ये रिश्ता क्या कहलाता है

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ये रिश्ता क्या कहलाता है
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ये रिश्ता क्या कहलाता है
प्रारूप प्रेम, नाटक
सर्जक डिरेक्टर कट
लेखक तुहिन ए सिन्हा, शाबिया रवि वालिया, भावना व्यास और घज़ला नर्गिस
निर्देशक जय कालरा और राम पांडे
सितारे पात्रों की सूची देखें
शुरुआत 'थीम' अलका याज्ञनिक द्वारा "यह रिश्ता क्या कहलाता है"
निर्माण का देश भारत
भाषा(एं) हिन्दी
प्रकरणों की संख्या 2,930 (7 जून 2019 तक)
निर्माण
निर्माता राजन शाही
संपादक समीर गाँधी
छायांकन अर्जुन राव
प्रसारण अवधि 30 मिनट
प्रसारण
मूल चैनल स्टार प्लस
छवि प्रारूप 576i (SDTV),
मूल प्रसारण 12 जनवरी 2009 – वर्तमान
बाह्य सूत्र
आधिकारिक जालस्थल

ये रिश्ता क्या कहलाता है एक भारतीय हिन्दी धारावाहिक है, जो स्टार प्लस पर प्रसारित किया जाता है। यह स्टार प्लस पर 12 जनवरी, 2009 को प्रीमियर हुआ। अर्थात् इसका पहला प्रसारण 12 जनवरी 2009 को हुआ था। यह धारावाहिक एक परंपरागत विवाह में प्यार को दर्शाता है। इसका निर्माण राजन शाही व डायरेक्टर्स कट प्रोडक्शंस ने किया है। 13 जनवरी 2012 को इसने सफलता पूर्वक 800 एपिसोड पूरे कर लिए थे। 26 जुलाई 2018 को इस धारावाहिक ने 2700 एपिसोड पूरे कर लिए थे। एपिसोड की गणना के आधार पर यह भारत में प्रसारित होने वाला सबसे लम्बा हिंदी धारावाहिक हैं। साथ ही यह भारत का सबसे लंबा चलने वाला टीवी धारावाहिक है। शो उदयपुर स्थित राजस्थानी परिवार के दैनिक जीवन पर केंद्रित है। यह राजन शाही के निदेशक कुट प्रोडक्शंस द्वारा उत्पादित किया जाता है, और एपिसोड गिनती के आधार पर सबसे लंबी चल रही भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है। शो के मुख्य पात्र नायरा (शिवांगी जोशी) और कार्तिक (मोहसिन खान) हैं। पहले यह शो नैरा के माता-पिता अक्षरा (हिना खान) और नैतिक (करन मेहरा) पर केंद्रित था।

कहानी का सार[संपादित करें]

यह कहानी नैतिक और अक्षरा की है, जो उदयपुर में पूरे परिवार के साथ रहते हैं। यह कहानी उनके पति-पत्नी बनने से लेकर एक अच्छे माता-पिता बनने तक की है। इसमें कहानी बीच में 4 वर्ष, एक वर्ष व 10 वर्ष आगे बढ़ जाती है। कुछ समय पश्चात यह कहानी कुछ वर्ष और आगे बढ़ती है, जब अक्षरा के दोनों बच्चे और बड़े हो जाते है। यहाँ कहानी नक्ष के इर्द गिर्द घूमती है। इसी समय नायरा एक गलत फहमी की वजह से अपना घर छोड़ देती है। इसके बाद कहानी कुछ वर्ष और आगे बढ़ती है और अक्षरा अपनी बेटी को ढूंढ लेती है कुछ समय बाद अक्षरा की मौत हो जाती हैं। और अंततः कहानी अक्षरा की बेटी नायरा के इर्द गिर्द घूमती है एक आदर्श परिवार और पति पत्नी के रिश्तों वाली ये कहानी जारी है।

कहानी[संपादित करें]

ये रिश्ता क्या कहलाता है शुरुआत में एक युवा जोड़े, अक्षरा और नैतिक सिंघानिया की कहानी थी, जो उदयपुर में मारवाड़ी संयुक्त परिवार में रहते थे। कहानी एक विवाहित जोड़े के रूप में समायोजन के मुद्दों के माध्यम से, युवा बच्चों के माता-पिता के रूप में, और वे एक-दूसरे से प्यार करना सीखते हैं क्योंकि उनके विस्तारित परिवार परिपक्व होते हैं। अब कहानी नायरा और कार्तिक गोयनका पर एक युवा मोड़ के साथ नायरा के माता-पिता के समान यात्रा का सामना कर रही है।

