प्रवेशद्वार:भाषा

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
प्रवेशद्वार सूचि: संस्कृति · भूगोल · स्वास्थ्य · इतिहास · गणित · प्रकृति · दर्शनशास्त्र · समाज · प्रौद्योगिकी · यादृच्छिक प्रवेशद्वार

ენა
ภาษา
בלשנות
भाषा प्रवेशद्वार
மொழி
言語
语言
Язык
زبان
언어
lingua
ቋንቋ
Γλώσσα
लघु पथ:
प्र:भाषा

भाषा वह साधन है जिसके द्वारा हम अपने विचारों को व्यक्त करते है और इसके लिये हम वाचिक ध्वनियों का उपयोग करते हैं। भाषा मुख से उच्चारित होनेवाले शब्दों और वाक्यों आदि का वह समूह है जिनके द्वारा मन की बात बतलाई जाती है। किसी भाषा की सभी ध्वनियों के प्रतिनिधि स्वन एक व्यवस्था में मिलकर एक सम्पूर्ण भाषा की अवधारणा बनाते हैं। इस समय सारे संसार में प्रायः हजारों प्रकार की भाषाएँ बोली जाती हैं जो साधारणतः अपने भाषियों को छोड़ और लोगों की समझ में नहीं आतीं। अपने समाज या देश की भाषा तो लोग बचपन से ही अभ्यस्त होने के कारण अच्छी तरह जानते हैं, पर दूसरे देशों या समाजों की भाषा बिना अच्छी़ तरह नहीं आती। भाषाविज्ञान के ज्ञाताओं ने भाषाओं के आर्य, सेमेटिक, हेमेटिक आदि कई वर्ग स्थापित करके उनमें से प्रत्येक की अलग अलग शाखाएँ स्थापित की हैं और उन शाखाकों के भी अनेक वर्ग उपवर्ग बनाकर उनमें बड़ी बड़ी भाषाओं और उनके प्रांतीय भेदों, उपभाषाओं अथाव बोलियों को रखा है। जैसे हमारी हिंदी भाषा भाषाविज्ञान की दृष्टि से भाषाओं के आर्य वर्ग की भारतीय आर्य शाखा की एक भाषा है; और ब्रजभाषा, अवधी, बुंदेलखंडी आदि इसकी उपभाषाएँ या बोलियाँ हैं। विस्तार से पढ़ें...

चयनित भाषा
भारत मे 2011 की जनगणना के अनुसार हिंदी के स्वघोषित प्रथम भाषा वक्ताओं का मानचित्र पर फैलाव

हिन्दी जिसके मानकीकृत रूप को मानक हिंदी कहा जाता है, विश्व की एक प्रमुख भाषा है एवं भारत की एक राजभाषा है। केन्द्रीय स्तर पर भारत में दूसरी आधिकारिक भाषा अंग्रेज़ी है। यह हिंदुस्तानी भाषा की एक मानकीकृत रूप है जिसमें संस्कृत के तत्सम तथा तद्भव शब्दों का प्रयोग अधिक है और अरबी-फ़ारसी शब्द कम हैं। हिंदी संवैधानिक रूप से भारत की राजभाषा और भारत की सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है। हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा नहीं है क्योंकि भारत के संविधान में किसी भी भाषा को ऐसा दर्जा नहीं दिया गया है। एथनोलॉग के अनुसार हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। विश्व आर्थिक मंच की गणना के अनुसार यह विश्व की दस शक्तिशाली भाषाओं में से एक है।

हिन्दी और इसकी बोलियाँ सम्पूर्ण भारत के विविध राज्यों में बोली जाती हैं। भारत और अन्य देशों में भी लोग हिंदी बोलते, पढ़ते और लिखते हैं। फ़िजी, मॉरिशस, गयाना, सूरीनाम, नेपाल और संयुक्त अरब अमीरात में भी हिन्दी या इसकी मान्य बोलियों का उपयोग करने वाले लोगों की बड़ी संख्या मौजूद है। फरवरी २०१९ में अबू धाबी में हिन्दी को न्यायालय की तीसरी भाषा के रूप में मान्यता मिली। अधिक पढ़ें…


