अशोक सिंघल

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अशोक सिंघल

जन्म २७ सितम्बर १९२६[1]
भारत
मृत्यु 17 नवम्बर 2015(2015-11-17) (उम्र 89)
राष्ट्रीयता भारतीय
पेशा सामाजिक कार्यकर्ता
धर्म हिन्दू

अशोक सिंघल (१९२६ - २०१५) हिन्दू संगठन विश्व हिन्दू परिषद के २० वर्षों तक अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। दिसंबर २०११ [2] में बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण उन्हें अपना स्थान छोड़ना पड़ा और प्रवीण तोगड़िया ने उनका स्थान लिया।[3] आज वि॰हि॰प॰ की जो वैश्विक ख्याति है, उसमें अशोक सिंघल का योगदान सर्वाधिक है।[4] अशोक सिंघल परिषद के काम के विस्तार के लिए विदेश प्रवास पर भी जाते रहे। वे आजीवन अविवाहित रहे।

जीवन परिचय[संपादित करें]

अशोक सिंघल जी का जन्म 15 सितम्बर 1926 को आगरा के अग्रवाल परिवार में हुआ। उनके पिता एक सरकारी दफ्तर में कार्यरत थे। १९४२ में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े।उन्होने १९५० में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (अब, आई आई टी) से धातुकर्म में इंजीनियरिंग पूरी की। इसके पश्चात इंजीनियर की नौकरी करने के बजाये उन्होंने समाज सेवा का मार्ग चुना और आगे चलकर आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बन गये। उन्होंने उत्तर प्रदेश और आस-पास की जगहों पर आरएसएस के लिये लंबे समय के लिये काम किया और फिर दिल्ली-हरियाणा में प्रांत प्रचारक बने।

1975 से 1977 तक देश में आपातकाल और संघ पर प्रतिबन्ध रहा। इस दौरान अशोक सिंघल इंदिरा गांधी की तानाशाही के विरुद्ध हुए संघर्ष में लोगों को जुटाते रहे। आपातकाल के बाद वे दिल्ली के प्रान्त प्रचारक बनाये गये। 1981 में डा. कर्ण सिंह के नेतृत्व में दिल्ली में एक विराट हिन्दू सम्मेलन हुआ; पर उसके पीछे शक्ति अशोक सिंघल और संघ की थी। उसके बाद अशोक सिंघल को विश्व हिन्दू परिषद् के काम में लगा दिया गया।

इसके बाद परिषद के काम में धर्म जागरण, सेवा, संस्कृत, परावर्तन, गोरक्षा आदि अनेक नये आयाम जुड़े। इनमें सबसे महत्त्वपूर्ण है श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आन्दोलन, जिससे परिषद का काम गाँव-गाँव तक पहुँच गया। इसने देश की सामाजिक और राजनीतिक दिशा बदल दी।

गूगल पर बीजेपी, संघ और मोदी विरोधी धर्म निर्पेक्ष टाइप  लोगों  ने बीजेपी और संघ के टाप क्लास नेताओ के बारे में कुछ अनगर्ल बातें डाल रखा है  और  कई पढे लिखे भोले सरल मूर्ख किस्म के लोग  भी उसे सही मान लेते हैं और ये आज से नहीं 2011 से गूगल पर या विकिपिडीया  पर डाला है !!

ऐसे ही झूठ बातों से  कई लोग विश्वास कर जाते हैं ! खासकर वो लोग जो दहेज का सोच कर परेशान रहते हैं और मेहर का पाकर खुश या फिर कुछ विधर्मी गरीब बस्तियों में रहने वाली पढी लिखी स्मार्ट हिंदू कन्याओ को अपने जाल में फसाने के लिये इस तरह के झूठी सामग्री का प्रचार करके अपने जाल में फंसाते हैं !! इसलिये सावधान रहे और इसे शेयर करें !

वो झूठ बातें क्या है ? आइये देखें !!

[1] प्रवीन तोगडीया विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष  उनकी बेटी का विवाह मुस्लिम से हुआ  है --- ये एकदम गलत और झूठ है। तोगडीया जी कैसर स्पेशलिस्ट रहे हैं। 13 साल प्रक्टीस की उन्होने!  उनका अपना अस्पताल था और जो  400 करोड की किमत का हास्पीटल अहमदाबाद में जो उन्होने दान दे दिया। वो गेरुआ वस्त्र  धारण किये बिना ही सन्यास ले चुके हैंऔर अहमदाबाद प्रवास में भी  अपने घर पर कभी नहीं जाते ! वो पटेल है पाटीदार ! तोगडीया लिखते हैं। उनकी बेटी का विवाह बहुत ही सम्पन्न हिंदू घराने में हुआ है।

[2] आडवाणी जी का दामाद  मुस्लमान है – ये भी गलत प्रचार है उनकी बेटी है पत्रकार जो उनके साथ रहती है देखते होंगे आप टी वी पर. 