चार साल बाद[संपादित करें]

दुर्घटना के बाद, नैतिक एक कोमा में गिर गया। नक्ष (अक्षरा और नैतीक का बेटा) अब 5 है और अपने पिता के बारे में नहीं जानता है। नक्ष अभी बच्चा रहता है और परिवार साथ में खुश भी रहता है और कभी कभी दुखी भी रहता है। एक दिन, नैतिक कोमा से उठ जाते हैं और हालांकि पहले नक्ष अपने पिता का स्वागत नहीं करते हैं, बाद में वह उन्हें अपने जीवन में स्वीकार कर लेता है। एक दिन सारा परिवार ट्रेन से कुल देवी का दर्शन करने जाता है और सकुशल यात्रा संपन्न कर घर वापस लौट आता है। एक दिन गायत्री (नैतिक की माँ) के साथ दुर्घटना हो जाती है और उसकी मौत पहाड़ी से गिरने के कारण हो जाती है। राजशेखर गायत्री के मौत से उबर नहीं पाते और काफी अकेला महसूस करते हैं। गायत्री की मौत के एक साल बीत जाता है। अब राजशेखर (नैतिक के पिता) से किसी से शादी करने के लिए कहा जाता है, और वह देवयानी से शादी करता है, जो तलाकशुदा विवाह से अपने दो बच्चों के साथ आती है। अक्षरा की बेटी नायरा के जन्म होता है जिसका स्वागत सब धूमधाम से करतें हैं। बाद में, भाभीमा (नैतिक की बड़ी माँ) के पति दादाजी (नैतिक के बड़े पिता) दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो जाती है, और भाभीमा अपने पति की मृत्यु का आरोप अक्षरा पर लगाती है और उसे घर से बाहर निकल देतीं है। अक्षरा, नैतिक, नक्ष और नायरा घर छोड़ कर चले जाते हैं।

दस साल बाद[संपादित करें]

दस साल बाद नक्ष और नायरा बड़े हो जाते हैं। अक्षरा और नैतिक, अपने दोनों बच्चों, नक्ष और नायरा के साथ, केप टाउन में रहते हैं। नक्ष अब परिपक्व वयस्क हैं और नायरा एक दिव्य किशोरी है। नक्ष उदयपुर लौट आता है। वह भाभीमा के मन में अक्षरा को लेकर जो गलतफहमी है उसे दूर करने की कोशिश करता है। कई दिनों के बाद, अक्षरा को माफी मिल जाती है और वो अपने पति नैतिक और दोनों बच्चों नक्ष और नायरा के साथ वापस अपने घर, भारत लौट आती है। इसके बाद कहानी नक्ष पर केंद्रित हो जाती है। वह तारा नाम की एक लड़की से प्यार करने लगता है, जो अपने दादा व तीन भाईयों संग रहती है। तारा के माता पिता नहीं हैं और दादा ही पालते हैं। नक्ष और तारा की शादी के लिए सब तैयार हो जाते हैं। दोनों की शादी भी तय हो जाती है। दोनों परिवार शादी की तैयारियों में जुट जाते हैं। शादी समारोह से कुछ मिनट पहले प्रीनप को लेकर नक्ष व तारा में बहस होती है और तारा नक्ष के साथ रिश्ता तोड़ देती है और शादी से इंकार कर देती है। इधर नक्ष की बहन नायरा अपनी सहेली सुकन्या के बहकावे में आकर अपनी मां से नफ़रत करने लगती है। नायरा के मन में मां अक्षरा को लेकर ग़लत फहमी बढ़ती ही जाती है और एक घटना के बाद वह घर छोड़ देती है।

सात साल बाद[संपादित करें]