चयनित जीवनी
नालापत बालमणि अम्मा

नालापत बालमणि अम्मा (എൻ. ബാലാമണിയമ്മ) भारत से मलयालम भाषा की प्रतिभावान कवयित्रियों में से एक थीं। वे हिन्दी साहित्य की लेखिका और कवयित्री महादेवी वर्मा की समकालीन थीं। उनके साहित्य और जीवन पर गांधी जी के विचारों और आदर्शों का स्पष्ट प्रभाव रहा। उन्होंने मलयालम कविता में उस कोमल शब्दावली का विकास किया जो अभी तक केवल संस्कृत में ही संभव मानी जाती थी। इसके लिए उन्होंने अपने समय के अनुकूल संस्कृत के कोमल शब्दों को चुनकर मलयालम का जामा पहनाया। उनकी कविताओं का नाद-सौंदर्य और पैनी उक्तियों की व्यंजना शैली अन्यत्र दुर्लभ है। वे प्रतिभावान कवयित्री के साथ-साथ बाल कथा लेखिका और सृजनात्मक अनुवादक भी थीं। अपने पति वी॰एम॰ नायर के साथ मिलकर उन्होने अपनी कई कृतियों का अन्य भाषाओं में अनुवाद किया। अंग्रेजी भाषा की भारतीय लेखिका कमला दास उनकी सुपुत्री थीं, जिनके लेखन पर उनका खासा असर पड़ा था।

अम्मा के साहित्य और जीवन पर गांधी जी के विचारों और आदर्शों का स्पष्ट प्रभाव रहा। उनकी प्रमुख कृतियों में अम्मा, मुथास्सी, मज़्हुवींट कथाआदि हैं। उन्होंने मलयालम कविता में उस कोमल शब्दावली का विकास किया जो अभी तक केवल संस्कृत में ही संभव मानी जाती थी। इसके लिए उन्होंने अपने समय के अनुकूल संस्कृत के कोमल शब्दों को चुनकर मलयालम का जामा पहनाया। उनकी कविताओं का नाद-सौंदर्य और पैनी उक्तियों की व्यंजना शैली अन्यत्र दुर्लभ है। वे प्रतिभावान कवयित्री के साथ-साथ बाल कथा लेखिका और सृजनात्मक अनुवादक भी थीं। अपने पति वी॰एम॰ नायर के साथ मिलकर उन्होने अपनी कई कृतियों का अन्य भाषाओं में अनुवाद किया। अधिक पढ़ें...


चयनित लेख
First title page, November 4, 1869

नेचर, (अंग्रेज़ी: Nature) एक प्रमुख ब्रिटिश वैज्ञानिक पत्रिका है जो पहली बार 4 नवम्बर 1869 को प्रकाशित की गयी थी। दुनिया की अंतर्विषय वैज्ञानिक पत्रिकाओं में इस पत्रिका का उल्लेख सबसे उच्च स्थान पर किया जाता है। अब तो अधिकांश वैज्ञानिक पत्रिकाएं अति-विशिष्ट हो गयीं हैं और नेचर उन गिनी-चुनी पत्रिकाओं में से है [अन्य प्रमुख साप्ताहिक पत्रिकाएं हैं - सायंस (Science) और प्रोसीडिंग्स ऑफ़ द नैशनल अकैडमी ऑफ़ सायन्सेस ] जो आज भी, वैज्ञानिक क्षेत्र की विशाल श्रेणी के मूल अनुसंधान लेख प्रकाशित करती है। वैज्ञानिक अनुसंधान के ऐसे अनेक क्षेत्र हैं जिनमें किये जाने वाले नए व महत्वपूर्ण विकासों की जानकारी तथा शोध-सम्बन्धी मूल-लेख या पत्र 'नेचर ' में प्रकाशित किये जाते हैं।