[3] मुरली मनोहर जोशी के दामाद नकवी और शाहनवाज है --  मुरली मनोहर जोशी जी की दो बेटीया है। हीजोशी जी अपना शोधपत्र हिन्दी भाषा में प्रस्तुत करने वाले देश के प्रथम शोधार्थी हैं। फिजिक्स में डाक्ट्रेट रहे हैं वो इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे और वीपी सिंग प्रधानमंत्री को बीएससी में पढाया है उन्होने ! बाद में वे राष्ट्रीय राजनीति में आ गये।  शानवाज हुसैन दरभंगा से पालीटेकनिक में मैकेनिकल इंजीनियरींग का डिप्लोमा  किया हुआ है और भागल पुर का रहना वाला है बेहद गरीब मुसलिम परिवार से है। मुसलमानों  की वोट के लिये उमा भारती  ने उसे दरभंगा से चुनाव का टिकिट दिलवाया लोकसभा का बाजपेई  जी के टाइम में वो जीत गया किस्मत साथ दे गई।  मंत्री बना  दिया ! शाहनवाज की पत्नी का नाम रेनु यादव शर्मा (ब्राह्मण) है !

[4] मुख्तार अब्बस नकवी अशोक सिंघल का दामाद है – यह भी झूठ है अशोक सिंघल जी मेट्रोलोजिकल इंजीनियर थे सम्पन्न घराने से है अनमैरीड रहे हैं। उनके एक भाई डीजीपी रहे हैं पुलिस महकमे में !! घर परिवार में कई उच्च स्तरीय अधिकारी रहे हैं। जबकि मुखतार तो पहली बार सांसद 1998 में बना ! अब खुद ही सोच लें क्या एक उच्च कोटि का हिंदू जो संसार में जाना माना प्रतिष्ठित है वो नकवी को दामाद बनायेगा ? असल में ऐसा झूठ दिखाकर कि देखो ये चीज नैट में है गूगल पर भी है कहकर लव जिहाद को बढावा देने का हथियार  बना डालते हैं और कई निर्धन लालची हिंदू गरीबो की पढी लिखी कन्या को बहका कर ले जाते हैं। इसलिये सावधान रहें.

[5] मोहन भागवत सर संघ चालक उनका दामाद भी मुस्लिम  है -  मोहन भागवत  अविवाहित है संघ  को समर्पित है।

[6] बाल ठकरे का दामाद मुस्लिम है – बाल ठाकरे जी की कोई बेटी नहीं है उनके तीन पुत्र हुये बिंदुमाधव, उद्धव और जईदेव !! अब इतना बड़ा षडयंत्र करके लोगो को मूर्ख बनाया जाता है उन हिंदू लोगो को जो बेचारे शहरो की झुग्गी झोपडी या बस्ती में रहते हैं और बड़े सपने दिखा कर मुस्लिमों से निकाह कर लेती है बंगाली जादू टोने के असर से !! अत: सावधान !

[7] उर्मिला मातोंडकर भगवत जी की भतीजी है और मुस्लामान से निकाह की --  जबकि इसके पिता का नाम शिवेंद्र सिह और मा का नाम रुक्साना सुल्तान है अब ये  कहां से किस एंगल से भतीजी हो गई ??

[8] डा. सुब्रह्मनियम स्वामी का दामाद मुस्लिम है – उनकी दो पुत्रीया है और छोटी बेटी ने विवाह पारसी से किया है न कि मुस्लिम से !  

राम जन्मभूमि आन्दोलन[संपादित करें]

1984 में दिल्ली के विज्ञान भवन में एक धर्म संसद का आयोजन किया गया। सिंघल इस के मुख्य संचालक थे। यहीं पर राम जन्मभूमि आंदोलन की रणनीति तय की गई। यहीं से सिंघल ने पूरी योजना के साथ कारसेवकों को अपने साथ जोड़ना शुरू किया। उन्होने देश भर से 50 हजार कारसेवक जुटाये। सभी कारसेवकों ने राम जन्म भूमि पर राम मंदिर स्थापना करने की कसम देश की प्रमुख नदियों के किनारे खायी। 1992 में विवादित ढाँचा तोड़ने वाले कारसेवकों का नेतृत्व सिंघल ने ही किया था।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "One dies in police firing in Hubli". The Hindu. 15 Sep 2001.
  2. "Veteran VHP leader Ashok Singhal replaced as VHP Int.president". Kochi: Indian Express. Press Trust of India. 20 December 2011. अभिगमन तिथि 2012-03-26.
  3. "Change in VHP sweet for Sangh". Kolkata: The Telegraph. 20 December 2011. अभिगमन तिथि 2012-03-26. |first1= missing |last1= in Authors list (मदद)
  4. विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल