पद्मसम्भव

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भारत के सिक्किम में गुरू रिन्पोचे की प्रतिमा

पद्मसम्भव (तिब्बती: པདྨ་འབྱུང་གནས), (अर्थ: कमल से उत्पन्न) भारत के एक साधुपुरुष थे जिन्होने आठवीं शती में तांत्रिक बौद्ध धर्म को भूटान एवं तिब्बत में ले जाने एवं प्रसार करने में महती भूमिका निभायी। वहाँ उनको "गुरू रिन्पोछे" (बहुमूल्य गुरू) या "लोपों रिन्पोछे" के नाम से जाना जाता है। न्यिंगमा सम्प्रदाय के अनुयायी उन्हें द्वितीय बुद्ध मानते हैं।

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