विश्व आर्थिक मंच

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विश्व आर्थिक फोरम स्विट्ज़रलैंड में स्थित एक गैर-लाभकारी संस्था है। इसका मुख्यालय जिनेवा में है। स्विस अधिकारीयों द्वारा इसे एक निजी-सार्वजनिक सहयोग के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। इसका मिशन विश्व के व्यवसाय, राजनीति, शैक्षिक और अन्य क्षेत्रों में अग्रणी लोगों को एक साथ ला कर वैशविक, क्षेत्रीय और औद्योगिक दिशा तय करना है।

विश्व आर्थिक फोरम
वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम
World Economic Forum logo.svg
स्थापना १९७१
प्रकार गैर लाभ संगठन
वैधानिक स्थिति फाउंडेशन
मुख्यालय कोलोग्नी, स्विट्ज़र्लैंड
क्षेत्र served
विश्वव्यापी
सी.ई.ओ
क्लॉस एम श्वाब
जालस्थल http://www.weforum.org/

इतिहास[संपादित करें]

इस फोरम की स्थापना १९७१ में यूरोपियन प्रबंधन के नाम से जिनेवा विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रोफेसर क्लॉस एम श्वाब द्वारा की गई थी। उस वर्ष यूरोपियन कमीशन और यूरोपियन प्रोद्योगिकी संगठन के सौजन्य से इस संगठन की पहली बैठक हुई थी। इसमें प्रोफेसर श्वाब ने यूरोपीय व्यवसाय के ४४४ अधिकारीयों को अमेरिकी प्रबंधन प्रथाओं से अवगत कराया था। वर्ष १९८७ में इसका नाम विश्व आर्थिक फोरम कर दिया गया और तब से अब तक, प्रतिवर्ष जनवरी महीने में इसके बैठक का आयोजन होता है। प्रारम्भ में इन बैठकों में प्रबंधन के तरीकों पर चर्चा होती थी। प्रोफेसर ने एक मॉडल बनाया था जिसके अनुसार सफल व्यवसाय वही माना जाता था जिसमें अधिकारी अंशधारी और अपने ग्राहकों के साथ अपने कर्मचारी और समुदाय जिनके बीच व्यस्वसाय चलता है, उसका भी पूरा ख़याल रखते हैं। वर्ष १९७३ में जब नियत विनिमय दर से विश्व के अनेक देश किनारा करने लगे और अरब-इजराइल युद्ध छिड़ने के कारण इस बैठक का ध्यान आर्थिक और सामाजिक मुद्दों की और मुड़ा और पहली बार राजनीतिज्ञों को इस बैठक के लिए निमंत्रित किया गया। रजनीतज्ञों ने इस बैठक को अनेक बार एक तटस्थ मंच के रूप में भी इस्तेमाल किया। १९८८ में ग्रीस और तुर्की ने यहीं पर आपसी यूद्ध को टालने का एलान किया था। १९९२ में रंगभेद नीति को पीछे रखते हुए, तत्कालीन दक्षिण अफ़्रीकी राष्ट्रपति और नेल्सन मंडेला, जिन्होंने रंगभेद नीति के विरोध में जीवन पर्यन्त संगर्ष किया था, पहली बार सार्वजनिक रूप से एक साथ देखे गए थे। १९९४ में इजराइल और पलेस्टाइन ने भी आपसी सहमति से मसौदे पर मुहर लगाई थी।

प्रोफेसर क्लाउस श्वाब १९७१ में दावोस में यूरोपीय प्रबंधन फोरम के उद्घाट्न समारोह में.

सदस्यता[संपादित करें]

इस संस्था की सदस्यता अनेक स्तर पर होती है और ये स्तर उनकी संस्था के कार्य कलापों में सहभागिता पर निर्भर करती है। सदस्यता के लिए वह कंपनी चुने जाते हैं जो विश्व भर में अपने उद्योग में अग्रणी होते हैं अथवा किसी भौगोलिक क्षेत्र के प्रगति में अहम भूमिका निभा रहे होते हैं। कुछ विकसित अर्थव्यवस्था में कार्यरत होते हैं या फिर विकसशील अर्थव्यवस्था में।


महत्वपूर्ण गतिविधियाँ[संपादित करें]

