बहराइच

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

बहराइच नगर और ज़िला उत्तरी भारत के पूर्व-मध्य उत्तर प्रदेश राज्य और नेपाल के नेपालगंजलखनऊ के बीच रेलमार्ग पर स्थित है। तहसील और 14 विकास खंड (ब्लाॅक) हैं।

बहराइच जिले की तहसीलें[संपादित करें]

बहराइच, कैसरगंज, (तहसील), बहराइच, नानपारा, (तहसील), बहराइच, महसी (तहसील), बहराइच

बहराइच जिले के ब्लाॅक[संपादित करें]

हुजूरपुर, शिवपुर, महसी, फखरपुर, जरवल कस्बा, पयागपुर, कैसरगंज, तजवापुर, नवाबगंज, चित्तौरा, मिहींपुरवा, विशेश्वरगंज, रिसिया,बलहा।

इतिहास[संपादित करें]

बहराइच को भगवान ब्रह्मा की धरती भी कहा जाता है। बहराईच का पुराना नाम भरराईच था ।जो भर/ राजभर राजाओ का साम्राज्य हुवा करता था। बहराईच के चकदा डीह महाराज सुहेलदेव राजभर जी का किला था।

व्यापार[संपादित करें]

बहराइच नेपाल के साथ होने वाले व्यापार जिनमें कृषि उत्पाद और इमारती लकड़ी प्रमुख है, का केंद्र है। यहाँ चीनी की मिलें भी हैं।

कृषि[संपादित करें]

इसके आसपास के कृषि क्षेत्र में धान, मकई, गेहूँ और चना (सफ़ेद चना) उगाया जाता है। यहां गन्ना भी मुख्य रूप से उगाया जाता है।

दर्शनीय स्थल[संपादित करें]

  • सिद्धनाथ मंदिर पांडव कालीन मंदिर है जो बहराइच शहर के बीचोबीच स्थित है।

यहाँ वर्ष में 2 बड़े उत्सव - भाद्रपद में कजरीतीज और होली से पहले महाशिवरात्री मनाए जाते हैंं। इनमेंं दूर-दूर से भक्त कांवर यात्रा ले कर आते है और जलाभिषेक करते हैंं।

  • दरगाह शरीफ:

हिन्दू-मुस्लिम यहाँ सैयद सलार मसूद की मज़ार पर आते हैं, जो एक अफ़गानी योद्धा था। उसकी मृत्यु यहीं 1033 इस्वी में हुई थी। दरगाह गाजी सैयद सालार मसूद घंटाघर गगनचुम्बी इमारत है।

  • कतरनिया घाट: सरकार द्वारा घोषित संरक्षित वन क्षेत्र है।
  • यहाँँ पर गोलवा घाट पुल के पास ही एक मरीमाता मंदिर भी है।
  • बहराइच शहर से करीब 30-35 किलोमीटर दूर श्रावस्ती भी है जहाँ पर भगवान बुद्ध का मन्दिर है।
  • रिसिया पार्क बहराइच शहर से 13 किलोमीटर दूर ,नानपारा रुपईडीहा मार्ग पर स्थित बहुत ही सुन्दर और मन को भा जाने वाला पार्क है।

जनसंख्या[संपादित करें]

2001 की जनगणना के अनुसार बहराइच नगर की जनसंख्या 161376 है और ज़िले की कुल जनसंख्या 23,84,2439 है।