राजनयिक

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एक राजनयिक, किसी राज्य अथवा संयुक्त राष्ट्र या यूरोपीय संघ जैसे किसी अंतर सरकारी संसथान द्वारा नियुक्त एक व्यक्ति होता है, जिसका काम, एक या एकाधिक राज्यों या अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ कूटनीति का संचालन करना होता है।

राजनयिकों के मुख्य कार्य: भेजने वाले राज्य के हितों और नागरिकों का प्रतिनिधित्व और संरक्षण करना; रणनीतिक समझौतों की दीक्षा और सुविधा प्रमाणित करना; संधियों और सम्मेलनों; सूचना का प्रचार; व्यापार एवं वाणिज्य; प्रौद्योगिकी; और मैत्रीपूर्ण संबंध बनाये रखना होता है। अंतरराष्ट्रीय ख्याति के अनुभवी राजनयिकों का उपयोग अंतरराष्ट्रीय संगठनों (उदाहरण के लिए, संयुक्त राष्ट्र, दुनिया का सबसे बड़ा राजनयिक मंच) के साथ-साथ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रबंधन और बातचीत कौशल में उनके अनुभव के लिए किया जाता है। राजनयिक, विदेशी सेवाओं और दुनिया के विभिन्न देशों के राजनयिक निकाय के सदस्य होते हैं।

राजनयिक राज्य के किसी भी विदेशी नीति संस्थान का सबसे पुराना रूप हैं, जो सदियों के विदेश मंत्रियों और मंत्रिस्तरीय कार्यालयों द्वारा पूर्ववर्ती हैं। उनके पास आमतौर पर राजनयिक प्रतिरक्षा होती है, और उनकी आधिकारिक यात्रा में वे आमतौर पर एक राजनयिक पासपोर्ट का उपयोग करते हैं

इतिहास[संपादित करें]

राजनय विश्व के सबसे प्राचीनतम पेशों में से एक है, वर्तमान अंतरराष्ट्रीय विधि का प्रचलन आरंभ होने के बहुत पूर्व से ही रोम, चीन, यूनान और भारत आदि सभ्यताओं में एक राज्य से दूसरे राज्य में दूत भेजने की प्रथा प्रचलित थी। कौटिल्यकृत अर्थशास्त्र और 'नीतिवाक्यामृत' में प्राचीन भारत में प्रचलित दूतव्यवस्था का विवरण मिलता है। इस काल में दूत अधिकांशत: अवसरविशेष पर अथवा कार्यविशेष के लिए ही भेजे जाते थे। यूरोप में रोमन साम्राज्य के पतन के उपरांत छिन्न भिन्न दूतव्यवस्था का पुनरारंभ चौदहवीं शताब्दी में इटली के स्वतंत्र राज्यों एवं पोप द्वारा दूत भेजने से हुआ। स्थायी राजदूत को भेजने की नियमित प्रथा का श्रीगणेश इटली के गणतंत्रों एवं फ्रांस के सम्राट् लुई ग्यारहवें ने किया। सत्रहवीं शताब्दी के पूर्वार्ध तक दूतव्यवस्था यूरोप के अधिकांश देशों में प्रचलित हो गई थी।

कार्य[संपादित करें]

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, विश्व का सबसे बड़ा राजनयिक संगठन

राजनयिक का काम होता है ऐसी जानकारी एकत्रित करना और सूचित करवाना जो निजी देश को प्रभावित कर सकती है, अथवा काम आ सकती हैं, अक्सर वे यह जानकारी अपनी निजी सलाह के साथ भेजते हैं कि गृहदेश की सरकार को कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए। जब गृहदेश की राजधानी में ऐसे किसी भी सम्बन्ध में यदि कोई नीतिगत प्रतिक्रिया का फैसला किया जाता है, तो राजनयिक इसे लागू करने के लिए प्रमुख जिम्मेदारी लेते हैं। राजनयिकों का काम अपने गृह सरकार के विचारों को उस देश की सर्कार तक प्रभावी रूप से पहुँचाना होता है, जिस देश में उन्हें भेज गया है, तथा प्रभावी रूप से उस देश की सर्कार को काम करने हेतु मनाना होता है जिससे की गृहदेश के हितों की पूर्ति हो सके। इस तरह, राजनयिक एक सतत प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं जिसके माध्यम से दो देशो के बीच की विदेश नीति विकसित होती है।

सामान्य तौर पर, राजनयिकों के लिए स्वायत्तता से कार्य करना कठिन होता है। सूचना की सुरक्षा के मद्देनज़र राजनयिकों को सुरक्षित संचार प्रणालियों का उपयोग करना पड़ता है, क्योंकि मोबाइल, टेलीफोन, ईमेल, इत्यादि को ट्रैक किया जा सकता है और मिशन की गुप्त जानकारी लीक हो सकती है।

सुरक्षित ईमेल ने राजनयिकों और मंत्रालय के बीच संपर्क को बदल दिया है। इससे जानकारी लीक होने की संभावना बहुत कम हो गयी है, और इसकी व्यापक वितरण और अवैयक्तिक शैली के साथ, औपचारिक केबलग्राम की तुलना में अधिक व्यक्तिगत संपर्क सक्षम करता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]