ब्रह्मगुप्त सर्वसमिका

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बीजगणित में ब्रह्मगुप्त सर्वसमिका दो योगों का गुणनफल, जिनमें प्रत्येक गुणक स्वयं दो वर्गों का योग हो, को दो वर्गों के योग के रूप में अभिव्यक्त करती है।

\begin{align}
\left(a^2 + b^2\right)\left(c^2 + d^2\right) & {}= \left(ac-bd\right)^2 + \left(ad+bc\right)^2 \  \qquad\qquad(1) \\
                                             & {}= \left(ac+bd\right)^2 + \left(ad-bc\right)^2.\qquad\qquad(2)
\end{align}

उदाहरण के लिये,

(1^2 + 4^2)(2^2 + 7^2) = 26^2 + 15^2 = 30^2 + 1^2.\,

यह सर्वसमिका लाग्रेंज सर्वसमिका (Lagrange's identity) की विशेष स्थिति (special case) है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]