मैंगलूर

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मंगलूर
मंगलूर का टाउन हाल
मंगलूर का टाउन हाल
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य Karnataka
ज़िला दक्षिण कन्नड
Mayor Ganesh Hosabettu
जनसंख्या
घनत्व
398,745 (2001 तक )
• 3,586.5 /किमी2 (9,289 /वर्ग मील)
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)
132.45 कि.मी² (51 वर्ग मील)
• 22 मीटर (72 फी॰)
आधिकारिक जालस्थल: www.mangalorecity.gov.in

Erioll world.svgनिर्देशांक: 12°52′N 74°53′E / 12.87°N 74.88°E / 12.87; 74.88

मैंगलूर (तुळु: कुड्ला ; कोंकणी: कोडयाल; ब्यारि: मायकला; कन्नड: ಮಂಗಳೂರು / मंगलुरु) भारत के कर्नाटक प्रान्त का एक शहर है। यह शहर देश के पश्चिमी भाग में आता है। इस शहर के पूर्व में पश्चिमी घाट और पशिचम में अरब सागर है।

मैंगलूर दक्षिण कन्नड जिले का मुख्यालय है।

भूगोल[संपादित करें]

इतिहास[संपादित करें]

अरब सागर और पश्चिमी घाट के बीच बसा मंगलौर सदियों से वाणिज्यिक गतिविधियों का केन्द्र रहा है। कर्नाटक की नेत्रावती और गुरूपुरा नदियों के संगम स्थल पर बसा मंगलौर कर्नाटक के दक्षिण पश्चिमी तट पर स्थित है। मंगलौर को प्राचीन काल में 'नौरा' नाम से भी जाना जाता था। मंगलौर नाम मंगला देवी मंदिर के नाम पर पड़ा। मंगलादेवी अलुपा राजवंश की कुलदेवी थीं। यह मंदिर केरल की राजकुमारी की याद में बनवाया गया था।

जनसांख्यिकी[संपादित करें]

यातायात[संपादित करें]

पर्यटन स्थल[संपादित करें]

मंगलादेवी मंदिर[संपादित करें]

चित्र:Mangaladevi (Commons).jpg
मंगलादेवी , जिनके नाम पर इस नगर का नाम पड़ा है।

इसी मंदिर के नाम पर इस शहर का नाम मंगलौर पड़ा। यह मंदिर शहर के मुख्य बस स्टैन्ड से 3 किमी. दूर स्थित है। इस मंदिर को अट्टावर के बलाल वंश द्वारा केरल की राजकुमारी की याद में बनवाया गया था।

कादरी मंजूनाथ मंदिर[संपादित करें]

यह ऐतिहासिक मंदिर 1068 ई. में बना था। वर्ग के आकार के इस मंदिर में नौ टैंक है और यह सबसे ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मंदिर में स्थापित लोकेश्वर की प्रतिमा को कांस्‍य धातु की सबसे उत्तम प्रतिमा माना जाता है। मंदिर की चोटी पर जोगीमठ है जिसे राजा कुंडवर्मा भूपेन्द्र ने बनवाया था। पहाड़ी की चोटी पर ही पत्थरों की गुफाएं हैं जिन्हें पांड़वों की गुफाओं के नाम से भी जाना जाता है।

सेन्ट अलोयसियस चर्च[संपादित करें]

यह चर्च नेहरू मैदान बस स्टैन्ड से 1 किमी. दूर है। चर्च की दीवारों को इटली के कलाकार एन्टोनी मोशायनी की पेंटिग ने ढ़क रखा है। चर्च का निर्माण 1899-1900 में हुआ था। सेन्ट अलोयसियस कॉलेज चेपल लाइटहाउस हिल पर स्थित है जिसकी तुलना रोम के सिसटीन चेपल से की जाती है।

श्री शरावू महागणपति मंदिर[संपादित करें]

शरावु महागणपति मंदिर परिसर में अनेक मंदिर हैं जो शरावु, कादरी, मंगलादेवी और कुदरोली को समर्पित हैं। इन सभी मंदिरों में 800 साल पुराना श्री शरावु शाराबेश्वर मंदिर सबसे लोकप्रिय है। यह मंदिर श्री गणपति क्षेत्र में स्थित है।

लाइटहाउस हिल गार्डन[संपादित करें]