सात सालों के बाद, अब शो की कहानी नायरा पर केन्द्रित हो जाती है। गायु के मां अर्थात रश्मि व पिता की मृत्यु हो चुकी होती है। अनाथ हो चुकी गायु अक्षरा के साथ रहती है। उधर नायरा अपनी माँ अक्षरा से नफरत करते रहती है, इस कारण अपने घर से दूर ऋषिकेश में रहती है। नायरा का पता चलने और उसके घर लौटने के बाद कहानी में एक नया मोड़ आ जाता है। जिसमें कार्तिक को नायरा से प्यार हो जाता है और नायरा को भी कार्तिक अच्छा लगता है, लेकिन उसे अभी तक इसका एहसास नहीं हुए रहता है और वहीं गायु को भी कार्तिक से प्यार हो जाता है। अतः, कहानी एक नया मोड़ लेती है - एक प्रेम त्रिकोण जो कार्तिक (नैतिक के कर्मचारी), नायरा और गायू (नैतिक की भांजी) के बीच है। नायरा और कार्तिक एक-दूसरे के लिए भावना रखते हैं लेकिन यह नहीं जानते कि यह प्यार है। इस बीच, गायू ​​कार्तिक से प्यार करता है, इस बात से अनजान है कि कार्तिक उसे वापस प्यार नहीं करता है। जब कार्तिक ने नायरा का प्रस्ताव दिया, तो उसने शुरुआत में उसे खारिज कर दिया, लेकिन जब तक वह महसूस करती है कि गायू भी उससे प्यार करती है, तो वह गायू ​​के पक्ष में अपनी खुशी का त्याग करने के बारे में सोचती है। एक दिन नायरा को कार्तिक अपने दिल की बात बताता है, लेकिन नायरा मना कर देती है। लेकिन कुछ ही समय बाद उसे एहसास होता है कि वो भी कार्तिक से प्यार करने लगी है। पर उसे ये भी पता चल जाता है कि गायू भी कार्तिक से प्यार करती है, इस कारण वो अपने प्यार की कुर्बानी दे देती है।

जब मिश्ती (नायरा के चचेरी बहन) से पता चलता है कि कार्तिक केवल नायरा से प्यार करता है, कार्तिक और नायरा एक दूसरे के लिए अपना प्यार कबूल कर लेते हैं। कार्तिक केवल नायरा से ही प्यार करता है, तो नायरा और कार्तिक दोनों अपने प्यार का इकरार कर देते हैं। तब गायू बात को समझ जाती है और अपनी बहन के लिए अपने प्यार का बलिदान कर देती है। गायू इस बात को समझ जाती है कि कार्तिक उससे कभी प्यार नहीं करेगा। कार्तिक अपने परिवार के बारे में बात नहीं करना चाहता क्योंकि वह उनसे नफरत करता है। उसे लगता है कि उसकी माँ की उसके पिता और उसकी सौतेली माँ ने हत्या की है। कार्तिक अपने पिता और सौतेली माँ को पसंद नहीं करता क्योंकि उन्हें लगता है कि वे उसकी माँ की मौत के लिए ज़िम्मेदार थे। इस कारण शादी की बात उनसे नहीं करता है। उसी दौरान अक्षरा के जन्मदिन के समय पार्टी का आयोजन होता है, हर कोई पूजा के लिए जाता है, लेकिन उसी समय अक्षरा की एक कार दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है। सिंघानिया परिवार अक्षरा की मौत के लिए कार्तिक को दोषी ठहराता है क्योंकि वो दुर्घटना स्थल पर अपने गाड़ी के साथ नशे की हालत में पाया जाता है। कार्तिक का परिवार अपने बेटे को बचाने की कोशिश करते हैं और उसका समर्थन करतें हैं। बाद में नायरा को पता चला कि कार्तिक अपराधी नहीं है। उसे पता चलता है कि कार्तिक बेकसूर है और आरोपी कोई और है। नायरा असली अपराधी को ढूंढकर कार्तिक को बेकसूर साबित कर देती है। नायरा के परिवार के पक्ष में बहुत अधिक नहीं होने के बावजूद कार्तिक का परिवार सिंघानिया परिवार की ओर कार्तिक की भावनाओं को देखते हुए, नायरा और कार्तिक के रिश्ते को मंजूरी देता है।

कई महीनों बाद[संपादित करें]

