मिर्धा

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मिर्धा होने के लिए जाट होना आवश्यक नहीं...

अरबी भाषा के शब्द मिर्धा का अर्थ डाककर्मी होता है। अतः रियासत काल में सरकारी डाक का काम करने वाले को मिर्धा की उपाधि दी जाती थी।

                बलदेवरामजी,नाथूराम जी व रामनिवासजी मिर्धा का गौत्र "राड़" है परंतु ये सभी चर्चित व्यक्तित्व अपने पूर्वजों को मिली पदवी "मिर्धा" को अपने उपनाम के रूप में उपयोग करते थे। इसलिए कुछ लोग इनके मिर्धा उपनाम को जाटों के राड़ गौत्र का पर्यायवाची समझने की भूल कर बैठते हैं।
              
                मारवाड़ में विभिन्न जातियों के विभिन्न गौत्रों के ऐसे अनेक परिवार मिल जाएंगे जिन्हें जोधपुर राज दरबार की ओर से मिर्धा की उपाधि मिली हुई थी। 
            मेरे गांव में भाकल गौत्र के जाटों के लगभग 50 परिवारों का एक कुनबा भी "मिर्धा" उप नाम से जाना जाता है। इनकी पुरानी पीढ़ी में शिवजीरामजी नामक एक पूर्वज ने जोधपुर दरबार के किसी विशेष काम में सहयोग किया था। जिससे उन्हें मिर्धा की उपाधि दी गई। भाकरोद गांव के तालाब में भी इनकी स्मृति में एक छतरी बनी हुई है।
            मिर्धा होने के नाते भाकरोद गांव का जागीरदार भी मिर्धा शिवजी रामजी के वंशजों से लगान के रूप में आधे अनाज के बजाय एक तिहाई अनाज ही लेता था। भाकरोद गांव के मिर्धा, गाँव के जागीरदार तथा जोधपुर दरबार के विश्वासपात्र हुआ करते थे। जोधपुर दरबार से निरंतर संपर्क तथा सेवा के कारण इस वंश के एक परिवार को कालांतर में इनाणा और फिड़ोद के बीच स्थित ढुढीवास गांव की जागीर भी मिली थी। 
                 जागीरदारी प्रथा समाप्त होने के बाद इस परिवार के मेजर मगनी राम जी मिर्धा को सरकार की ओर से उनके पट्टा सुदा जागीरी गाँव ढुढीवास का मुआवजा भी मिला था। यहाँ विशेष उल्लेखनीय है कि मिर्धा की उपाधि के लिए किसी व्यक्ति का जाट होना आवश्यक नहीं है। मारवाड़ में जाटों के अतिरिक्त दूसरी कई जातियों के लोग भी राज्य की डाक का काम करने की वजह से राज्य की ओर से मिर्धा कहे जाते रहे हैं।
                  ढुढीवास के जागीरदार के नाते जागीरदारी के दिनों में भाकरोद के मिर्धा जागीरदार परिवार के नागौर प्रवास पर रुकने के लिए नागौर की बलदेव राम मिर्धा धर्मशाला के ठीक पीछे "मिर्धा का नोहरा" था। जो बाद में भाकरोद के मिर्धा परिवार ने किसी को सौंप दिया था।
           कुचेरा के मिर्धा भी सिंधलास के जागीरदार थे।
              भारतीय समाज में हजारों वर्षों से पिछड़े तबकों और स्त्रियों को पढ़ने लिखने के अधिकार नहीं थे। लॉर्ड मैकाले की शिक्षा नीति से यह जाति आधारित भेदभाव समाप्त हो गया। 

इस प्रकार देश के सभी नागरिकों को राज्य की ओर से पढने लिखने की छूट मिली तो जोधपुर दरबार के संपर्क के कारण जोधपुर शहर के सरदारपुरा क्षेत्र में रहने वाले भाकरोद इन जागीरदार मिर्धा परिवारों के लोग भी पढ़ना लिखना सीखे तथा पढ़ लिखकर जोधपुर दरबार की नौकरी करने लगे। देश की आजादी से वर्षों पहले भाकरोद के पुसाराम जी मिर्धा और कुचेरा के बलदेवराम जी मिर्धा जोधपुर दरबार की नौकरी करते थे। भाकरोद के पुसाराम जी मिर्धा जो ढुढीवास के जागीरदार थे उनके बेटे मगनीरामजी मिर्धा अंग्रेजों की सेना में मेजर थे।

              देश की आजादी से पहले पुलिस सेवा में रहते हुए तथा बाद में आजादी के प्रारंभिक दिनों में बलदेवराम जी के उल्लेखनीय कार्यों तथा बाद में केंद्र तथा राज्य की राजनीति में नाथूराम जी व रामनिवास जी इत्यादि के बहुत ज्यादा लोकप्रिय हो जाने के कारण मेरे गांव के भाकल गौत्र के मिर्धा कहलाने वाले परिवारों के लोग भी अपने नाम के साथ  भाकल गौत्र के बजाय मिर्धा उपनाम लिखना अधिक पसंद करने लगे। 
             कुचेरा की राड़ गौत्र के सभी जाट अपने नाम के साथ धीरे-धीरे मिर्धा उपनाम लिखने लगे। जबकि हमारे गांव के मिर्धा परिवारों के अतिरिक्त भाकल गौत्र के शेष परिवारों के लोग जिन्हें मिर्धा की उपाधि नहीं थी, अपना उपनाम आज भी भाकल ही लिखते हैं । केवल शिवजी राम जी के वंशज ही अपने परिचय में मिर्धा उपनाम का उपयोग करते हैं। भाकल गौत्र के नाते भाकरोद के मिर्धा भाकल गौत्र में शादी विवाह नहीं करते हैं तथा कुचेरा के राड़ गौत्र के मिर्धा परिवारों को अपना सगौत्र भाई बंधु नहीं मानते हैं।
                  अर्थात किसी के उपनाम से उसके गौत्र अथवा जाति से कोई अनिवार्य संबंध हो, यह जरूरी नहीं है। उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले राजेश पायलट राजीव गांधी के मित्र थे। जो बाद में राजस्थान के दौसा से सांसद बने और यहां की राजनीति से जुड़ गए। उनके चर्चित नाम के प्रभाव से आजकल उनके परिवार के सदस्य रमा पायलट सचिन पायलट तथा राजस्थान की गुर्जर जाति के कई अन्य लोग भी पायलट उपनाम उपयोग कर रहे हैं।
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== सन्दर्भ == शिवनारायण इनानिया भाकरोद

  1. Jats the Ancient Rulers (A clan study). 1980. पृ॰ 241. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-1895603026.