मलाजकुण्डम

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

मलाजकुंडम दूध नदी का जलप्रपात है। इस जलप्रपात का दृश्य नीचे से मनोहारी लगता है। पूरी जलराशि अलग-अलग चरणो मे नीचे तक आती है। चारों ओर हरियाली इसके सौंदर्य को और निखारती है। बडी जलराशि की धार जब नीचे आती है तो सैकडों फुहारें अपने साथ लाती है। जलराशि कहां से आ रही है यह जानने की उत्कंठा चट्टानो पर उपर चढने को मजबुर कर देती है। उपर चढने पर नीचे छोटी सी घाटी का अलग रूप देखने को मिलता है। उपर जाने पर दूध नदी का उद्गम स्थल मिलता है। यही से धारा निकलती है और पहाडी से नीचे आकर नदी का रूप धारण करती है। जलप्रपात नीचे आकर एक स्थान पर इकट्ठा होकर कुंड का रूप बनाता है। इसीलिये इसका नाम मलाजकुंडम पडा।

कैसे पहुचे[संपादित करें]

बस्तर का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले कांकेर जिला मे स्थित है मलाजकुंडम जलप्रपात। कांकेर, रायपुर से राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर 140 कि॰मी॰ की दूरी पर स्थित है। वहां से बस्तर की ओर आगे बढने पर 16कि.मी. राजमार्ग से दाई ओर जाने पर मलाजकुंडम जलप्रपातहै। मुख्य सडक से अंदर जाने पर कुछ ही दूरी पर जंगल प्रारंभ हो जाता है। यही रास्ते मे जल धारा मिलती है। कांकेर से 16 किलोमीटर दूर दूध नदी सुन्दर जलप्रपात का निर्माण करती है। यहां नदी तीन चरण में प्रपात का निर्माण करती है। इन झरनों की क्रमश: ऊंचाई ३०, ४५, एवं २७ फिट है।