चल मेरे भाई

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
चल मेरे भाई
चल मेरे भाई.jpg
चल मेरे भाई का पोस्टर
निर्देशक डेविड धवन
निर्माता नितिन मनमोहन
लेखक रूमी जाफ़री (संवाद)
पटकथा इक्राम अख्तर
यूनुस सेजावल
कहानी इक्राम अख्तर
अभिनेता संजय दत्त,
सलमान ख़ान,
करिश्मा कपूर
संगीतकार आनंद-मिलिंद
समीर (गीत)
छायाकार हरमीत सिंह
वितरक गौरव डिजिटल
नेहा आर्ट्स
प्रदर्शन तिथि(याँ) 5 मई, 2000
समय सीमा 136 मिनट
देश भारत
भाषा हिन्दी

चल मेरे भाई 2000 में बनी हिन्दी भाषा की डेविड धवन द्वारा निर्देशित फिल्म है। इसमें प्रमुख भूमिकाओं में संजय दत्त, सलमान खान और करिश्मा कपूर हैं। यह करिश्मा की चौथी लगातार फिल्म थी जिसमें उनके किरदार का नाम सपना था।

संक्षेप[संपादित करें]

यह दो भाइयों, विकी (संजय दत्त) और प्रेम ओबेरॉय (सलमान खान) की कहानी कि कैसे सपना (करिश्मा कपूर) नाम की एक लड़की द्वारा उनकी जिंदगी पलट जाती है।

विकी एक बड़ा व्यापारी है जो अपने परिवार के विशाल व्यापार साम्राज्य को संभालता है। सपना उसके सचिव के पद के लिए आवेदन करती है। वह एक अनाथ है जो पुणे से बॉम्बे आई है और वर्तमान में अपने मामा और मामी के साथ रह रही है। सपना के पास विकी की सचिव होने के लिए आवश्यक अनुभव नहीं है, लेकिन विकी के पिता बलराज ओबेरॉय (दलीप ताहिल) सपना के जुनून से प्रभावित हैं और उसे काम पर रखते हैं।

प्रेम एक आकांक्षी अभिनेता है। बलराज चाहते है कि प्रेम को पारिवारिक व्यवसाय के लिए भी काम करना चाहिए। हालांकि, प्रेम की दादी और विकी ने अभिनेता बनने के प्रेम के फैसले का समर्थन किया है। वह थिएटर निर्देशक (शक्ति कपूर) के साथ काम करता है जो सपना के मामा भी है।

सपना काम के लिये बहुत अक्षम है और विकी पूरी तरह उससे परेशान है। लेकिन जब काम के बाद विकी पर हमला किया जाता है, तो सपना की तेज़ सोच के कारण उसकी जिंदगी बचती है। विकी के परिवार उसे और उसके परिवार को अपने फार्महाउस पर एक छोटी छुट्टी के लिए आमंत्रित करते हैं। विकी का परिवार सपना का बहुत आदि बन जाता है। प्रेम और सपना भी इस समय के दौरान प्यार में पड़ जाते हैं।

हालाँकि इससे पहले कि प्रेम अपने परिवार को बता सके कि वह सपना से प्यार करता है। उसे पता चलता है कि उसकी दादी विकी की सपना से शादी करना चाहती हैं और विकी इस प्रस्ताव पर सहमत हो गया है। प्रेम अपने भाई के दिल को तोड़ना नहीं चाहता है। इससे पहले विकी अपनी पूर्व प्रेमिका के लिए बहुत लंबे समय से दुखी रहा है। प्रेम अब उसके रास्ते में नहीं आना चाहता है। वह सपना को बताता है कि वह उसको सिर्फ बेवकूफ बना रहा था। दिल टूटने के बाद सपना अपनी मामी और मामा के दबाव में आ जाती है और विकी से शादी करने के लिए सहमत हो जाती है। हालाँकि, विकी शादी से पहले सच्चाई जान जाता है। अंत में सपना और प्रेम फिर से मिल जाते हैं। अंत में ऐसा दर्शाया जाता है कि जब एक नई लड़की विकि के कार्यालय में शामिल हो जाती है तो विकी फिर से प्यार में पड़ जाता है।

मुख्य कलाकार[संपादित करें]

संगीत[संपादित करें]

सभी गीत एक को छोड़कर समीर द्वारा लिखित; सारा संगीत आनंद-मिलिंद द्वारा रचित।

गाने
क्र॰शीर्षकगायकअवधि
1."आज कल की लड़कियाँ"सोनू निगम, विनोद राठोड़, पूर्णिमा, वैजंती6:35
2."चल मेरे भाई"संजय दत्त, सलमान खान5:00
3."चल मेरे भाई" (रीमिक्स)शंकर महादेवन, लेसली लूई, डोमिनिक़4:20
4."चोरी चोरी सपनों में"अभिजीत, अलका याज्ञनिक5:03
5."चोरी चोरी सपनों में" (दुखद)अभिजीत, अलका याज्ञनिक1:08
6."थोडी सी बेक़रारी"कुमार सानु, अलका याज्ञनिक4:39
7."मेरी नींद जाने लगी है"सोनू निगम, अलका याज्ञनिक5:30
8."मेरे बाप की बेटी"अभिजीत, विनोद राठोड4:40
9."मेहंदी रंग लाई"सोनू निगम, अलका याज्ञनिक, उदित नारायण, जसपिंदर नरूला6:49
10."शीर्षक संगीत" (यांत्रिक)N/A3:23

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]