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लॉर्ड विलियम बैन्टिक

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लॉर्ड विलियम हेनरी कैवेंडिश-बेंटिंक
भारत के गवर्नर जनरल
कार्यकाल
22 अप्रैल 1834 – 20 मार्च 1835
शासकविलियम चतुर्थ
उत्तराधिकारीचार्ल्स मैटकाफ
(As Acting Governor-General)
फोर्ट विलियम प्रेसिडेंसी के गवर्नर जनरल
कार्यकाल
4 जुलाई 1828 – 22 अप्रैल 1834
शासक
पूर्वाधिकारीविलियम बटर्वर्थ बेले
(Acting Governor-General)
कमांडर-इन-चीफ़, इंडिया
कार्यकाल
1833–1835
पूर्वाधिकारीएडवर्ड बार्न्स
उत्तराधिकारीसर जेम्स वॉटसन
व्यक्तिगत जानकारी
जन्म14 September 1774 (1774-09-14)
मृत्यु17 जून 1839(1839-06-17) (उम्र 64 वर्ष)

लॉर्ड विलियम हेनरी कैवेंडिश-बेंटिंक भारत के गवर्नर जनरल रहे थे। ये भारत के गवर्नर जनरल थे लॉर्ड विलियम बेंटिक 1828-1835 तक भारत में शासन किया । इनकेे द्वारा सामाजिक सुधार ,शैक्षणिक सुधार ,वित्तीय सुधार ,सरकारी सेवा मैंंं सुधार , के अनेक प्रयास किए गए ।

सामाजिक सुधार- 1829 मे सती प्रथा पर राजा राममोहन राय की सहायता से पूर्णता प्रतिबंध कर दिया।

1830 में ठगी प्रथा पर प्रतिबंध लगाया गया

शैक्षणिक सुधार -लार्ड मैकाले की अध्यक्षता में एक मैकाले आयोग 1835 बनाया गया इस आयोग ने अपनी शिक्षा की सिफारिश में अंग्रेजी को बताया।

1835 में कोलकाता मेडिकल कॉलेज की स्थापना किया गया।

सरकारी सुधार- 1833 में चार्टर एक्ट पारित किया गया इस एक्ट के द्वारा बंगाल के गवर्नर जनरल को भारत का गवर्नर जनरल बनाया गया।

इस एक्ट के द्वारा कंपनी में कर्मचारी की नियुक्ति करने के लिए सिविल सेवक के लिए योग्यता को आधार बनाया गया।[1]

सन्दर्भ

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  1. ↑ G. S. Chhabra. Advanced Study In The History Of Modern India 1813-1919 Vol. 2, Ed. 2nd.