हालांकि इस पत्रिका के प्रमुख पाठकगण अनुसंधान करने वाले वैज्ञानिक हैं, पर आम जनता और अन्य क्षेत्र के वैज्ञानिकों को भी अधिकांश महत्वपूर्ण लेखों के सारांश और उप-लेखन आसानी से समझ आते हैं। हर अंक के आरम्भ में सम्पादकीय, वैज्ञानिकों की सामान्य दिलचस्पी वाले मुद्दों पर लेख व समाचार, ताज़ा खबरों सहित विज्ञान-निधिकरण, व्यापार, वैज्ञानिक नैतिकता और अनुसंधानों में हुए नए-नए शोध सम्बन्धी लेख छापे जाते हैं। पुस्तकों और कला सम्बन्धी लेखों के लिए भी अलग-अलग विभाग हैं। पत्रिका के शेष भाग में ज़्यादातर अनुसंधान-सम्बन्धी लेख छापे जाते हैं, जो अक्सर काफ़ी गहरे और तकनीकी होते हैं। चूंकि लेखों की लम्बाई पर एक सीमा निर्धारित है, अतः पत्रिका में अक्सर अनेक लेखों का सारांश ही छापा जाता है और अन्य विवरणों को पत्रिका के वेबसाइट पर पूरक सामग्री के तहत प्रकाशित किया जाता है। अधिक पढ़ें…


चयनित चित्र
एक अनाग्राम का एनीमेशन


एनाग्रम शब्दों का एक खेल है, जिसमें किसी शब्द या वाक्यांश के अक्षरों को पुनः व्यवस्थित करके एक नया शब्द या वाक्यांश बनाना होता है और इस खेल में सभी मूल अक्षरों का केवल एकबार उपयोग करने की अनुमति होती है; उदा. orchestra = carthorse, A decimal point = I'm a dot in place. एनाग्रम बनाने वाले को अनाग्रमाटिस्ट कहते हैं। मूल शब्द या वाक्यांश एनाग्रम के विषय के रूप में जाना जाता है। कोई भी शब्द या वाक्यांश जो वर्णों को ठीक दूसरे क्रम में उत्पन्न करता है, वह एनाग्रम कहलाता है। तथापि, गंभीर या कुशल अनाग्रमाटिस्ट का लक्ष्य होता है, ऐसे एनाग्रम बनाना जो किसी तरह विषय को प्रतिबिंबित करते हैं या उन पर टिप्पणी करते हैं। इस तरह के एनाग्रम अपने विषय के उपशब्द या विपरीतार्थक शब्द, एक पैरोडी, एक आलोचना, या एक प्रशंसा हो सकते हैं अधिक पढ़ें…
सम्बंधित लेख व श्रेणियाँ
आप किस प्रकार सहायता कर सकते हैं
Things you can do
  • हाल में हुए परिवर्तनों की समीक्षा कर पृष्ठों के सुधर में सहायता कर सकते हैं
  • इस पृष्ठ की वार्ता में आवश्यक विषयों हेतु पृष्ठ निर्मित करने के लिए आवेदन दे सकते हैं
  • इस विषय से सम्बंधित पृष्ठों का विस्तार कर सकते हैं
  • पहले से निर्मित पृष्ठों पे चित्र जोड़ कर उन्हें और सूचनात्मक बना सकते हैं
अन्य परियोजनाओं में
विकिसमाचार पर भाषा प्रवेशद्वार     विकि-उद्धरण पर भाषा     विकिताब पर भाषा विषय     विकिस्रोत पर भाषा प्रवेशद्वार     कॉमन्स पर भाषा श्रेणियाँ     विक्षनरी पर भाषा प्रवेशद्वार     विकि-विश्वविद्यालय पर भाषा
समाचार उद्धरण हस्तचालित विषय चित्र परिभाषा सीखना
Wikinews-logo.svg
Wikiquote-logo.svg
Wikibooks-logo.svg
Wikisource-logo.svg
Commons-logo.svg
Wiktionary-logo-en.svg
Wikiversity-logo.svg