साइना नेहवाल

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साइना नेहवाल
Saina-sideview.jpg
बैंगलोर में लिया गया साइना नेहवाल का चित्र।
व्यक्तिगत जानकारी
जन्म नाम साइना नेहवाल
जन्म 17 मार्च 1990 (1990-03-17) (आयु 25)
हिसार, हरियाणा [1]
निवास हैदराबाद, आन्ध्र प्रदेश
ऊँचाई 1.65 मी (5 फ़ुट 5 इंच)
वजन 60 किलो (130 एलबी)
राष्ट्र Flag of India.svg भारत
हाथ का इस्तेमाल दायाँ हाथ
महिला एकल
उच्चतम वरीयता [2][3] (२३ मई २०१५)
वर्तमान वरीयता [3] (२३ मई २०१५)
खिताब १६ (सुपर सीरीज और ग्रैंड प्रिक्स)
(बीडबल्युएफ प्रालेख) बीडबल्युएफ प्रालेख

साइना नेहवाल (जन्म:१७ मार्च, १९९०) भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। वर्तमान में वह दुनिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त महिला बैडमिंटन खिलाडी हैं तथा इस मुकाम तक पहुँचने वाली वे प्रथम भारतीय महिला हैं।[3][2] साथ ही एक महीने में तीसरी बार प्रथम वरीयता पाने वाली भी वो अकेली महिला खिलाडी हैं। लंदन ओलंपिक २०१२ मे साइना ने इतिहास रचते हुए बैडमिंटन की महिला एकल स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। बैडमिंटन मे ऐसा करने वाली वेभारत की पहली खिलाङी हैं। २००८ में बीजिंग में आयोजित हुए ओलंपिक खेलों मे भी वे क्वार्टर फाइनल तक पहुँची थी। वह बीडबल्युएफ विश्व कनिष्ठ प्रतियोगिता जीतने वाली पहली भारतीय हैं। वर्तमान में वह शीर्ष महिला भारतीय बैडमिंटन खिलाडी हैं और भारतीय बैडमिंटन लीग में हैदराबाद हॉटशाट्स की तरफ से खेलती हैं।

साइना भारत सरकार द्वारा पद्म श्री और सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित हो चुकीं हैं।

परिचय[संपादित करें]

साइना का जन्म १७ मार्च १९९० को हिसार, हरियाणा के एक जाट परिवार मे हुआ था। इनके पिता का नाम डॉ॰ हरवीर सिंह नेहवाल और माता का नाम उषा नेहवाल है। साइना साईं के नाम से बना है।[4] सायना ने शुरुआती प्रशि‍क्षण हैदराबाद के लाल बहादुर स्‍टेडि‍यम, हैदराबाद में कोच नानी प्रसाद से प्राप्त कि‍या। माता-पि‍ता दोनो के बैडमिंटन खि‍लाड़ी होने के कारण सायना का बैडमिंटन की ओर रुझान शुरु से ही था। पि‍ता हरवीर सिंह ने बेटी की रुचि को देखते हुए उसे पूरा सहयोग और प्रोत्‍साहन दि‍या।

सायना अब तक कई बड़ी उपलब्धियाँ अपने नाम कर चुकी हैं। वे विश्व कनिष्ठ बैडमिंटन विजेता रह चुकी हैं। ओलिम्पिक खेलों में महिला एकल बैडमिंटन का काँस्य पदक जीतने वाली वे देश की पहली महिला खिलाड़ी हैं। उन्‍होंने 2006 में एशि‍याई सैटलाइट प्रतियोगिता भी जीती है।

उन्होंने 2009 में इंडोनेशिया ओपन जीतते हुए सुपर सीरीज़ बैडमिंटन प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया, यह उपलब्धि उनसे पहले किसी अन्य भारतीय महिला को हासिल नहीं हुई थी। दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया।

वर्ष 2015 में नई दिल्ली को योनेक्स सनराइज इंडिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में विश्व चैम्पियन जापान की युई हाशिमोतो को 44 मिनट में 21-15,21-11 से हराने के साथ ही दुनिया की शीर्ष वरीय खिलाड़ी बनी और फाइनल मैच में थाईलैंड की रत्चानोक इंतानोन को हराकर 29 मार्च 2015 को योनेक्स सनराइज इंडिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट की महिला एकल ख़िताब की विजेता बनीं।

अप्रैल २०१५ में आधिकारिक रूप से उनकी विश्व रैंकिंग १ घोषित की गई। इस मुकाम तक पहुँचने वाली वे प्रथम भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।[3][2]

पेशेवर जीवन[संपादित करें]

२००६-२००९[संपादित करें]

2006 में, सायना अंडर 19 राष्ट्रीय चैंपियन बनी और दो बार प्रतिष्ठित एशियन सैटेलाइट बैडमिंटन टूर्नामेंट (इंडिया चैप्टर) जीतकर इतिहास बनाया। वह ऐसा करने वाली पहली खिलाड़ी बनी। 2006 में वह एक 4 सितारा टूर्नामेंट, फिलीपींस ओपन जीतने वाली दूसरे भारतीय महिला बनीं और तभी से वह वैश्विक परिदृश्य पर छा गयीं। [5] 86 वें वरीयता वाली सायना ने टूर्नामेंट में प्रवेश कर, खिताब के लिए मलेशिया की जूलिया वोंग पेई जियान को हराने से पहले दुनिया की नंबर चार जू हुआवे और कई शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों को अचेत करती चली गयी। उसी वर्ष सायना शीर्ष वरीय चीनी खिलाडी वांग यिहान के खिलाफ एक कठिन लड़ाई लड़ी लेकिन हार गए और 2006 बीडब्ल्युएफ विश्व कनिष्ठ बैडमिंटन प्रतियोगिता की उपविजेता बनीं। वह नौवीं वरीयता प्राप्त जापानी सायाका सातो को 21-9 21-18 हरा कर 2008 विश्व कनिष्ठ बैडमिंटन प्रतियोगिता जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।

एक बेहद ही रोमांचक तीन गेम के मुकाबले में चतुर्थ वरीय विश्व की पाँचवीं श्रेष्ठ खिलाडी हाँग काँग की वाँग चेन को हराकर ओलम्पिक खेल के क़्वार्टर फाइनल में पहुचने वाली वो प्रथम भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाडी बन गयीं। क़्वार्टर फाइनल में वह १६वीं वरीयता प्राप्त मारिया क्रिस्टीन युलिआंती से एक बेहद कडे मुकाबले में हार गयीं। सितम्बर २००८ में उन्होंने मलेशिया की लीदिया चिया ली या को 21–8 21–19 से हराकर योनेक्स चाईनीज़ ताईपे ओपेन का खिताब जीता।[6] साइना को २००८ में मोस्ट प्रॉमिसिंग प्लेयर का खिताब दिया गया।[7]इसके बाद दिसम्बर २००८ में वह विश्व सुपर सीरीज़ के सेमीफाइनल तक पहुँच गयीं।[8]

२१ जून २००९ को इंडोनेशिया ओपन जीतकर वह विश्व की सबसे प्रतिष्ठित बी डब्ल्यु एफ सुपर सीरीज जीतने वाली पहली महिला भारतीय खिलाडी बन गयीं।[9] उन्होंने फाइनल में चीन की वाँग लिन को १२-२१, २१-१८, २१-९ से हराया।

२०१०[संपादित करें]

साइना ने सफलतापूर्वक 2010 उबर कप फाइनल के क्वार्टर फाइनल चरण के लिए भारतीय महिला टीम का नेतृत्व किया। साइना विजेता टिने रासमुसेन से हारने से पहले 2010 आल इंग्लैंड सुपर सीरीज के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। शीर्ष वरीयता प्राप्त साइना योनेक्स सनराइज बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2010 में चीन की गैरवरीय खिलाडी ली झुइरुई से हारने से पहले सेमीफाइनल तक पहुंच गईं। साइना के कोच गोपीचंद ने उन्हें घरेलू दर्शकों के भारी समर्थन का खुद पर बहुत अधिक दबाव ना लेने की सलाह दी। साइना ने मलेशिया की वोंग मिउ चू को 2010 इंडिया ओपन ग्रां प्री गोल्ड में हराकर टूर्नामेंट में अपनी शीर्ष वरीयता को न्यायोचित ठहरा दिया। इस बीडब्ल्युएफ ग्रां प्री गोल्ड टूर्नामेंट को जीतकर उन्होंने $ 8280 के पुरस्कार राशि जीत ली। नेहवाल सिंगापुर ओपन सुपर सीरीज 2010 में फिर से नंबर 1 वरीयता प्राप्त कर चीन की विश्व चैंपियन लू लान को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। साइना ने सिंगापुर ओपन के फाइनल में चीनी ताइपे की क्वालीफायर ताई जू यिंग को 21-18, 21-15 से हराकर अपने कैरियर का दूसरा सुपर सीरीज खिताब जीता। साइना ने इस बीडब्ल्युएफ सुपर सीरीज टूर्नामेंट को जीतकर 15,000 डॉलर की पुरस्कार राशि जीत ली और अपने कैरियर की शीर्ष वरीयता पर पहुँच गयी।[10] साइना ने जापान की सयाका सातो को एक कठिन खेल में 21-19 / 13-21 / 21-11 से हराकर अपने इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज खिताब का बचाव किया। यह उनका तीसरा सुपर सीरीज़ खिताब और इंडियन ओपन, सिंगापुर सुपर सीरीज के बाद लगातार तीसरा खिताब था।[11] उन्हे फिर से इस बीडब्ल्युएफ सुपर सीरीज टूर्नामेंट को जीतने के लिए $ 18,750 की शीर्ष पुरस्कार राशि मिली। 15 जुलाई 2010 को 64,791.26 अंक के साथ साइना नेहवाल केवल चीन की वांग यिहान से पीछे नंबर 2 पर अपने कैरियर के उच्चतम वरीयता पर पहुंच गईं। दूसरी वरीयता प्राप्त साइना टूर्नामेंट में पसंदीदा खिलाडी थी लेकिन सीधे सेटों में 8-21, 14-21 से चौथी वरीयता प्राप्त चीन की वांग शीझियान से हारकर पेरिस में हो रहे 2010 बीडब्ल्युएफ विश्व प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। हालांकि उन्होंने इस टूर्नामेंट में हैदराबाद में खेले गये अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी की लेकिन इस हार के बाद विश्व वरीयता में नंबर 3 पर पहुँच गईं।

२०११[संपादित करें]

२०१२-२०१३[संपादित करें]

२२ वर्ष की उम्र में अपने स्विस ओपन खिताब की सफलता पूर्वक रक्षा करते हुए साइना ने फाइनल में चीन की विश्व में दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाडी वांग शिझियान को २१-१९, २१-१६ से हराया।[12] १० जून २०१२ को उन्होंने थाइलैंड की रत्चानोक इंथेनॉन को १९-२१, २१-१५, २१-१० से हराकर थाइलैंड ओपन ग्राँड पिक्स गोल्ड खिताब अपने नाम किया। इसी वर्ष वह मलेशिया ओपन के सेमीफाइनल और कोरिया ओपन के क़्वार्टर फाइनल में पहुँची थी। अपने तीसरे इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज़ खिताब को जीतते हुए उन्होंने जून में विश्व की नंबर ३ खिलाडी ली झुइरुई को फाइनल में 13–21, 22–20 21–19 से हराया।[13] इस वर्ष की उनकी सबसे बडी सफलता ४ अगस्त २०१२ को २०१२ लंदन ओलम्पिक के महिला एकल के काँस्य पदक के रूप में सामने आई जब चीन की उनकी प्रतिद्वंदी वांग झिन ने चोट लगने की वजह से बीच मैच में अपना नाम वापस ले लिया।[14] इसके बाद अक्टूबर में जर्मनी की जुलियान को फाइनल में हराकर उन्होंने डेनमार्क ओपेन खिताब भी जीता।[15]

२०१४[संपादित करें]

२६ जनवरी २०१४ को विश्व प्रतियोगिता की काँस्य पदक विजेता पी वी सिंधु को हराकर साइना इंडिया ओपन ग्राँड पिक्स गोल्ड की विजेता बनी।[16] मार्च २०१४ में विश्व की चौथी वरीयता प्राप्त साइना चीन की वांग शिझियान से क़्वार्टर फाइनल में हारकर २०१० की आल इंगलैंड सुपर सीरीज प्रीमियर से बाहर हो गई।[17] २०१४ की ऑस्ट्रेलियन ओपेन सुपर सीरीज़ के सेमीफाइनल में शिझियान को हराकर उन्होंने आल इंगलैंड में हुई हार का बदला ले लिया। फाइनल में स्पेन की कैरोलिना मरीन को २१-१८, २१-११ से हराकर साइना ने ऑस्ट्रेलियन ओपेन सुपर सीरीज़ का खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत से वह विश्व में सातवें पायदान पर पहुँच गईं।[18] इसी तरह से चाइना ओपन सुपर सीरीज़ प्रीमियर में जापान की अकाने यामागुची को २१-१२, २२-२० से हराकर यह खिताब जीतने वाली वह पहली भारतीय महिला खिलाडी बनीं।

२०१५[संपादित करें]

स्पेन की कैरोलीना मरीन को फाइनल में 19-21, 25-23, 21-16 से हराकर पिछली विजेता साइना ने २०१५ का इंडिया ओपन ग्राँड पिक्स गोल्ड खिताब जीत लिया। इसके ठीक पहले आल इंगलैंड बैडमिंटन प्रतियोगिता के फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला बनते हुए साइना कैरोलिना से ही फाइनल में 21-16, 14-21, 7-21 से हार गयी थीं।[19] २९ मार्च २०१५ को थाइलैंड की रत्चानोक को इंडियन ओपन सुपर सीरीज़ के फाइनल में हराकर वह विश्व की शीर्ष वरीय महिला बैडमिंटन खिलाडी बन गईं।[20]

पेशेवर जीवन[संपादित करें]

एकल खेले जीती हारी अंतर
कुल 381 266 115 +113
वर्तमान वर्ष[कब?] 44 35 9 +28
युगल खेले जीते हारे अंतर
कुल 33 9 24 −13
वर्तमान वर्ष[कब?] 2 0 2 0

संदर्भ[संपादित करें]

