गोपीनाथ बोरदोलोई

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
गोपीनाथ बोरडोलोई
गोपीनाथ बोरदोलोई
जन्मतिथि: 1890
जन्मस्थान:राहा, नगाँव, असम
लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के लिए प्रवेशद्वार और सबसे बड़ा हवाई अड्डा है।

गोपीनाथ बोरदोलोई (1890-1950) भारत के स्वतंत्रता सेनानी और असम के प्रथम मुख्यमंत्री थे।

भारत की स्वतंत्रता के वाद उन्होने सरदार वल्लभ भाई पटेल के साथ नजदीक से कार्य किया। उनके योगदानो के कारण असम चीन और पूर्वी पाकिस्तान से बच के भारत का हिस्सा बन पाया। वे 19 सितंबर, 1938 से 17 नवंबर, 1939 तक असम के मुख्यमंत्री रहे।

शिक्षा[संपादित करें]

गोपीनाथ बोरदोलोई का जन्म ६ जून १८९० को रहा नामक स्थान में हुआ था। इनके पिता का नाम बुद्धेश्वर बोरदोलोई और माता का नाम प्रनेश्वरी बोरोदोलोई था। जब गोपीनाथ जी मात्र १२ वर्ष के थे इनकी माता का देहांत हो गया। १९०७ में मेट्रिक पास करने के बाद इनको कॉटन कॉलेज (इंग्लैंड के कॉटन में रोमन कैथोलिक बोर्डिंग स्कूल) में दाखिला मिल गया। गोपीनाथ बोरदोलोई ने १९०९ में प्रथम श्रेणी में आई. ऐ. पास किया और जाने-माने स्कोत्तिश चर्च कॉलेज, कोलकाता में दाखिला लिया और १९११ में स्नातक की डिग्री ली। १९१४ में कोलकाता विश्वविद्यालय से ए॰ ऐ. किया। इन्होने ३ साल कानून (ला) की पढ़ाई की और बिना परीक्षा में बेठे ही वापस गुवाहाटी आ गए और फिर तरुण राम फुकन के कहने पर सोनाराम हाई स्कूल में प्रिसिपल की अस्थाई नौकरी कर ली। उसी दौरान इन्होने क़ानून की परीक्षा दी और पास भी हुए, १९१७ में गुवाहाटी में प्रक्टिस शुरू कर दी।

जीवन[संपादित करें]

उन्हें सन् 1999 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]