वहाबी आन्दोलन

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वहाबी सम्प्रदाय (अरबी : وهابية‎, Wahhābiyyah) इस्लाम की एक शाखा है जिसका स्वभाव अत्यन्त कट्टर है। विश्व के अधिकांश वहाबी कतर, सउदी अरब और यूएई के निवासी हैं। सउदी अरब के लगभग २३% लोग वहाबी हैं। मुस्लिम धर्म का पहला सुधारवादी आंदोलन था मुसलमानों की पाश्चात्य प्रभावों के विरुद्ध सर्वोत्तम प्रतिक्रिया जो हुई उसे बहावी आंदोलन के नाम से जाना जाता है बहावी आंदोलन के नेता शाह वालीउल्लाह थे लेकिन आन्दोलन का संस्थापक सैयद अहमद बरेलवी (1786-1831 ई.) था. यह रायबरेली (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला था. इसका जन्म शहर के एक नामी-गिरामी परिवार में हुआ था जो पैगम्बर हजरत मुहम्मद का वंशज मानता था. यह 1821 ई. में मक्का गया और जहाँ इसे अब्दुल वहाब नामक इंसान से दोस्ती हुई. अब्दुल वहाब के विचारों से अहमद बरेलवी अत्यंत प्रभावित हुआ और एक “कट्टर धर्मयोद्धा” के रूप में भारत वापस लौटा. अब्दुल वहाब के नाम से इस आन्दोलन का नाम वहाबी आन्दोलन रखा गया.यह आंदोलन ईरान से भारत मे आया तथा भारत मे इसे प्रचारित करने के श्रेय सय्यद अहमद बरेलवी को जाता है। यह एक सुधारवादी आंदोलन था लेकिन यह पंजाब में सिख शासन के विरुद्ध हो गया, जिसके अंतर्गत दारुल हर्ब और दारुल इस्लाम की अवधारणा दी गयीं। लेकिन पंजाब में सिखों के बाद ब्रिटिश राज स्थापित होने के बाद ये इनके विरुद्ध हो गया, जिसे कंपनी ने समाप्त कर दिया।

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