जांजगीर

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जांजगीर
नैला-जांजगीर
—  town  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य छत्तीसगढ़
ज़िला जांजगीर-चांपा
निकटतम नगर बिलासपुर, कोरबा
जनसंख्या 60,000 (2017 के अनुसार )
साक्षरता 73%

निर्देशांक: 22°01′01″N 82°34′01″E / 22.017°N 82.567°E / 22.017; 82.567 जांजगीर छत्तीसगढ़ प्रान्त का एक शहर है। छत्तीसगढ़ के हृदय में स्थित जंजगीर-चम्पा बहुत खूबसूरत स्‍थान है। यह अपने वैष्णव शैली में बने मन्दिरों के लिए बहुत प्रसिद्ध है। स्थानीय लोगों में यह मन्दिर बहुत लोकप्रिय हैं और वह इनके रख-रखाव का पूरा ध्यान रखते हैं। स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटकों को भी यह मन्दिर बहुत पसंद आते हैं और वह इन मन्दिरों के खूबसूरत दृश्य अपने कैमरों में कैद करके ले जाते हैं।

मुख्य आकर्षण[संपादित करें]

विष्णु मन्दिर[संपादित करें]

विष्णु मन्दिर को नकटा मन्दिर के नाम से भी जाना जाता है। इसका निर्माण हेहे वंश के शासकों ने 12वीं शताब्दी में कराया था। इसके पास ही भीमा तालाब है, जो बहुत खूबसूरत है और पर्यटकों को बहुत पसंद आता है। मन्दिर का निर्माण दो भागों में शुरू किया गया था, लेकिन कोई भी भाग पूरा नहीं हो पाया। इसलिए यह मन्दिर आज भी अधूरा पड़ा हुआ है। मन्दिर की दिवारों पर देवताओं, गन्धर्वो और किन्नरों के सुन्दर चित्र बने हुए हैं, जो पर्यटकों को बहुत पसंद आते हैं।

पीतमपुर शिव मन्दिर[संपादित करें]

हासदेव नदी के तट पर स्थित पीतमपुर शिव मन्दिर को कालेश्वरनाथ मन्दिर के नाम से भी जाना जाता है। हर वर्ष महाशिवरात्रि को यहां पर दस दिनों के लिए मेले का आयोजन भी किया जाता है। इस मेले में स्थानीय लोगों के साथ पर्यटक भी बड़े उत्साह से भाग लेते हैं। महाशिवरात्रि के अलावा रंगपंचमी के दिन यहां पर भगवान शिव का विवाह भी रचाया जाता है, जिसमें नागा साधु बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं।

शिवनारायण मन्दिर[संपादित करें]

महानदी के तट पर बसे शिवनारायण नगर में स्थित लक्ष्मीनारायण मन्दिर बहुत खूबसूरत है। इसका निर्माण हेहे वंश के शासकों ने 11वीं शताब्दी में कराया था। हिन्दु कथाओं के अनुसार लक्ष्मीनारायण मन्दिर के पास ही शबरी आश्रम स्थित है। इस मन्दिर का निर्माण वैष्णव शैली में बड़ी खूबसूरती के साथ किया गया है। माघ पूर्णिमा के दिन यहां पर भव्य मेले का आयोजन भी किया जाता है। इस मेले में भाग लेने के लिए अनेक पर्यटक यहां आते हैं।

लक्ष्मणोश्वर मन्दिर[संपादित करें]

लक्ष्मणोश्वर मन्दिर जसपुर के प्रमुख मन्दिरों में से एक है। हिन्दु पौराणिक कथाओं के अनुसार इस मन्दिर का निर्माण भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने किया था। इस मन्दिर के प्रति स्थानीय लोगों में बड़ी है और वह पूजा करने के लिए प्रतिदिन यहां आते हैं।

मां मड़वारानी मन्दिर[संपादित करें]

जांजगीर नगर के हृदय स्थल चंदनिया पारा में तालाब किनारे विराजित है मां मड़वारानी। मोहल्लेवासियों के दिन की शुरूवात मां मड़वारानी के दर्शन से होती है वहीं यहां से गुजरने वाले हर किसी का सिर अनायास ही माता के दर्शन कर झुक जाते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सच्चे मन से माता से जो भी मांगा जाये माता जरूर पूरा करती है। मंदिर परिसर में ही हनुमान जी की मूर्ति तथा शंकर भगवान का शिवलिंग भी है। मां मड़वारानी की ख्याति क्षेत्र में धीरे धीरे फैल रही है। यादव बाहुल्य इलाका होने की वजह से यहां की रावत नाच टीम अपने नृत्य की शुरूवात जहां इस मंदिर से करती है वहीं अब तो जांजगीर की एक बड़ी आबादी विवाह में चूल माटी एवं देवतला जैसे मांगलिक कार्य यहीं करती है। नवरात्रि के दोनों पर्वो में मंदिर का रंग रोंगन कर झालरों से सजाया जाता है। क्वांर नवरात्रि में विगत 15 से भी ज्यादा वर्षो से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है वहीं चैत्र नवरात्रि में धृत एवं तेल ज्योति कलश की स्थापना की जाती है जिसमें दूर दूर से लोग मनोकामना ज्योति कलश की स्थापना करवाते हैI मड़वारानी मंदिर के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए देखें - http://www.panchayatkimuskan.com/newsDetail.php?id=10_.566

नहरिया बाबा मंदिर[संपादित करें]

नैला रेल्वे स्टेशन के समीप यह मंदिर पिछले कुछ समय से लोगों के आस्था का प्रमुख केन्द्र बना हुआ है। यहा हनुमान जी की प्रतिमा है साथ ही साथ शनि देव, शीतला माता, शंकर, राम जानकी का भी मंदिर है।

आवागमन[संपादित करें]

वायु मार्ग

रायपुर में हवाई अड्डे का निर्माण किया गया है। यहां से पर्यटक आसानी से जंजगीर-चम्पा तक पहुंच सकते हैं।

रेल मार्ग

जंजगीर-चम्पा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 152 कि॰मी॰ की दूरी पर स्थित है और रेलमार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। पर्यटकों की सुविधा के लिए जंजगीर-चम्पा के नायला और चम्पा में रेलवे स्टेशनों का निर्माण भी किया गया है।

सड़क मार्ग

राष्ट्रीय राजमार्ग 200 द्वारा पर्यटक आसानी से जंजगीर चम्पा तक पहुंच सकते हैं। राजमार्ग के अलावा पर्यटक बिलासपुर और रायपुर से भी आसानी से जंजगीर-चम्पा तक पहुंच सकते हैं।