मिर्च
| मिर्च (Chili pepper) | |
|---|---|
| विभिन्न प्रकार की ताज़ी मिर्च | |
| वैज्ञानिक वर्गीकरण | |
| अधिजगत: | यूकैरियोट (Eukaryota) |
| वंश: | कैप्सिकम (Capsicum) |
| जाति: |
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मिर्च (अंग्रेज़ी: Chili pepper) कैप्सिकम (Capsicum) वंश के एक पादप का फल है, जो सोलेनेसी (Solanaceae) कुल का सदस्य है। वनस्पति विज्ञान की दृष्टि से इस पौधे के फल को 'बेरी' (Berry) माना जाता है। अपने तीखेपन, स्वाद और रंग के कारण इसका उपयोग विश्वभर में एक सब्जी (शिमला मिर्च) या एक मसाले (लाल व हरी मिर्च) के रूप में किया जाता है।
इतिहास और उत्पत्ति
[संपादित करें]मिर्च का मूल जन्म स्थान दक्षिण अमेरिका (मुख्यतः मेक्सिको) माना जाता है, जहाँ से यह पूरे विश्व में फैली। क्रिस्टोफर कोलंबस जब अमेरिका पहुँचे, तो उन्होंने इसे खोजा और 'पेपर' (Pepper) नाम दिया, क्योंकि इसका तीखापन यूरोपीय लोगों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली काली मिर्च (Black pepper) जैसा था।[1]
भारत में मिर्च 15वीं शताब्दी के अंत में पुर्तगाली व्यापारियों (मुख्यतः वास्को डी गामा के समुद्री मार्ग खोजने के बाद) द्वारा गोवा लाई गई थी। उससे पहले भारतीय व्यंजनों में तीखेपन के लिए केवल काली मिर्च और पिप्पली (Long pepper) का उपयोग होता था।[2]
भारत में उत्पादन और प्रमुख किस्में
[संपादित करें]वर्तमान में, भारत विश्व में मिर्च का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक देश है। देश में मिर्च की व्यावसायिक खेती मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान में की जाती है।[3] आंध्र प्रदेश का गुंटूर क्षेत्र मिर्च उत्पादन के लिए वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध है, जहाँ 'गुंटूर सन्नम' (Guntur Sannam) किस्म बहुतायत में उगाई जाती है।
पूर्वोत्तर भारत (असम और नागालैंड) में उगाई जाने वाली 'भूत जोलोकिया' (Bhut Jolokia) को दुनिया की सबसे तीखी मिर्चों में से एक माना जाता है। 2007 में इसे वैज्ञानिक रूप से विश्व की सबसे तीखी मिर्च के रूप में प्रमाणित किया गया था।[4] दूसरी ओर, 'कश्मीरी लाल मिर्च' अपने गहरे लाल रंग और बहुत कम तीखेपन के लिए जानी जाती है, जिसका उपयोग केवल भोजन को रंग देने के लिए किया जाता है।
गुण और रासायनिक तत्व
[संपादित करें]- तीखापन: मिर्च का तीखापन मुख्य रूप से 'कैप्साइसिन' (Capsaicin) नामक एक रासायनिक यौगिक के कारण होता है। यह रसायन जीभ पर मौजूद दर्द रिसेप्टर्स को सक्रिय करता है, जिससे जलन का अहसास होता है।[5]
- रंग: पकी हुई लाल मिर्च का आकर्षक रंग 'कैप्सैन्थिन' (Capsanthin) नामक वर्णक (पिगमेंट) के कारण होता है।
उपयोग और स्वास्थ्य लाभ
[संपादित करें]मिर्च केवल एक मसाला नहीं है, बल्कि यह पोषण और औषधीय गुणों का भी अच्छा स्रोत है:
- पोषण: हरी मिर्च में विटामिन सी (Vitamin C) प्रचुर मात्रा में होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। इसके अलावा इसमें विटामिन ए, बी6 और पोटैशियम भी पाया जाता है।
- औषधीय उपयोग: कैप्साइसिन का उपयोग कई दर्द निवारक मलहमों (Pain relief creams) में किया जाता है, क्योंकि यह गठिया (Arthritis) और मांसपेशियों के दर्द को कम करने में वैज्ञानिक रूप से सहायक माना गया है।[6]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Andrews, Jean (1984). Peppers : the domesticated Capsicums. Internet Archive. Austin : University of Texas Press. ISBN 978-0-292-76486-6.
{{cite book}}: CS1 maint: publisher location (link) - ↑ Achaya, K. T. (1998). Indian food : a historical companion. Internet Archive. Delhi : Oxford University Press. ISBN 978-0-19-564416-6.
{{cite book}}: CS1 maint: publisher location (link) - ↑ "Handbook of Herbs and Spices". ScienceDirect (अमेरिकी अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2026-04-05.
- ↑ Bosland, Paul W.; Baral, Jit B. "'Bhut Jolokia'—The World's Hottest Known Chile Pepper is a Putative Naturally Occurring Interspecific Hybrid". HortScience. 42 (2): 222–224. डीओआई:10.21273/HORTSCI.42.2.222. आईएसएसएन 0018-5345.
- ↑ Nelson, E. K. "THE CONSTITUTION OF CAPSAICIN, THE PUNGENT PRINCIPLE OF CAPSICUM". Journal of the American Chemical Society (अंग्रेज़ी भाषा में). 41 (7): 1115–1121. डीओआई:10.1021/ja02228a011. आईएसएसएन 0002-7863.
- ↑ "Objectives". C R C Critical Reviews in Food Science and Nutrition (अंग्रेज़ी भाषा में). 24 (3): 1–1. डीओआई:10.1080/10408398609527436. आईएसएसएन 0099-0248.
