पद्मसम्भव

मुक्त ज्ञानकोष विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
भारत के सिक्किम में गुरू रिन्पोचे की प्रतिमा

पद्मसम्भव (तिब्बती: པདྨ་འབྱུང་གནས), (अर्थ: कमल से उत्पन्न) भारत के एक साधुपुरुष थे जिन्होने आठवीं शती में तांत्रिक बौद्ध धर्म को भूटान एवं तिब्बत में ले जाने एवं प्रसार करने में महती भूमिका निभायी। वहाँ उनको "गुरू रिन्पोछे" (बहुमूल्य गुरू) या "लोपों रिन्पोछे" के नाम से जाना जाता है। न्यिंगमा सम्प्रदाय के अनुयायी उन्हें द्वितीय बुद्ध मानते हैं।

[संपादित करें] बाहरी कड़ियाँ

वैयक्तिक औज़ार
नामस्थान

संस्करण
क्रियाएं
परिभ्रमण
योगदान
सहायता
उपकरण
मुद्रण/निर्यात
अन्य भाषाएँ