मूँगफली
| मूंगफली Peanut |
||||||||||||||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
मूंगफली (Arachis hypogea)
|
||||||||||||||||||
| वैज्ञानिक वर्गीकरण | ||||||||||||||||||
|
||||||||||||||||||
| द्विपद नाम | ||||||||||||||||||
| ऐराकिस हाय्पोजिया L. |
||||||||||||||||||
मूँगफली (peanut, या groundnut ; वानास्पतिक नाम : Arachis hypogaea) एक प्रमुख तिलहन फसल है। मूँगफली वनस्पतिक प्रोटीन का एक सस्ता स्रोत हैं। इसमें प्रोटीन की मात्रा मांस की तुलना में १.३ गुना, अण्डो से २.५ गुना एवं फलो से ८ गुना अधिक होती हैं।
मूँगफली वस्तुतः पोषक तत्वों की अप्रतिम खान है । प्रकृति ने भरपूर मात्रा में उसे विभिन्न पोषक तत्वों से सजाया-सँवारा है । 100 ग्राम कच्ची मूँगफली में 1 लीटर दूध के बराबर प्रोटीन होता है । मूँगफली में प्रोटीन की मात्रा 25 प्रतिशत से भी अधिक होती है, जब कि मांस, मछली और अंडों में उसका प्रतिशत 10 से अधिक नहीं । 250 ग्राम मूँगफली के मक्खन से 300 ग्राम पनीर, 2 लीटर दूध या 15 अंडों के बराबर ऊर्जा की प्राप्ति आसानी से की जा सकती है। मूँगफली पाचन शक्ति बढ़ाने में भी कारगर है । 250 ग्राम भूनी मूँगफली में जितनी मात्रा में खनिज और विटामिन पाए जाते हैं, वो 250 ग्राम मांस से भी प्राप्त नहीं हो सकता है ।
अनुक्रम |
मूँगफली के उत्पादन के लिए भौगोलिक कारक [संपादित करें]
साधारण तौर पर इसकी बुवाई जून-जुलाई माह में करते हैं ।
- उत्पादक कटिबन्ध - यह उष्णकटिबन्धीय पौधा हैं ।
- तापमान - 22 से 25 से.ग्रे.
- वर्षा - 60 से 130 सेमी. वर्षा उपयुक्त होती हैं ।
- मिट्टी - हल्की दोमट मिट्टी उत्तम होती हैं । मिट्टी भुरभुरी एवं पोली होनी चाहिए ।
मूँगफली के उत्पादन का विश्व वितरण [संपादित करें]
यह भी देखें [संपादित करें]
बाहरी कड़ियाँ [संपादित करें]
- मूँगफली : भारतीय काजू
- मूंगफली से टीबी का इलाज (बीबीसी हिंदी)
- बादाम, मूंगफली का सेवन लाभकारी (समय लाइव)
|
||||||||