दोनों परिवार (गोयनका और सिंघानिया) नायरा और कार्तिक की शादी के लिए तैयारी करना शुरू करते हैं। नायरा को तिलक समारोह के लिए गोयंका निवास में बुलाया जाता है। शादी से ठीक पहले कार्तिक को पता चलता है कि अक्षरा को गाड़ी से टक्कर मारने वाली उसकी चचेरी बहन मानसी है, वो ये सच्चाई नायरा को बताने ही वाला रहता है कि उसके चाचा अखिलेश उसे सच्चाई न बताने के लिए मना लेते हैं और उसे वो नायरा को सच्चाई बता देता।शादी से पहले कार्तिक को पता चलता है कि अक्षरा को गाड़ी से टक्कर मारने वाली मानसी है, वो ये सच्चाई नायरा को बताने ही वाला रहता है कि उसके चाचा अखिलेश उसे नायरा से सच्चाई न बताने के लिए मना लेते हैं और वह कार्तिक से कहतें हैं कि वो नायरा को सच्चाई बता देंगे। लेकिन अखिलेश नायरा को इतना ही बताते है कि कार्तिक अपनी माँ को याद कर रहा है इस कारण दुखी है। कार्तिक और नायरा की शादी हो जाती है। शादी के अगले दिन ही उसे याद आता है कि नायरा ने सुवर्णा से वादा किया था कि वो कार्तिक को गोयंका निवास से दूर रखेगी। इस कारण कार्तिक उसे उसी दिन किसी अलग मकान में ले जाता है। नायरा को ये अच्छा नहीं लगता है। एक दिन नायरा को कुछ लुटेरे जख्मी कर देते हैं, इसके बाद कार्तिक और नायरा वापस गोयंका निवास में लौट जाते हैं। कुछ दिनों बाद, नायरा उस आदमी से मिलती है जिसका भाई अपनी माँ की हत्या के लिए जेल में है और नायरा को यह पता चलता है कि अक्षर की दुर्घटना मानसी (कार्तिक की चचेरी बहन) के कारण हुई थी। यह समाचार सिंघानिया हाऊस तक पहुंचता है और सिंघानिया परिवार यह खबर सुनकर दुखी हो जाता है। गोयनका माफी मांगने आते हैं। नायरा पहले तो कार्तिक से बहुत दुखी और गुस्से होती है, लेकिन वह बाद में समझ जाती है कि यह कार्तिक की गलती नहीं है। वह अक्षरा के दुर्घटना के केस को वापस ले लेती है और मानसी को माफ कर देती है। कार्तिक के जन्मदिन पर, कार्तिक को पता चलता है कि आदित्य (कार्तिक का जीजा) कीर्ति (कार्तिक की बहन) को यातना देता है और कीर्ति के ऊपर अत्याचार करता है। कार्तिक आदित्य के इस सच को सभी के सामने लाने का निर्णय कर लेता है। नायरा के साथ मिलकर कार्तिक उसे बेनकाब करने का फैसला करता है। आखिरकार, आदित्य की सच्चाई सबके सामने आ जाती है और कीर्ति और आदित्य का तलाक हो जाता है। सुहासिनी गोयनका (कार्तिक की दादी) कीर्ति के लिए एक उपयुक्त वर खोजना चाहती हैं और बाद में नक्ष और कीर्ति की शादी करवाने के लिए नायरा को मजबूर करती है। नक्ष नायरा की खुशी के लिए यह प्रस्ताव स्वीकार कर लेता है। दोनों परिवार शादी की तैयारियों में लग जाते हैं। नक्ष और कीर्ति शादी कर लेते हैं। मनीष (कार्तिक के पिता) और सौम्या गोयनका (कार्तिक की सौतेली माँ) के बारे में एक और समांतर कहानी प्रकट होती है। सौम्या एक मानसिक रोगी थीं और बहुत समय पहले आत्महत्या कर चुके थीं। मनीष (कार्तिक के पिता) ने सौम्या को अपना वादा रखते हुए यह सच सबसे छिपाकर रखा था। बाद में, कार्तिक मनीष के बारे में सच्चाई जान जाता है और उसके और उसके पिता के बीच की सारी गलतफहमियां दूर हो जातीं हैं।

समांतर कहानियाँ[संपादित करें]

अक्षरा और नैतिक की कहानियों के साथ समानांतर, उनके संबंधित भाई बहनों की कहानियां भी श्रृंखला में महत्वपूर्ण कहानियाँ बनाती हैं। नैतिक की बहनों नंदिनी और रश्मि के जीवन के आसपास पिछले कहानियाँ बनाइ गईं थीं। श्रृंखला ने नैतिक के सौतेले भाई बहनों पर भी ध्यान केंद्रित किया था। इस श्रृंखला में वर्षा-शौर्य की कहानी अक्षरा-नैतिक की कहानी के समान थी। वर्षा अक्षरा की सबसे अच्छा दोस्त थी, और शौर्य अक्षरा के बड़े भाई थे।

