आँखें (1993 फ़िल्म)

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आँखें
आँखें.jpg
आँखें का पोस्टर
निर्देशक डेविड धवन
निर्माता पहलाज निहलानी
लेखक अनीस बज़मी
अभिनेता गोविन्दा,
चंकी पांडे,
राजबब्बर,
शिल्पा शिरोडकर,
रागेश्वरी,
रितु शिवपुरी
प्रदर्शन तिथि(याँ) 9 अप्रैल, 1993
समय सीमा 170 मिनट
देश भारत
भाषा हिन्दी

आँखें डेविड धवन द्वारा निर्देशित 1993 में बनी हिन्दी भाषा की एक्शन कॉमेडी फिल्म है। इसमें गोविन्दा दोहरी भूमिका में है और साथ में चंकी पांडे भी है। यह बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर थी और 1993 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म है।

संक्षेप[संपादित करें]

अमीर हँसमुख राय (कादर ख़ान) अपने दो शरारती बच्चों से परेशान है, बुन्नू (गोविन्दा) और मुन्नू (चंकी पांडे)। दोनों कोई चीज गंभीरता से नहीं लेते। इससे परेशान होकर हँसमुख उन्हें घर से निकाल देता है। फिर वो दोनों आवारा घूमते हैं। फिर ऐसा लगता है कि बुन्नू मर गया है। उसका कोई जुड़वा ग्रामीण गौरीशंकर (गोविन्दा) आता है और उसे बुन्नू समझा जाता है। साथ ही वो दोनों असली मुख्यमंत्री को हटाकर डूप्लीकेट लगाने वाली साज़िश में भी फँसते हैं।

मुख्य कलाकार[संपादित करें]

संगीत[संपादित करें]

संगीतकार - बप्पी लाहिड़ी
गीतकार - इन्दीवर
# शीर्षक गायक अवधि
1 "ओ लाल दुपट्टे वाली" कुमार सानु, सुदेश भोंसले, कविता कृष्णमूर्ति, अलका याज्ञनिक 05:53
2 "बड़े काम के बन्दर" कुमार सानु, मोहम्मद अज़ीज़, अरुन बख्शी, गोविन्दा, चंकी पांडे 06:59
3 "अंगने में बाबा" कुमार सानु, साधना सरगम 05:49
4 "एक तमन्ना जीवन की" कुमार सानु, आशा भोंसले 05:32
5 "चौखट पे तुम्हारी हम" कुमार सानु, मोहम्मद अज़ीज़, सपना मुखर्जी 06:47

रोचक तथ्य[संपादित करें]

फिल्म में दिखाया गया बंदर का नाम बजरंगी था। चेन्नई से मँगाया गया बंदर निर्माता पहलाज निहलानी के मुताबिक जो बोलते थे वो करता था। क्योंकि बंदर का रोल लंबा था इसलिए उसे पाँच लाख रुपए दिए गए थे जबकि चंकी पांडे को उससे कम ढाई लाख रुपए दिए थे।[1] .इस फिल्म में तीन कलाकार दोहरी भूमिका में थें-गोविंदा,कादर ख़ान और राज बब्बर

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. सुप्रिया सोगले (3 जुलाई 2015). "चंकी को ढाई लाख, मंकी को पाँच लाख". बीबीसी हिन्दी. अभिगमन तिथि 10 जुलाई 2018.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]