साइना नेहवाल

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साइना नेहवाल
Saina Nehwal-During-A-Match.jpg
एक बैडमिंटन मैच के दौरान रिटर्न करतीं साइना नेहवाल
व्यक्तिगत जानकारी
जन्म नाम साइना नेहवाल
जन्म 17 मार्च 1990 (1990-03-17) (आयु 25)
हिसार, हरियाणा [1]
निवास हैदराबाद, आन्ध्र प्रदेश
ऊँचाई 1.65 मी (5 फ़ुट 5 इंच)
वजन 60 किलो (130 एलबी)
राष्ट्र Flag of India.svg भारत
हाथ का इस्तेमाल दायाँ हाथ
महिला एकल
उच्चतम वरीयता [2] (२९ मार्च २०१५)
वर्तमान वरीयता [2] (२९ मार्च २०१५)
खिताब १६ (सुपर सीरीज और ग्रैंड प्रिक्स)
(बीडबल्युएफ प्रालेख) बीडबल्युएफ प्रालेख

साइना नेहवाल (जन्म:१७ मार्च, १९९०) भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। वर्तमान में वह दुनिया की शीर्ष वरीय खिलाडी हैं तथा इस मुकाम तक पहुँचने वाली वे प्रथम भारतीय महिला हैं।[2][3] लंदन ओलंपिक २०१२ मे साइना ने इतिहास रचते हुए बैडमिंटन की महिला एकल स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। बैडमिंटन मे ऐसा करने वाली वेभारत की पहली खिलाङी हैं। २००८ में बीजिंग में आयोजित हुए ओलंपिक खेलों मे भी वे क्वार्टर फाइनल तक पहुँची थी। वह बीडबल्युएफ विश्व कनिष्ठ प्रतियोगिता जीतने वाली पहली भारतीय हैं।

साइना भारत सरकार द्वारा पद्म श्री और सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित हो चुकीं हैं।

परिचय[संपादित करें]

साइना का जन्म १७ मार्च १९९० को हिसार, हरियाणा के एक जाट परिवार मे हुआ था। इनके पिता का नाम डॉ॰ हरवीर सिंह नेहवाल और माता का नाम उषा नेहवाल है। साइना साईं के नाम से बना है।[4] सायना ने शुरुआती प्रशि‍क्षण हैदराबाद के लाल बहादुर स्‍टेडि‍यम में कोच नानी प्रसाद से प्राप्त कि‍या। माता-पि‍ता दोनो के बैडमिंटन खि‍लाड़ी होने के कारण सायना का बैडमिंटन की ओर रुझान शुरु से ही था। पि‍ता हरवीर सिंह ने बेटी की रुचि को देखते हुए उसे पूरा सहयोग और प्रोत्‍साहन दि‍या।

सायना अब तक कई बड़ी उपलब्धियाँ अपने नाम कर चुकी हैं। वे विश्व जूनियर बैडमिंटन चैंपियन रह चुकी हैं। ओलिम्पिक खेलों में महिला एकल बैडमिंटन के क्वार्टरफाइनल तक पहुँचने वाली वे देश की पहली महिला खिलाड़ी हैं। उन्‍होंने 2006 में एशि‍यन सैटलाइट चैंपि‍यनशि‍प भी जीती है।

उन्होंने 2009 में इंडोनेशिया ओपन जीतते हुए सुपर सीरिज बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया, यह उपलब्धि उनसे पहले किसी अन्य भारतीय महिला को हासिल नहीं हुई। दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया |

वर्ष 2015 में नई दिल्ली को योनेक्स सनराइज इंडिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में विश्व चैम्पियन जापान की युई हाशिमोतो को 44 मिनट में 21-15,21-11 से हराने के साथ ही दुनिया की शीर्ष वरीय खिलाड़ी बनी और फाइनल मैच में थाईलैंड की रत्चानोक इंतानोन को हराकर 29 मार्च 2015 को योनेक्स सनराइज इंडिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट की महिला एकल ख़िताब की विजेता बनीं।

अप्रैल २०१५ में आधिकारिक रूप से उनकी विश्व रैंकिंग १ घोषित की गई। इस मुकाम तक पहुँचने वाली वे प्रथम भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।[2][3]

पेशेवर जीवन[संपादित करें]

२००६-२००९[संपादित करें]

