बहराइच

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

बहराइच नगर और ज़िला उत्तरी भारत के पूर्व-मध्य उत्तर प्रदेश राज्य और नेपाल के नेपालगंजलखनऊ के बीच रेलमार्ग पर स्थित है।

इतिहास[संपादित करें]

1033 इस्वी में सय्यैद सलार मसूद रह0 के आक्रमण से पहले इस क्षेत्र के इतिहास के बारे में कम जानकारी है। ब्रिटिश भारत बनने से पहले बहुत से शासकों ने यहाँ शासन किया।[संपादित करें]

व्यापार[संपादित करें]

बहराइच नेपाल के साथ होने वाले व्यापार जिनमें कृषि उत्पाद और इमारती लकड़ी प्रमुख है, का केंद्र है। यहाँ चीनी मिलें भी हैं।

कृषि[संपादित करें]

इसके आसपास के कृषि प्रदेश में धान, मक्का, गेहूँ और चना (सफ़ेद चना) उगाया जाता है।

दर्शनीय स्थल[संपादित करें]

सिद्धनाथ मंदिर पांडव कालीन स्वयम्भू सिद्धनाथ महादेव का मंदिर बहराइच शहर के बीचोबीच घनी आबादी के मध्य स्थितहै यह वर्ष में 2 बड़े उत्सब भाद्रपद में कजरीतीज और होली के पहले महाशिवरात्री मनाए जाते है जिसमे दूर दूर से भक्त कांवर यात्रा ले कर आते है और जलाभिषेक करते है इस सिद्धपीठ के महंत अतिप्राचीन जूना अखाड़े के नागा सन्यासी महामंडलेश्वर स्वामी रविगिरी जी महाराज है जो की बड़े ही सुहृदय मिलनसार है दरगाह शरीफ हिन्दू-मुस्लिम यहाँ सैयद सलार मसूद की मज़ार पर आते हैं, जो एक अफ़गानी योद्धा था। उसकी मृत्यु यहीं 1033 इस्वी में हुई थी। दरगाह गाजी सैयद सालार मसूद घंटाघर गगनचुम्बी इमारत है कतरनिया घाट Wild life sentry सरकार द्वारा घोषित संरक्षित वन क्षेत्र सिद्वनाथ मंदिर

जनसंख्या[संपादित करें]

2001 की जनगणना के अनुसार बहराइच नगर की जनसंख्या 161376 है और ज़िले की कुल जनसंख्या 23,84,2439 है।