, सामान्य उपिनषद्
वज्र-सिूच = साम वेद, सामान्य उपिनषद्
तेजो-बिन्दु = कृष्ण यजुर्वेद, संन्यास उपिनषद्
नाद-बिन्दु = ऋग् वेद, योग उपिनषद्
ध्यानिबन्दु = कृष्ण यजुर्वेद, योग उपिनषद्
ब्रह्मिवद्या ( ४०) = कृष्ण यजुर्वेद, योग उपिनषद्
योगतत्त्व = कृष्ण यजुर्वेद, योग उपिनषद्
आत्मबोध = ऋग् वेद, सामान्य उपिनषद्
परिव्रात् ( नारदपरिव्राजक) = अथर्व वेद, संन्यास उपिनषद्
त्रि-िषिख = शुक्ल यजुर्वेद, योग उपिनषद्
सीता = अथर्व वेद, शाक्त उपिनषद्
योगचूडामिण = साम वेद, योग उपिनषद्
निर्वाण = ऋग् वेद, संन्यास उपिनषद्
मण्डलब्राह्मण = शुक्ल यजुर्वेद, उपिनषद्
दकि्षणामूर्ति = कृष्ण यजुर्वेद, शैव उपिनषद्
शरभ ( ५०) = अथर्व वेद, शैव उपिनषद्
स्कन्द ( त्िरपाड्िवभूिट) = कृष्ण यजुर्वेद, सामान्य उपिनषद्
महानारायण = अथर्व वेद, वैष्णव उपिनषद्
अद्वयतारक = शुक्ल यजुर्वेद, संन्यास उपिनषद्
रामरहस्य = अथर्व वेद, वैष्णव उपिनषद्
रामतापिण = अथर्व वेद, वैष्णव उपिनषद्
वासुदेव = साम वेद, वैष्णव उपिनषद्
मुद्गल = ऋग् वेद, सामान्य उपिनषद्
शाणि्डल्य = अथर्व वेद, योग उपिनषद्
पैंगल = शुक्ल यजुर्वेद, सामान्य उपिनषद्
भिक्षुक ( ६०) = शुक्ल यजुर्वेद, संन्यास उपिनषद्
महत् = साम वेद, सामान्य उपिनषद्
शारीरक = कृष्ण यजुर्वेद, सामान्य उपिनषद्
योगिशखा = कृष्ण यजुर्वेद, योग उपिनषद्
तुरीयातीत = शुक्ल यजुर्वेद, संन्यास उपिनषद्
संन्यास = साम वेद, संन्यास उपिनषद्
परमहंस-परिव्राजक = अथर्व वेद, संन्यास उपिनषद्
अक्षमालिक = ऋग् वेद, शैव उपिनषद्
अव्यक्त = साम वेद, वैष्णव उपिनषद्
एकाक्षर = कृष्ण यजुर्वेद, सामान्य उपिनषद्
अन्नपूर्ण ( ७०) = अथर्व वेद, शाक्त उपिनषद्
सूर्य = अथर्व वेद, सामान्य उपिनषद्
अक्षि = कृष्ण यजुर्वेद, सामान्य उपिनषद्
अध्यात्मा = शुक्ल यजुर्वेद, सामान्य उपिनषद्
कुण्डिक = साम वेद, संन्यास उपिनषद्
सावित्री = साम वेद, सामान्य उपिनषद्
आत्मा = अथर्व वेद, सामान्य उपिनषद्
पाशुपत = अथर्व वेद, योग उपिनषद्
परब्रह्म = अथर्व वेद, संन्यास उपिनषद्
अवधूत = कृष्ण यजुर्वेद, संन्यास उपिनषद्
त्रिपुरातपिन ( ८०) = अथर्व वेद, शाक्त उपिनषद्
देवि = अथर्व वेद, शाक्त उपिनषद्
त्रिपुर = ऋग् वेद, शाक्त उपिनषद्
कठरुद्र = कृष्ण यजुर्वेद, संन्यास उपिनषद्
भावन = अथर्व वेद, शाक्त उपिनषद्
रुद्र-हृदय = कृष्ण यजुर्वेद, शैव उपिनषद्
योग-कुण्डिलिन = कृष्ण यजुर्वेद, योग उपिनषद्
भस्म = अथर्व वेद, शैव उपिनषद्
रुद्राक्ष = साम वेद, शैव उपिनषद्
गणपित = अथर्व वेद, शैव उपिनषद्
दर्शन ( ९०) = साम वेद, योग उपिनषद्
तारसार = शुक्ल यजुर्वेद, वैष्णव उपिनषद्
महावाक्य = अथर्व वेद, योग उपिनषद्
पञ्च-ब्रह्म = कृष्ण यजुर्वेद, शैव उपिनषद्
प्राणाग्नि-होत्र = कृष्ण यजुर्वेद, सामान्य उपिनषद्
गोपाल-तपिण = अथर्व वेद, वैष्णव उपिनषद्
कृष्ण = अथर्व वेद, वैष्णव उपिनषद्
याज्ञवल्क्य = शुक्ल यजुर्वेद, संन्यास उपिनषद्
वराह = कृष्ण यजुर्वेद, संन्यास उपिनषद्
शात्यायिन = शुक्ल यजुर्वेद, संन्यास उपनिषद्
हयग्रीव ( १००) = अथर्व वेद, वैष्णव उपिनषद्
दत्तात्रेय = अथर्व वेद, वैष्णव उपिनषद्
गारुड = अथर्व वेद, वैष्णव उपिनषद्
किल-सण्टारण = कृष्ण यजुर्वेद, वैष्णव उपिनषद्
जाबाल( सामवेद) = साम वेद, शैव उपिनषद्
सौभाग्य = ऋग् वेद, शाक्त उपिनषद्
सरस्वती-रहस्य = कृष्ण यजुर्वेद, शाक्त उपिनषद्
बह्वृच = ऋग् वेद, शाक्त उपिनषद्
मुक्तिक ( १०८) = शुक्ल यजुर्वेद, सामान्य उपिनषद्
१९ उपिनषद् शुक्ल यजुर्वेद से हैं और उनका शान्तिपाठ पूर्णमदः से आरम्भ होता है |
३२ उपिनषद कृष्ण यजुर्वेद से हैं और उनका शान्तिपाठ सहनाववतु से आरम्भ होता है |
१६ उपिनषद् सामवेद से हैं और उनका शान्तिपाठ आप्यायन्तु से आरम्भ होता है |
३१ उपिनषद् अथर्ववेद से हैं और उनका शान्तिपाठ भद्रं कर्णेभिः से आरम्भ होता है |
१० उपिनषद् ऋग्वेद से हैं और उनका शान्तिपाठ वण्मे मनिस से आरम्भ होता है |