गब्बर इज़ बैक

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गब्बर इज़ बैक
Gabbar is back first look.jpg
प्रचार छवि(पोस्टर)
निर्देशक क्रिश (निर्देशक)
निर्माता संजय लीला भंसाली
वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स
लेखक रजत अरोड़ा
कहानी ए आर मुरुदास
आधारित रमाना
अभिनेता अक्षय कुमार
श्रुति हासन
संगीतकार
छायाकार निरिव शाह
संपादक राजेश जी पाण्डे
वितरक वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स
प्रदर्शन तिथि(याँ)
  • मई 1, 2015 (2015-05-01)
समय सीमा 131 मिनट
देश भारत
भाषा हिन्दी
लागत 85 करोड़ [1]
कुल कारोबार 136 करोड़ [2]

गब्बर इज़ बैक एक भारतीय बॉलीवुड फिल्म है, जिसका निर्देशन क्रिश ने किया है और फिल्म के निर्माता संजय लीला भंसाली तथा वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स है। अक्षय कुमार मुख्य किरदार (गब्बर) का किरदार निभा रहे है। ये फिल्म तमिल फिल्म रमाना पर पुनः निर्माण है। इस फिल्म में करीना कपूर एक कैमियो का किरदार निभा रही हैं। यह फिल्म 1 मई 2015 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई। इस परियोजना को गब्बर (खलनायक) के नाम से ही शुरू किया गया, पर बाद में संजय लीला भंसाली ने इसे बदलकर "गब्बर इज़ बैक" रखने का प्रस्ताव दिया।[3][4][5]

कहानी[संपादित करें]

एक व्यक्ति (अक्षय कुमार) एक कंप्यूटर के सामने बैठा हुआ है। जो सरकारी अधिकारियों का एक डेटाबेस बना रहा है। पुलिस को पता चलता है कि महाराष्ट्र के 10 तहसीलदरों का अचानक अपरहण हो गया है। उन सभी में एक सामान बात है कि वो सभी भ्रष्ट हैं। लेकिन वे वैसे ही अचानक लौट भी आते हैं -सबसे भ्रष्ट ऑफिसर को छोड़कर , जिसे सार्वजनिक रूप से फंसी पर लटका दिया जाता है उसके भ्रष्टाचार की सभी केस फाइलों के साथ। पुलिस को एक रहस्यात्मक व्यक्ति "गब्बर" से एक सीडी मिलती है जो कहता है की उसका उद्देश्य सभी भ्रष्ट अफसरों को निशाना बनाना है। कांस्टेबल साधुराम (सुनील ग्रोवर) को लगता है की वह गब्बर नामक व्यक्ति का रहस्य सुलझा सकता है परंतु उसके वरिष्ठ(सीनियर) अफसर उसका अपमान करके उसे इसकी जगह समोसा लाने को कहते हैं। साधुराम एक कांस्टेबल है केवल इसलिए क्योंकि उसने अफसर बनने के लिए रिश्वत नहीं दी। वह यह तय करता है की वह वह इस केस को सुलझा कर प्रमोशन(उन्नति) प्राप्त करेगा। उसी समय प्रो.आदित्य (अक्षय कुमार) नेशनल कॉलेज में एक स्पोर्ट्स क्लास चला रहा है तभी गुंडे आकर बंद की घोषणा कर देते हैं। आदित्य उन गुंडों को पीट कर बाहर फेंक देता है। घर लौटते समय उसकी मुलाकात एक महिला वकील (श्रुति हासन) से होती है जो आदित्य की सहायता से एक गर्भवती स्त्री को अस्पताल ले जाने का प्रयास करती परंतु उसका प्रसव कार में ही हो जाता है। श्रुति उसकी सहायता करती है यह कहते हुए की उसने यह सब इंटरनेट से सीखा है। अस्पताल पहुँचकर कर जब वह आदित्य को घन्यवाद कहने के लिए आती है तब तक वह जा चुका होता है। एक नयी सीडी में गब्बर यह कहता है कि वह PWD के बाबुओं को अपना अगला निशाना बनाएगा। पर वह इस बार एक जिला अधिकारी(District Collector) को पकड़ लेता है। और गब्बर और उसकी गैंग उसे सार्वजनिक स्थान पर फंसी पर लटका देते हैं। इसी बीच श्रुति और आदित्य की नज़दीकियां बढ़ने लगती है। एक दिन जब दोनों सड़क के किनारे टहल रहे थे तभी एक स्कूटर श्रुति से आकर टकरा जाता है। गंभीर रूप से घायल न होने के बाद भी डॉक्टर उसे महंगे परिक्षण करने को कहते है इसे देखकर उसे अनुभव होता है कि डॉक्टर के सामने गरीब लोग कितने विवश(मजबूर) होते हैं। अस्पताल में आदित्य पता चलता है कि डॉक्टर एक मृत व्यक्ति का इलाज़ केवल पैसे कमाने के लिए कर रहा है। आदित्य इस सब की वीडियो को बना कर मीडिया में रिलीज़ कर देता है। जिसके बाद उस अस्पताल के नौजवान स्वामी (owner) को भीड़ घेर लेती है और उसे पीट पीट कर मर डालती है। उसका पिता जो एक ताकतवर बिल्डर है वह अस्पताल पहुँचता है और अस्पताल की cctv फुटेज में आदित्य को पाता है जिसे उसने 5 साल पहले मारा था। आदित्य और श्रुति एक शादी में जाते हैं। वहां पर आदित्य अपनी स्वर्गवासी पत्नी(करीना कपूर खान) को याद करता है कि कैसे वो और उसकी पत्नी(करीना कपूर खान) नए अपार्टमेंट में शिफ्ट हुए और जब वह होली खेलने के लिए बाहर गया था , तब वो बिल्डिंग गिर गयी जिसमें उसकी पत्नी के साथ कई सौ लोग मर गए। आदित्य ने उस बिल्डिंग के बिल्डर के खिलाफ सबूत जमा किये कि उसकी गलती की वजह से ये बिल्डिंग गिरी। पर पाटिल सब को घूस भर देता है और कोई भी आदित्य की बात नहीं सुनता। दिग्विजय के साथ लड़ाई में आदित्य बुरी तरह घायल हो जाता है। पर मेडिकल कॉलेज की बस उसे बचा लेती और और वह तब से ये निर्णय लेता है कि वह भ्रष्टाचार को मिटा के रहेगा और इसी के साथ उसकी ये लड़ाई शुरू हो जाती है।