उद्धृत
  1. "प्रोफाईल: साइना नेहवाल". ओलंपिक गोल्ड क़्वेस्ट. 2010-09-24. http://www.olympicgoldquest.in/saina-nehwal-2/. अभिगमन तिथि: २०१५-०४-०३. 
  2. "साइना नेहवाल बन गईं नंबर 1, पहली बार भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी का नाम सबसे ऊपर". नवभारत टाईम्स. 2 अप्रैल, 2015. http://khabar.ndtv.com/news/sports/world-no-1-saina-nehwal-751701. अभिगमन तिथि: 4 अप्रैल, 2015. 
  3. "बी.डबल्यु.एफ़ वर्ल्ड रैंकिंग्स - बी.डबल्यु.एफ़". Bwfbadminton.org. http://www.bwfbadminton.org/ranking.aspx?id=70&dt=4. अभिगमन तिथि: २०१५-०५-११. 
  4. साइना नेहवाल का साक्षात्कार
  5. साइना ने इतिहास बनाया, फिलीपींस ओपन जीती।– The Hindu दिनांक-29 May 2006
  6. साइना ने जीता चाईनीज़ ताईपे ओपेन
  7. मोस्ट प्रॉमिसिंग प्लेयर 2008
  8. साइना विन्स प्रेज़ेज बट नो प्राइज़ मनी
  9. साइना नेहवाल ने जीता इंडोनेसिया ओपेन
  10. SamayLive: Saina becomes World No3 [साइना बनीं विश्व नंबर ३]
  11. सुब्रमनियम, वी.वी (27 जुन 2010). "Saina Nehwal clinches third Super Series title [साइना ने तीसरा सुपर सीरिज़ खिताब जीता"]. द हिंदू (चेन्नई). http://www.thehindu.com/sport/article488769.ece. 
  12. "Saina Nehwal defends Swiss Open title [साइना ने बचाया स्विस ओपन खिताब]". टाइम्स ऑफ इंडिया. १८ मार्च, २०१२. http://timesofindia.indiatimes.com/sports/badminton/Saina-Nehwal-defends-Swiss-Open-title/articleshow/12318548.cms?. 
  13. पीटीआई (१७ जून, २०१२). "Saina Nehwal wins Indonesia Open [साइना जीता इंडोनेशिया ओपन]". एनडीटीवी. http://sports.ndtv.com/badminton/news/192008-saina-nehwal-wins-the-indonesia-open. 
  14. "Saina Nehwal: 2012 has been best year of my career [साइना नेहवाल: २०१२ मेरे कैरियर का सवश्रेष्ठ वर्ष रहा।"]. एनडीटीवी. २९ नवंबर २०१२. http://sports.ndtv.com/badminton/news/199952-saina-nehwal-2012-has-been-best-year-of-my-career. अभिगमन तिथि: ११-मई-२०१५. 
  15. [http://www.tournamentsoftware.com/sport/draw.aspx?id=C663F96C-BF88-4C6A-8CB6-92C0F567740C&draw=4 योनेक्स डेनमार्क ओपेन २०१२ के नतीज़े (अंग्रेज़ी में) ]
  16. "Saina Nehwal dedicates her Indian Open Title to Gopichand, Parents [साइना नेहवाल ने अपना इंडियन ओपेन खिताब अपने अभिभावकों व गोपीचंद के नाम किया।"]. आईएएनएस. बिहार प्रभा समाचार. http://news.biharprabha.com/2014/01/saina-nehwal-dedicates-her-indian-open-title-to-gopichand-parents/. अभिगमन तिथि: 27 जनवरी 2014. 
  17. विशाल कुंगवानी (Mar 8, 2014). "Saina Nehwal loses in the quarter-finals of the 2014 All England Badminton Championships - Sportskeeda [2014 आल इंगलैंड बैडमिंटन प्रतियोगिता के क़्वार्टर फाइनल में हारीं साइना नेहवाल"]. Sportskeeda.com. http://www.sportskeeda.com/badminton/saina-nehwal-loses-in-the-quarter-finals-of-the-2014-all-england-badminton-championships. 
  18. "Saina Nehwal wins Women’s Singles Tile of Australian Open 2014 [साइना नेहवाल ने जीता ऑस्ट्रेलियन ओपेन २०१४ का खिताब"]. आईएएनएस. news.biharprabha.com. http://news.biharprabha.com/2014/06/saina-nehwal-wins-womens-singles-tile-of-australian-open-2014/. अभिगमन तिथि: 29 June 2014. 
  19. "ऑल इंग्लैंड ओपन: फाइनल में हारीं सायना नेहवाल, स्पेन की कैरोलीना मरीन बनी चैंपियन". आज तक. aajtak.in. 8 मार्च 2015. http://aajtak.intoday.in/sports/story/saina-nehwal-loses-all-england-badminton-championship-against-carolina-marin-1-802439.html. अभिगमन तिथि: ११ मई २०१५. 
  20. "साइना बनीं दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी". बीबीसी. www.bbc.co.uk. 28 मार्च 2015. http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2015/03/150328_saina_nehwal_world_ranking_one_sr. अभिगमन तिथि: ११ मई २०१५. 
सामान्य

बाहरी सूत्र[संपादित करें]