लगध

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

लगध ऋषि वैदिक ज्योतिषशास्त्र की पुस्तक वेदाङ्ग ज्योतिष के प्रणेता है। इनका काल १३५० ई पू माना जाता है। इस ग्रन्थ का उपयोग करके वैदिक यज्ञों के अनुष्ठान का समय निश्चित किया जाता था। इसे भारत में गणितीय खगोलशास्त्र पर आद्य कार्य माना जाता है। लगध ऋषि का एक प्रमुख नवोन्मेष तिथि (महीने का १/३०) का एक मानक समय मात्रक के रूप में का प्रयोग है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  • Sphujidhvaja. The Yavanajataka. / Edited, translated and commented by David Pingree.
  • Pingree D. Sanskrit Astronomical Tables in the United States. 3. Pingree D. Astronomy and Astrology in India and Iran. / / Isis. - Vol. 54, Part 2. - N 176. - June 1963.

इन्हें भी देखें[संपादित करें]