भीमसेन जोशी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
भीमसेन जोशी
Pandit Bhimsen Joshi (cropped).jpg
पृष्ठभूमि
जन्म नाम भीमसेन गुरुराज जोशी
जन्म 4 फ़रवरी 1922 (1922-02-04) (आयु 96)
मूल गडग, कर्नाटक, भारत
मृत्यु 25 जनवरी 2011
Genre(s) हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत - खयाल
व्यवसाय हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायक
कार्य अवधि 1941–2011

पंडित भीमसेन गुरुराज जोशी (कन्नड़: ಪಂಡಿತ ಭೀಮಸೇನ ಗುರುರಾಜ ಜೋಷಿ, जन्म: फरवरी ०४, १९२२) शास्त्रीय संगीत के हिन्दुस्तानी संगीत शैली के सबसे प्रमुख गायकों में से एक है।

जीवन[संपादित करें]

पंडित भीमसेन जोशी को बचपन से ही संगीत का बहुत शौक था। वह किराना घराने के संस्थापक अब्दुल करीम खान से बहुत प्रभावित थे। 1932 में वह गुरु की तलाश में घर से निकल पड़े। अगले दो वर्षो तक वह बीजापुर, पुणे और ग्वालियर में रहे। उन्होंने ग्वालियर के उस्ताद हाफिज अली खान से भी संगीत की शिक्षा ली। लेकिन अब्दुल करीम खान के शिष्य पंडित रामभाऊ कुंडालकर से उन्होने शास्त्रीय संगीत की शुरूआती शिक्षा ली। घर वापसी से पहले वह कलकत्ता और पंजाब भी गए। इसके पहले सात साल पहले शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खान को भारत रत्न से अलंकृत किया गया था। वर्ष 1936 में पंडित भीमसेन जोशी ने जाने-माने खयाल गायक थे। वहाँ उन्होंने सवाई गंधर्व से कई वर्षो तक खयाल गायकी की बारीकियाँ भी सीखीं। उन्हें खयाल गायन के साथ-साथ ठुमरी और भजन में भी महारत हासिल की है। पंडित भीमसेन जोशी का देहान्त २४ जनवरी २०११ को हुआ।

भारत रत्न[संपादित करें]

इन्हें ४ नवम्बर, २००८ को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न पुरस्कार के लिए चुना गया, जो कि भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। 'इन्हें भारत सरकार द्वारा कला के क्षेत्र में सन १९८५ में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

कर्नाटक के गडक जिले में 4 फ़रवरी वर्ष 1922 को जन्मे पं॰ भीमसेन जोशी को इससे पहले भी पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री समेत कई अलंकरण और सम्मान दिए जा चुके हैं।