हिन्दुत्व

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
(हिंदुत्व से अनुप्रेषित)
Jump to navigation Jump to search

भारत के उच्चतम न्यायालय के अनुसार हिन्दुत्व कोई उपासना पद्धति नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है। वीर सावरकर ने हिन्दुत्व और हिन्दू शब्दों की जो परिभाषा दी थी वह यह यह है कि हिन्दू वो व्यक्ति है जो भारत को अपनी पितृभूमि और अपनी पुण्यभूमि दोनो मानता है। हिन्दू धर्म को सनातन, वैदिक या आर्य धर्म भी कहते हैं।

हिंदुत्व आन्दोलन के प्रमुख विचार[संपादित करें]

हिन्दुत्ववादी कहते हैं कि हिन्दू शब्द के साथ जितनी भी भावनाएं और पद्धतियाँ, ऐतिहासिक तथ्य, सामाजिक आचार-विचार तथा वैज्ञानिक व आध्यात्मिक अन्वेषण जुड़े हैं, वे सभी हिन्दुत्व में समाहित हैं। हिन्दुत्व शब्द केवल मात्र हिन्दू जाति के कोरे धार्मिक और आध्यात्मिक इतिहास को ही अभिव्यक्त नहीं करता। हिन्दू जाति के लोग विभिन्न मत मतान्तरों का अनुसरण करते हैं। इन मत मतान्तरों व पंथों को सामूहिक रूप से हिन्दूमत अथवा हिन्दूवाद नाम दिया जा सकता है। आज भ्रान्तिवश हिन्दुत्व व हिन्दूवाद को एक दूसरे के पर्यायवाची शब्दों के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। यह चेष्टा हिन्दुत्व शब्द का बहुत ही संकीर्ण प्रयोग है। हिन्दुत्ववादियों के अनुसार हिन्दुत्व किसी भी धर्म या उपासना पद्धति के ख़िलाफ़ नहीं है।

आलोचना और समर्थन[संपादित करें]

वर्तमान में हिंदुत्व के नाम पर सिर्फ हिन्दू धर्म को मानना ही हिन्दुत्व कहलाता है परन्तु इसकी परिभाषा इससे भी कही ज्यादा विस्त्रित है। वर्तमान में साम्यवादियों एवं सर्क्युलर वादियों द्वारा हिंदूओं के चरमपंथियो या कट्टरपंथी होने के आरोप लगाये जा रहे हैं क्योंकि वर्तमान मे गाय जो हिन्दुओं मे पूजनीय है कि बीफ के लिये हत्या (जो भारत में बैन) है होने के कारण लोगों द्वारा गौतस्करों एवं गौहत्यारों को पीटा गया है जिसमें कई बार गौतस्करी एव् गौहत्या के आरोप महज अफ़वाह थे। उत्तर प्रदेश के दादरी में 52 वर्षीय एक बुजुर्ग को पीट पीट कर मार डाला.[1] 2017 में झारखंड के रामगढ़ में कथित तौर पर गोमांस (बीफ) के शक में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर एक व्यक्ती को मार डाला गया.[2]

सन्दर्भ[संपादित करें]