आलू बुख़ारा
आलू बुख़ारा एक गुठलीदार फल है। आलू बुख़ारे लाल, काले, पीले और कभी-कभी हरे रंग के होते हैं। आलू बुख़ारों का ज़ायका मीठा या खट्टा होता है, और अक्सर इनका पतला छिलका अधिक खट्टा होता है। इनका गूदा रसदार होता है और इन्हें या तो सीधा खाया जा सकता है या इनके मुरब्बे बनाए जा सकते हैं। इनके रस पर खमीर उठने पर आलू बुख़ारे की शराब भी बनाई जाती है। सुखाए गए आलू बुख़ारों को बहुत जगहों पर खाया जाता है और उनमें ऑक्सीकरण रोधी (ऐन्टीआक्सडन्ट) पदार्थ होते हैं जो कुछ रोगों से शरीर को सुरक्षित रखने में मददगार हो सकते हैं। आलू बुख़ारों की कई क़िस्मों में कब्ज़ का इलाज करने वाले (यानि जुलाब के) पदार्थ भी होते हैं।
अन्य भाषाओँ में [संपादित करें]
अंग्रेजी में आलू बुख़ारे को "प्लम" (plum) कहते हैं। फ़ारसी में इसको "आलू" (آلو) कहते हैं। ध्यान रहे के जिसे हिन्दी में आलू बोलते हैं उसे फ़ारसी में "आलू ज़मीनी" बोलते हैं (यानि ज़मीन के नीचे उगने वाला आलू बुख़ारा)। कश्मीरी में आलू बुख़ारे को "अSर" कहते हैं ("अर" में "अ" को खेंच कर लम्बे अरसे के लिए बोलिए - संस्कृत में इसका चिह्न "S" होता है और वही यहाँ प्रयोग किया गया है)।
इन्हें भी देखें [संपादित करें]
|
||||||||