इस फोरम की सर्वाधिक चर्चित घटना वार्षिक शीतकालीन बैठक में होती है जिसका आयोजन दावोस नामक स्थान पर किया जाता है। इस आयोजन में भागीदारिता सिर्फ निमंत्रण से होती है और इसकी ख़ास बात यह है की इस छोटे शहर में भागिदार अनौपचारिक परस्पर बातचीत में अनेक समस्याओं का समाधान निकला जाता है। इस बैठक में लगभग २,५०० लोग भाग लेते हैं जिसमें विश्व जगत के, अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिज्ञ, गिने चुने बुद्धिजीवी और पत्रकार प्रमुख होते हैं। इसमें उन विषयों पर चर्चा होती है जिस पर विश्व समुदाय की चिंतन अत्यावश्यक मानी जाती है। उदहारण के लिए, २०१२ में इस बैठक में "महान परिवर्तन: नए प्रतिरूप', २०१३ में 'लचीला गतिशीलता', २०१४ में 'विश्व का पुनर्निर्माण-समाज, राजनीति और व्यवसाय के लिए परिणाम' और २०१५ में "नए वैश्विक सन्दर्भ' पर वार्षिक बैठक हुई थी। वर्ष २००७ में इस संस्था ने एक ग्रीष्मकालीन वार्षिक बैठक का आयोजन प्रारम्भ किया। इसका आयोजन चीन के दो सहारों के बीच बारी बारी से किया जाता है। इसमें लगभग १५०० सहभागी आते हैं और वे अधिकतर तेजी से बढ़ते आर्थिक व्यवस्थाएं अर्थात चीन, भारत, रूस, मेक्सिको और ब्राज़ील- से आते हैं। यह वह लोग होते हैं जो अगली पीढ़ी की युवा उद्योगपति अथवा राजनीतिज्ञ जो अपनी सोच और विचारों से दुनिया को अवगत कराते हैं और जो आने वाले समय में विश्व मंच पर महत्वपूर्ण योगदान साबित होगा। यह संस्था इस बात से भली भांति परिचित है की क्षेत्रीय विचारधारा सम्पूर्ण विश्व के लिए लाभकारी होती है क्योंकि इन विचारों में स्थानीय स्थिति का समावेश होता है। इसे ध्यान में रख कर यह संस्था क्षेत्रीय मीटिंग का भी समय समय पर अफ्रीका, पूर्वी एशिया, लातिनी अमरीका और मध्य पूर्व के देशों में मीटिंग आयोजित करती है। इन सभाओं में नीतिगत व्यापार के नायक, स्थानीय सरकार के नायक और गैर-सरकारी संस्थाओं का मिलन होता है और उस क्षेत्र में उन्नति के लिए आवश्यक कार्य और उसकी दिशा पर चर्चा होती है। यह संस्था ८०० लोगों का युवा विश्व नेता फोरम का सञ्चालन भी करता है। वर्ष २००७ से संस्था ने सामजिक उद्यम्यिों को अपने क्षेत्रीय और वार्षिक सम्मलेन में आमंत्रित करना प्रारम्भ किया। इसका औचित्य यह था कि विश्व भर में इस बात की विवेचना हो की किसी भी उन्नति और प्रगति से समाज के सभी वर्गों को एक सा लाभ पहुँचना चाहिए और समाज में होने वाली क्षति को पहले ही भाँपा जा सके। वर्ष २०११ में इस संस्था ने एक संजाल बनाया जिसमें २०-३० वर्ष के आयु के लोगों को मिलाने की पहल की गए जिनमें विश्व को नई दिशा दिखाने की क्षमता थी।

क्लॉस एम श्वैब, संस्थापक एवं कार्यपालक अध्यक्ष, वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम

अनुसन्धान रिपोर्ट[संपादित करें]

यह संस्था प्रबुद्ध मंडल की भी भूमिका निभाता है और अपने द्वारा किए गए अनुसंधानों पर आधारित रिपोर्ट भी प्रस्तुत करता है। यह सारी रिपोर्ट अधिकतर प्रतिस्पर्धा, वैश्विक जोखिम और परिदृश्य सोच से सम्बंधित होती हैं। प्रतिस्पर्धा टीम ने वैश्विक रिपोर्ट में विश्व भर में देशों के बीच प्रतिस्पर्धा के बारे में लिखा था और विश्व भर के सभी देशों में फैले परुष और नारी के बीच असमानता पर भी एक रिपोर्ट बनाई थी।

पहल[संपादित करें]

२००२ में विश्व स्वास्थ्य पहल के अंतर्गत इस संस्था ने सार्वजनिक-निजी क्षेत्रों के सहयोग से ह ई व् / एड्स, टुबेरकोलोसिस और मलेरिया जैसी बिमारियों को दूर करने की पहली कोशिश की थी। विश्व शिक्षा पहल के अनतर्गत भारत, मिश्र और जॉर्डन के सरकारों और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी का मिलन करवा कर कंप्यूटर और इ-लर्निंग का विस्तार करने का बीड़ा उठाया था। पार्टनरिंग अगेंस्ट करप्शन पहल के तहत १४० कंपनी ने आपस में मिल कर अपने साथ हुए भ्रष्ट कार्यकलापों को बाँटा और ऐसी परिस्थितयों से निपटने के उपाय पर विचार करने लगे।

संदर्भ[संपादित करें]

बहारी कड़ियाँ[संपादित करें]