कई लीप के बाद, नायरा और कार्तिक शो की लीड बन गए। कार्तिक और नायरा की कहानी के साथ समानांतर, श्रृंखला उनके भाई-बहन - नक्ष, गायू, कीर्ति और शुभम की कहानी पर केंद्रित है। बाद मे, गायू को शो से हटा दिया जाता है और शुभम मर जाता है। तब समानंतर कहानी मे नक्ष और कीर्ति की शादीशुदा जिन्दगी को दर्शाया जाता है।

कलाकार[संपादित करें]

मुख्य कलाकार[संपादित करें]

  • शिवांगी जोशी - नायरा कार्तिक गोयनका / नायरा नैतिक सिंघानिया - कार्तिक की पत्नी, नैतिक-अक्षरा की बेटी (2016-वर्तमान)
  • मोहसिन खान - कार्तिक मनीष गोयनका, नायरा के पति (2016-वर्तमान)
  • मोहेना सिंह - कीर्ति नक्ष सिंघानिया / कीर्ति मनीष गोयनका - नक्ष की पत्नी और कार्तिक की बहन (2016-वर्तमान)
  • ऋषि देव - नक्ष नैतिक सिंघानिया - कीर्ति के पति, नैतिक-अक्षरा के पुत्र, नायरा के भाई (2017-वर्तमान)

अतिरिक्त कलाकार[संपादित करें]

  • संजीव सेठ - विशमभरनाथ महेश्वरी - अक्षरा के पिता, नायरा के नाना जी (नानू) (2009-वर्तमान)
  • लता साभरवाल - राजर्षि विशमभरनाथ महेश्वरी - अक्षरा की माँ, नायरा की नानी (2009-वर्तमान)
  • संदीप मेहता - राज शेखर सिंघानिया, नैतिक के पिता, अक्षरा के ससुर, नायरा के दादा (दादाजी) (2009-वर्तमान)
  • मेधा संबुतकर - कावेरी महेंद्र प्रताप सिंघानिया - नैतिक की भाभी माँ, नंदिनी की माँ, नायरा के पैतृक दादी (बड़ी दादी) (2009-वर्तमान)
  • कीर्ति सुऐली - बाईसा, नैतिक की बुआ, नायरा के पैतृक ग्रैंड आन्ट (बुआ दादी) (2010-वर्तमान)
  • क्षीति जोग - देवयानी राज शेखर सिंघानिया, राज शेखर की दूसरी पत्नी, नायरा की दादी (छोटा दादी) (2014-वर्तमान)
  • अर्ना शर्मा - मिश्ती नमन सिंघानिया, नायरा के चचेरी बहन, नमन-करिश्मा की बेटी (2015-वर्तमान)
  • अली हसन - अखिलेश गोयनका, कार्तिक के पैतृक चाचा (चाचु) (2016-वर्तमान)
  • शिल्पा रायजादा - सुरेखा गोयनका, अखिलेश की पत्नी, कार्तिक की चाची (चाची) (2016-वर्तमान)
  • विशाल सिंह - नैतिक राज शेखर सिंघानिया - अक्षरा के पति, नक्ष-नायरा के पिता (2016-वर्तमान)
  • पारुल चौहान - सुवर्णा मनीष गोयनका, कीर्ति और कार्तिक की सौतेली माँ (2016-वर्तमान)
  • सचिन त्यागी - मनीष गोयनका, कार्तिक और कीर्ति के पिता (2016-वर्तमान)
  • स्वाती चिटनिस - सुहासिनी गोयनका, कार्तिक की दादी (दादी) (2017-वर्तमान)

पूर्व कलाकार[संपादित करें]

  • कांची सिंह - गायत्री निखिल देवड़ा, नायरा के चचेरे भाई रश्मि-निखिल की बेटी, समीर की सौतेली बेटी (2016-2017)
  • गौरव वाधवा - शुभम मनीष गोयनका (आर्यन), सुवर्ण और मनीष का बेटे (मृत) (2017-18)

पुरस्कार[संपादित करें]

ये रिश्ता क्या कहलाता है भारत का एक सर्वाधिक पुरस्कार प्राप्त हिंदी धारावाहिक है। जिसके पुरस्कारों की सूची निम्नानुसार है।