कहा जाता है कि अठारहवीं शताब्दी में बना इस लाइटहाउस को हैदर अली ने बनवाया था। बस स्टैन्ड से 1किमी.की दूरी पर यह लाइटहाउस बना हुआ है। यहां एक गार्डन भी है जहां से समुद्र के खूबसूरत नजारे देखे जा सकते हैं।

सुलतान बैटरी[संपादित करें]

इसे अठारहवीं शताब्दी में टीपू सुलतान ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से बनवाया था। इसका निर्माण दुश्मन के जहाजों को गुरपुरा नदी में प्रवेश से रोकने के लिए हुआ था। इसका ढांचा किले जैसा है। काले पत्थरों से बना यह मंगलौर सिटी बस स्टैंड़ से 6 किमी. दूर बेल्‍लूर में स्थित है।

श्रीमंथी बाई मेमोरियल म्यूजियम[संपादित करें]

यह संग्रहालय कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम के बस स्टैन्ड के पीछे स्थित है। यहां प्राचीन काल के अवशेषों का संग्रह देखा जा सकता है। हनुमान और भैरव की लकड़ी की मूर्ति पर नक्काशी और 13वीं शताब्दी की पत्थरों की आकृतियां यहां देखी जा सकती हैं।

पोलाली[संपादित करें]

मंगलौर से 20 किमी. दूर पोलाली में राजा राजेश्वरी मंदिर है जिसमें 10 फीट ऊंची मिट्टी की प्रतिमा है। इसे भारत की सबसे ऊंची मिट्टी की मूर्ति माना जाता है।

मालपे समुद्र तट[संपादित करें]

यहां का शांत और मनोरम वातावरण पर्यटकों को कुछ ज्‍यादा ही आकर्षित करता है। मंगलौर से 66 किमी. दूर उत्तर में यह समुद्र तट स्थित है।

वेनूर[संपादित करें]

मंगलौर से 50 किमी. दूर यह एक छोटा सा नगर है जो आठ जैन बस्ती और महादेव मंदिर के लिए लोकप्रिय है। यहां सत्रहवीं शताब्दी में बनी 11 मीटर ऊंची बाहुबली की प्रतिमा देखी जा सकती है जो गुरूपुर नदी के दक्षिणी किनारे पर स्थित है।

कटील[संपादित करें]

मंगलौर से 30 किमी. दूर उत्तर में स्थित कटील में दुर्गा परमेश्वरी मंदिर है जो नंदिनी नदी के बीच में बना हुआ है। हालांकि यह मंदिर एक आधुनिक रचना है लेकिन इसकी नींव को काफी प्राचीन माना जाता है। यहां नवरात्रि के अवसर पर हरि‍ कथा और यक्षगान विशेषकर दशावतार का आयोजन किया जाता है।

महामाया मंदिर[संपादित करें]

इस मंदिर का इतिहास लगभग 2000 साल पुराना है। यह मंदिर देवी काली को समर्पित है।

मंगलूर शहर का विहंगम दृष्य

आवागमन[संपादित करें]

वायुमार्ग-

मंगलौर से 20 किमी. दूर बाजपे नजदीकी एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट बैंगलोर, चैन्नई और मुम्बई से नियमित फ्लाइटों के माध्यम से जुड़ा हुआ है।

रेलमार्ग-

मंगलौर जंक्शन भारत के प्रमुख शहरों से विभिन्न ट्रेनों से जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग-

मंगलौर राज्य परिवहन की बसों से कर्नाटक के प्रमुख शहरों से जुड़ा है। बैंगलोर से प्रतिदिन रात्रि में डीलक्स बसें मंगलौर के लिए रवाना होती हैं।

शिक्षा[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. "Central Excise and Service Tax Location Code (Areas Under the Range West of Mangalore-II DVN (610201)". Central Board of Excise & Customs. http://sermon.nic.in/sermon/servlet/loc_code_repx_location_area?p1=610201. अभिगमन तिथि: 2008-07-05. 
  2. "STD Codes for cities in Karnataka". भारत संचार नगर लिमिटेड (BSNL). http://www.bsnl.co.in/searchcode.php?state=Karnataka&pgno=3. अभिगमन तिथि: 2008-07-06. 
  3. "List of RTOs". AICDA (All India Car Dealers Association). http://www.aicda.com/Rtolst.asp. अभिगमन तिथि: 2008-04-08. 

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]