मेल्पत्तूर नारायण भट्टतिरि

मुक्त ज्ञानकोष विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मेल्पत्तूर नारायण भट्टतिरि (मलयालम : മേല്‍പതതൂര്‍ നാരായണ ഭട്ടതിരി) (1559 –1632) भारतीय गणितज्ञ। वे अच्युत पिशरति के तृतीय शिष्य थे। वे गणितज्ञ वैयाकरण थे। 'प्रक्रिया सर्वस्वम्' उनकी सबसे महत्वपूर्न कृति है। यह कृति पाणिनि की सूत्रात्मक रीति से व्याख्या करती है। किन्तु उनकी 'नारायणीयम' नामक कृति सबसे प्रसिद्ध है जिसमें गुरुवयुरप्पन (कृष्ण) की स्तुति है। वर्तमान समय में भी इसका गुरुवयूर मन्दिर में पाठ किया जाता है।

[संपादित करें] बाहरी कड़ियाँ

वैयक्तिक औज़ार
नामस्थान

संस्करण
क्रियाएं
परिभ्रमण
योगदान
सहायता
उपकरण
मुद्रण/निर्यात
अन्य भाषाएँ