गोंदिया

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गोंदिया
—  शहर  —
निर्देशांक: (निर्देशांक ढूँढें)
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य महाराष्ट्र
महापौर
सांसद
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• ८०० फीट मीटर

गोंदिया शहर गोंदिया ज़िले का प्रशासकीय मुख्यालय है। गोंदिया शहर में मुख्य तौर पर चावल मिल्स है और बिडी उधोग भी काफी प्रमाण में मौजूद है। गोंदिया महाराष्ट्र में है और छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सीमा पर है। महाराष्ट्र में आणे के लिये मध्य भारत और पूरब कि और से गोंदिया प्रवेश द्वार है।[1][2]

इतिहास[संपादित करें]

राज्य के अंतिम छोर पर बसे गोंदिया शहर का अपना इतिहास है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगड कि सीमा पर बसे इस शहर का अपना अंदाज था। गोंदिया परिसर पर पेहले गोंड राजा का राज्य था। तब यहाँ जंगल घना हुआ करता था। गोंड समाज के लोग यहाँ के पुराने रहिवासी है। उनका काम गोन्ध और लाख जमा कर उसे गाव में बेचना था। उसी वजह से गोंदिया नाम पडा। उसी वजह से गोंदिया नाम पडा ऐसा इंग्रज के जमाने के आर.व्ही. रसेल इन्होने ‘गॅझेटियर’ में लिखा है। उस समय आज के जैसे राज्य और सीमाये नहीं थे, पर कूच अंतर पर बदलणे वाली भाषा थी। उसी वजह से गोंदिया से लगे राज्य कि भाषा का असर गोंदिया कि भाषा पर पडा। गोंदिया का संबंध छत्तीसगड व मध्य प्रदेश से बडते गये और आज भी यह संबंध गेहराई के साथ जुडे हुये है। उस वक़्त गोंदिया सी.पी.ॲँड बेरार का भाग हुं करता था।
भोसले के साम्राज्य में कामठा, फुलचूर और किर्नापूर कि जमीनदारी हुं करती थी, प्रसाश्कीय दृष्टीकोन से अंग्रेजो ने गोंदिया को तालुका का दर्जा दिया। उस वक्त आदिवासी लोग लाख, डिंक, सागवान, मोहफुल, आवळा, चिंच आदी गोंदिया में बेचने लाते थे। उस वक्त गोंदिया में लाख के ३२ कारखाने थे। इधर पुराना गोंदिया, मुर्री और फुलचूर में लोग बसने लगे और नये उद्योग का आगाज होता गया, समय के साथ साथ लाख कारखाने बंद होते गये।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "RBS Visitors Guide India: Maharashtra Travel Guide," Ashutosh Goyal, Data and Expo India Pvt. Ltd., 2015, ISBN 9789380844831
  2. "Mystical, Magical Maharashtra," Milind Gunaji, Popular Prakashan, 2010, ISBN 9788179914458