सोआ
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| सोया | |||||||||||||||||
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| वैज्ञानिक वर्गीकरण | |||||||||||||||||
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| द्विपद नाम | |||||||||||||||||
| ऍनथम ग्रॅविओलॅन्स लिनेअस |
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सोआ या सोया (एनेथम ग्रेवोलेंस) एक लघु बारहमासी जड़ीबूटी है। यह जीनस एनेथम की एकमात्र प्रजाति है, हालांकि कुछ वनस्पति विज्ञानियों द्वारा इसे एक संबंधित जीनस प्यूसीडेनम ग्रेवोलेंस (एल) सी बी क्लार्क में वर्गीकृत किया जाता है। पाश्चात्य देशों में इसका इस्तेमाल अधिक है। भारत में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है परन्तु सीमित मात्रा में, जैसे उत्तर प्रदेश में मेथी के पत्तों की सब्ज़ी के साथ सोया भी डालने का प्रचलन है। पैदावार के इलाके के अनुसार यह पौधा सदाबहार या मौसमी हो सकता है।
यह 40-60 सेमी (16-24 इंच) की उंचाई तक बढ़ता है। इसका तना पतला और पत्तियां प्रत्यावर्ती, विभाजित और कोमल होती है जिनकी लम्बाई 10-20 सेमी (3.9-7.9 इंच) तक होती है। फूल पीले से सफेद होते हैं।
सोआ के बीज एक मसाले के रूप में इस्तेमाल किये जाते हैं, और उसकी ताजा या सूखी पत्तियां का खाने में और जड़ी बूटी के रूप में उपयोग किया जाता है।