ये रिश्ता क्या कहलाता है पुरस्कार और नामांकन

पुरस्कार और नामांकन
पुरस्कार जीते नामांकन
स्टार परिवार पुरस्कार
30 43
ज़ी गोल्ड पुरस्कार
15 16
भारतीय टेली पुरस्कार
3 6
भारतीय टेलीविज़न अकादमी पुरस्कार
4 4
बिग स्टार एंटरटैनमेंट पुरस्कार
3 1
लायन्स गोल्ड पुरस्कार
7 2
गर्व भारतीय टीवी पुरस्कार
35 1
फिक्की एक्सेलेन्स पुरस्कार
3
बिग स्टार यंग एंटरटैनर पुरस्कार
1
कुल
पुरस्कार मिले 101
नामांकन हुआ 113


स्टार परिवार पुरस्कार

वर्ष श्रेणी प्राप्त करने वाले परिणाम
2009 पसंदीदा माँ सोनाली वर्मा जीत[1]
पसंदीदा देवरानी
पसंदीदा नया सदस्य (पुरुष) करन मेहरा
पसंदीदा नया सदस्य (स्त्री) हिना खान
पसंदीदा योग्य जोड़ी हिना खान – करन मेहरा
पसंदीदा बुजुर्ग विनीता मलिक
पसंदीदा सास
पसंदीदा भाभी पूजा जोशी
पसंदीदा जेठानी मेधा समबूतकर
विशेष सम्मान राजन शाही
2010 पसंदीदा बेटी हिना खान जीत[2]
पसंदीदा पत्नी
पसंदीदा माँ लता सभरवाल
पसंदीदा पिता संजीव सेठ
पसंदीदा जेठानी मेधा समबूतकर
पसंदीदा परिवार ये रिश्ता क्या कहलाता है
विशेष सम्मान राजन शाही
2011 पसंदीदा भाभी हिना खान जीत[3]
सबसे स्टायलिश सदस्य (स्त्री)
पसंदीदा पति करन मेहरा
पसंदीदा ससुर संजीव सेठ
पसंदीदा जोड़ी हिना खान – करन मेहरा
पसंदीदा सीरियल राजन शाही
2012 पसंदीदा बेटी हिना खान जीत[4]
सबसे स्टायलिश अभिनेत्री
पसंदीदा बेटा करन मेहरा
पसंदीदा ससुर संजीव सेठ
पसंदीदा भाभी पूजा जोशी
2013 पसंदीदा भाभी हिना खान जीत[5]
पसंदीदा पत्नी
पसंदीदा पिता करन मेहरा
पसंदीदा छोटा सदस्य शिवांश कोटिया
पसंदीदा भाभी पूजा जोशी
1000 एपिसोड पूरे करने पर राजन शाही
2014 पसंदीदा माँ हिना खान जीत[6]
पसंदीदा परिवार ये रिश्ता क्या कहलाता है
पसंदीदा पिता करन मेहरा
पसंदीदा छोटा सदस्य शिवांश कोटिया
2015 पसंदीदा माँ हिना खान जीत[7]
पसंदीदा भाभी पूजा जोशी
पसंदीदा पति करन मेहरा
पसंदीदा नया सदस्य (पुरुष) रोहन मेहरा
पसंदीदा ससुर संदीप मेहता
सबसे लंबा चलने वाला कार्यक्रम राजन शाही
2016 पसंदीदा छोटा सदस्य अशनूर कौर जीत
2017 इस वर्ष की पसंदीदा जोड़ी मोहसीन खान - शिवांगी जोशी जीत[8]
पसंदीदा पति मोहसीन खान
पसंदीदा पत्नी शिवांगी जोशी
पसंदीदा ससुर विशाल सिंह

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "2009 Star Parivaar Awards". awardsandwinners.com. अभिगमन तिथि 11 May 2016.
  2. "2010 Star Parivaar Awards". awardsandwinners.com. अभिगमन तिथि 11 May 2016.
  3. "2011 Star Parivaar Awards". awardsandwinners.com. अभिगमन तिथि 11 May 2016.
  4. "2012 Star Parivaar Awards". awardsandwinners.com. अभिगमन तिथि 11 May 2016.
  5. "2013 Star Parivaar Awards". awardsandwinners.com. अभिगमन तिथि 11 May 2016.
  6. "2014 Star Parivaar Awards". awardsandwinners.com. अभिगमन तिथि 11 May 2016.
  7. "Star Parivaar Awards 2015 on 14th June 2015 – Winners List and Event's Snapshot". tellyreviews.com. अभिगमन तिथि 11 May 2016.
  8. "Star Parivaar Awards 2017: Complete list of Winners". tv-fanclub.com. अभिगमन तिथि 15 May 2017.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]