कलाकार[संपादित करें]

संगीत[संपादित करें]

गब्बर इज़ बैक
फिल्म के गाने द्वारा
जारी 20 अप्रैल 2015 (2015-04-20)
संगीत शैली फीचर फ़िल्म साउंडट्रैक
लंबाई 16:02
लेबल ज़ी म्यूज़िक कंपनी

गब्बर इज़ बैक का संगीत यो यो हनी सिंह , चिरथन भट्ट और मंज मुसिक ने लिखा है। जबकि बोल लिखे हैं - मनोज यादव , साहिल कौशल , मंज मुसिक , रफ़्तार और बिग ढिल्लों ने।

क्र॰शीर्षकगायक/गायिकाअवधि
1."तेरी मेरी कहानी"अरिजीत सिंह, पलक मुच्छल5:31
2."कॉफी पीते पीते"देव नेगी, परोमा दास गुप्ता3:38
3."आओ राजा"नेहा कक्कड़, यो यो हनी सिंह4:01
4."वरना गब्बर आ जायेगा"मंज मुसिक, रफ़्तार2:52
कुल अवधि:16:02

रीमेक और पात्र मानचित्र[संपादित करें]

रमाना 2002
(तमिल)
टैगोर 2003
(तेलगु)
विष्णु सेना 2005
(कन्नड़)
गब्बर इज़ बैक 2015
(हिंदी)
विजयकांत चिरंजीवी विष्णुवर्धन अक्षय कुमार
आशिमा भल्ला श्रिया सरन गुरलीन चोपड़ा श्रुति हासन
सिमरन ज्योतिका लक्ष्मी गोपलास्वामी करीना कपूर खान
विजयन सयाजी शिंदे आशुतोष राणा सुमन तलवार
मुकेश ऋषि पुनीत इस्सर पंकज धीर जयदीप अहलावत
युगी सेतु प्रकाश राज रमेश अरविंद सुनील ग्रोवर

आलोचनात्मक प्रतिक्रिया[संपादित करें]

बॉलीवुड हँगामा ने इसे 5 में से 3 सितारे दिये।[6] इसी के जैसे ही कोईमोई ने भी इसे 3 सितारे दिये और कहा की यदि आप नायक और खलनायक जैसी फिल्में जिसमें धमाकेदार संवाद हो तो यह बहुत अच्छी फिल्म है।[7] इसी तरह हिंदुस्तान टाइम्स ने भी इसे 3 सितारे दिये और कहा की इस फिल्म में बहुत मसाला है।[8] इसी के साथ टाइम्स ऑफ इंडिया ने इसे 3.5 सितारे दिये।[9] इसके बाद ज़ी न्यूज़ ने भी इसे 3.5 सितारे दिये और कहा की इस फिल्म को देखने के बाद हमें अपने जीवन में भी वास्तविक गब्बर की आवश्यकता महसूस होगी।[10]

बॉक्स ऑफिस[संपादित करें]

इस फ़िल्म ने अपने पहले दिन में 13.05 करोड़ की कमाई की और अपनी प्रस्तुति (रिलीज़) के तीसरे सप्ताह में 84 करोड़ का कारोबार कर चुकी है और बेबी फ़िल्म के बाद 2015 की दूसरी सबसे अधिक कमाई करने वाली बॉलीवुड फ़िल्म बन गयी है।[11]

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]