काव्यांजलि

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काव्यांजलि
निर्माण का देश भारत
भाषा(एं) हिन्दी
सत्र संख्या 1
प्रकरणों की संख्या 345
निर्माण
स्थल मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
कैमरा सेटअप बहु-कैमरा
प्रसारण
मूल चैनल स्टार प्लस
मूल प्रसारण जनवरी 25, 2005 (2005-01-25) – अगस्त 28, 2006 (2006-08-28)

काव्यांजलि भारतीय हिन्दी प्रेम नाट्य धारावाहिक है, जिसका प्रसारण स्टार प्लस पर 25 जनवरी 2005 से 28 अगस्त 2006 तक हुआ।

पटकथा[संपादित करें]

काव्य नन्दा अपने माता पिता का एक लौटा संतान होता है। उसके पिता मयंक नन्दा की बहुत पहले ही मौत हो जाये रहती है। उसकी माँ नित्या नन्दा उसकी देख रेख करती रहती है। वह पाँच वर्षों के बाद अपने घर आता है। जहाँ वह शिमला में वह रुकता है। वहाँ उसकी मुलाक़ात एक अंजान लड़की से होती है। उसे देखते ही काव्या को उससे प्यार हो जाता है। वह उसे कई बार इधर उधर देखता है। एक दिन वह उसके आँखों के सामने रहती है तभी काव्य के साथ दुर्घटना हो जाती है और उसे चोट लग जाती है। लेकिन वह फिर भी उस घटना के बाद भी उसे खोजते रहता है।

लेकिन कुछ समय बाद काव्य की शादी तय हो जाती है। उसके बाद काव्य पुनः उस लड़की को देखता है। उसे पता चलता है कि उसकी शादी कि तैयारी उसे ही करने को मिली है। वह उससे बात करने की कोशिश करता है, लेकिन वह उससे बात नहीं करती है। बहुत लम्बी बात के बाद उसे पता चलता है कि वह जुड़वा बहनें हैं और वह जिससे मिला था वह औंजूम है। अंजलि उसके जैसे ही दिखती है। इसके बाद काव्य और अंजलि एक दूसरे के अच्छे दोस्त हो जाते हैं। लेकिन काव्य किसी न किसी रूप में अंजलि में अंजुम को खोजते रहता है और उससे प्यार करने लगता है। एक दिन अंजलि काव्य को बताती है कि उसकी मंगनी हो चुकी है। काव्य उसे अपने शादी का निमंत्रण पत्र देने जाता है और उसे पता चलता है कि अंजलि कि उस दिन शादी थी। अंजलि उसके लिए एक पत्र छोड़े रहती है, जिसमें वह काव्य के लिए उसके मन में क्या है, लिखी रहती है। काव्य यह समझ जाता है कि अंजलि उससे प्यार करती है और वह अंजलि कि शादी रोकने वहाँ जाता है। लेकिन अंजलि अपने मंगेतर का विश्वास नहीं तोड़ना चाहती है। बाद में काव्य और अंजलि कि शादी हो जाती है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]