2006 में, सायना अंडर 19 राष्ट्रीय चैंपियन बनी और दो बार प्रतिष्ठित एशियन सैटेलाइट बैडमिंटन टूर्नामेंट (इंडिया चैप्टर) जीतकर इतिहास बनाया। वह ऐसा करने वाली पहली खिलाड़ी बनी। 2006 में वह एक 4 सितारा टूर्नामेंट, फिलीपींस ओपन जीतने वाली दूसरे भारतीय महिला बनीं और तभी से वह वैश्विक परिदृश्य पर छा गयीं। [5] 86 वें वरीयता वाली सायना ने टूर्नामेंट में प्रवेश कर, खिताब के लिए मलेशिया की जूलिया वोंग पेई जियान को हराने से पहले दुनिया की नंबर चार जू हुआवे और कई शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों को अचेत करती चली गयी। उसी वर्ष सायना शीर्ष वरीय चीनी खिलाडी वांग यिहान के खिलाफ एक कठिन लड़ाई लड़ी लेकिन हार गए और 2006 बीडब्ल्युएफ विश्व कनिष्ठ बैडमिंटन प्रतियोगिता की उपविजेता बनीं। वह नौवीं वरीयता प्राप्त जापानी सायाका सातो को 21-9 21-18 हरा कर 2008 विश्व कनिष्ठ बैडमिंटन प्रतियोगिता जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।

एक बेहद ही रोमांचक तीन गेम के मुकाबले में चतुर्थ वरीय विश्व की पाँचवीं श्रेष्ठ खिलाडी हाँग काँग की वाँग चेन को हराकर ओलम्पिक खेल के क़्वार्टर फाइनल में पहुचने वाली वो प्रथम भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाडी बन गयीं। क़्वार्टर फाइनल में वह १६वीं वरीयता प्राप्त मारिया क्रिस्टीन युलिआंती से एक बेहद कडे मुकाबले में हार गयीं। सितम्बर २००८ में उन्होंने मलेशिया की लीदिया चिया ली या को 21–8 21–19 से हराकर योनेक्स चाईनीज़ ताईपे ओपेन का खिताब जीता।[6] साइना को २००८ में मोस्ट प्रॉमिसिंग प्लेयर का खिताब दिया गया।[7]इसके बाद दिसम्बर २००८ में वह विश्व सुपर सीरीज़ के सेमीफाइनल तक पहुँच गयीं।[8]

२१ जून २००९ को इंडोनेसिया ओपेन जीतकर वह विश्व की सबसे प्रतिष्ठित बी डब्ल्यु एफ सुपर सीरीज जीतने वाली पहली महिला भारतीय खिलाडी बन गयीं।[9] उन्होंने फाइनल में चीन की वाँग लिन को १२-२१, २१-१८, २१-९ से हराया।

संदर्भ[संपादित करें]

उद्धृत
  1. "प्रोफाईल: साइना नेहवाल". ओलंपिक गोल्ड क़्वेस्ट. 2010-09-24. http://www.olympicgoldquest.in/saina-nehwal-2/. अभिगमन तिथि: २०१५-०४-०३. 
  2. "बी.डबल्यु.एफ़ वर्ल्ड रैंकिंग्स - बी.डबल्यु.एफ़". Bwfbadminton.org. http://www.bwfbadminton.org/ranking.aspx?id=70&dt=4. अभिगमन तिथि: २०१५-०४-०२. 
  3. "साइना नेहवाल बन गईं नंबर 1, पहली बार भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी का नाम सबसे ऊपर". नवभारत टाईम्स. 2 अप्रैल, 2015. http://khabar.ndtv.com/news/sports/world-no-1-saina-nehwal-751701. अभिगमन तिथि: 4 अप्रैल, 2015. 
  4. साइना नेहवाल का साक्षात्कार
  5. साइना ने इतिहास बनाया, फिलीपींस ओपन जीती।– The Hindu दिनांक-29 May 2006
  6. साइना ने जीता चाईनीज़ ताईपे ओपेन
  7. मोस्ट प्रॉमिसिंग प्लेयर 2008
  8. साइना विन्स प्रेज़ेज बट नो प्राइज़ मनी
  9. साइना नेहवाल ने जीता इंडोनेसिया ओपेन
सामान्य

बाहरी सूत्र[संपादित करें]