"मोटूरि सत्यनारायण" के अवतरणों में अंतर

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|name = मोटूरीमोटुरि सत्यनारायण
| office = [[सांसद]] ( [[राज्य सभा]] )<br>{{small|(नामित)}}
| termstart = 3 अप्रैल 1952
 
== जीवनवृत्त ==
श्री मोटूरि सत्यनारायण का जन्म [[आन्ध्र प्रदेश]] के [[कृष्णा जिला|कृष्णा जिले]] के दोण्डपाडु ग्राम में हुआ था। प्राथमिक शिक्षा के बाद उन्होने [[मछलीपतनममछलीपट्टनम|मछलीपत्तनम]] के नेशनल कॉलेज से अंग्रेजी, तेलुगु और हिन्दी की शिक्षा ली। उन्होने इन तीनों भाषाओं में में धाराप्रवाह बोलने की क्षमता अर्जित कर ली। इसके बाद उन्होने एक स्वयंसेवक के रूप में [[दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा]] को अपनी सेवाएँ देना शुरू की और धीरे-धीरे इसके सचिव एवं मुख्य-सचिव भी बने। सन १९३६ से १९६१ तक उनका एक प्रमुख कर्य दक्षिण भारत में हिन्दी का प्रचार करना रहा। उनक विवाह सूर्यकान्ता देवी से हुआ। उनके तीन पुत्र और चार पुत्रियाँ उत्पन्न हुईं।
 
सन् 1940 से 1942 ई0 तक भारत में [[महात्मा गांधी]] के नेतृत्व में व्यक्तिगत सत्याग्रह और भारत छोड़ो आन्दोलन चला। उस काल में हिन्दी का प्रचार-प्रसार करना स्वाधीनता-आन्दोलन का अविभाज्य अंग था। वे दक्षिण में स्वाधीनता आन्दोलन एवं हिन्दी का प्रचार-प्रसार परिपूरक थे। आन्दोलन में भाग लेने के कारण उन्हें बन्दी बनाया गया। मोटूरि सत्यनारायण जी ने जेल में रहकर हिन्दी प्रचार का कार्य जारी रखा। जेल से मुक्त होने पर आपने हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए अनेक योजनाएँ बनाईं। इन योजनाओं में केन्द्रीय हिन्दी शिक्षण मंडल योजना, दक्षिण के साहित्य की प्रकाशन योजना एवं कला भारती की योजना आदि सर्वविदित हैं।

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