नेपाल के राष्ट्रपति
| नेपाल संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य के राष्ट्रपति | |
|---|---|
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नेपाल का ध्वज | |
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नेपाल का राजचिह्न नेपाल सरकार नेपाल सेना | |
| विभाग |
नेपाल सरकार नेपाल सेना |
| सम्बोधन |
माननीय महामहिम |
| आधिकारिक निवास | राष्ट्रपति भवन |
| नियुक्तिकर्ता | अप्रत्यक्ष निर्वाचन |
| कार्यकाल | पाँच वर्ष, |
| पहली बार पद संभालने वाले | रामबरन यादव |
| पद की उत्पत्ति | 28 मई 2008 |
| उप या सहायक अधिकारी | नेपाल के उपराष्ट्रपति |
| वेतन और भत्ते | रु1,05,015 प्रति माह [1] |
| अधिकारिक वेबसाइट | नेपाल के राष्ट्रपति का कार्यालय |
| नेपाल की राजनीति और सरकार पर एक श्रेणी का भाग |
नेपाल के राष्ट्रपति (ISO: Nēpālkō Rāṣṭrapati) नेपाल संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य के राष्ट्राध्यक्ष हैं। राष्ट्रपति देश के कार्यपालिका के नाममात्र प्रमुख, राष्ट्र के प्रथम नागरिक तथा नेपाल सेना के सर्वोच्च सेनापति होते हैं।
राष्ट्रपति का निर्वाचन संघीय संसद और सातों प्रांतों की प्रांतीय सभाओं से मिलकर बने निर्वाचन मंडल द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है।
यह पद मई 2008 में तब अस्तित्व में आया था, जब नेपाल को एक गणराज्य घोषित किया गया था।
उत्पत्ति
[संपादित करें]जनवरी 2007 में अपनाए गए अंतरिम संविधान के तहत नेपाल के राजा से शासन की सभी शक्तियाँ वापस ले ली गईं, और 2008 की संविधान सभा चुनाव में निर्वाचित नेपाल की संविधान सभा को अपनी पहली बैठक में यह निर्णय लेना था कि राजतंत्र को जारी रखा जाए या गणराज्य की घोषणा की जाए। राजतंत्र के निलंबन की अवधि में तत्कालीन प्रधानमंत्री प्रचण्ड ने राष्ट्राध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
28 मई 2008 को संविधान सभा ने राजतंत्र को समाप्त करने के पक्ष में मतदान किया। इसके बाद रामबरन यादव संविधान सभा में ऐतिहासिक मतदान से चुने गए और नेपाल के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की, जिससे 247 वर्ष पुराना राजतंत्र समाप्त हो गया।
चयन प्रक्रिया
[संपादित करें]पात्रता
[संपादित करें]नेपाल के संविधान 2015 के भाग 6, अनुच्छेद 64 के अनुसार, राष्ट्रपति बनने के लिए व्यक्ति को निम्नलिखित योग्यताएँ पूरी करनी होंगी:
- आवश्यक है कि:
- वह संघीय संसद का सदस्य बनने के लिए पात्र हो।
- उसकी आयु कम से कम 45 वर्ष हो चुकी हो, और
- वह किसी क़ानून द्वारा अयोग्य घोषित न हो।
- उपधारा (1) में कही गई बातों के बावजूद, जो व्यक्ति पहले ही दो कार्यकालों तक राष्ट्रपति रह चुका है, वह पुनः राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने के लिए पात्र नहीं होगा।
निर्वाचन
[संपादित करें]संविधान के भाग 6, अनुच्छेद 62 के अनुसार, नेपाल के राष्ट्रपति के निर्वाचन की प्रक्रिया इस प्रकार है:
- एक निर्वाचन मंडल (इलेक्टोरल कॉलेज), जिसमें संघीय संसद के मतदान सदस्य और सातों प्रांतीय सभाओं के सदस्य शामिल होंगे, राष्ट्रपति का चुनाव करेगा। यह क़ानून द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार होगा, जिसमें संघीय संसद और प्रांतीय सभा के सदस्यों के मतों के भार (वेटेज) में अंतर रखा जाएगा। इसके लिए देश की कुल जनसंख्या को प्रांतीय सभाओं की कुल सीटों से विभाजित कर, निकले हुए अंक को “प्रांतीय सदस्यों के मतभार” के रूप में लिया जाता है। इसके बाद इसे 1.64 से गुणा कर और पूर्णांक में बदलकर संघीय संसद सदस्यों के मतभार का निर्धारण किया जाता है। 2018 और 2023 के चुनावों में, प्रांतीय सभाओं के 550 सदस्यों के प्रत्येक मत का भार 48 था, जबकि प्रतिनिधि सभा के 275 और राष्ट्रीय सभा के 59 सदस्यों के मत का भार 79 था।[2][3]
- यदि किसी प्रांत में प्रांतीय सभा का चुनाव न हुआ हो, तो केवल इसी कारण से राष्ट्रपति के चुनाव के लिए निर्वाचन मंडल के गठन में बाधा नहीं होगी।
- निर्वाचन मंडल के मौजूदा कुल सदस्यों के बहुमत के मत प्राप्त करने वाला व्यक्ति राष्ट्रपति निर्वाचित होगा।
- यदि कोई भी उम्मीदवार उपधारा (3) के अनुसार बहुमत नहीं पाता है, तो सर्वाधिक मत पाने वाले दो उम्मीदवारों के बीच दूसरा चरण होगा। इसमें मौजूदा कुल सदस्यों के पचास प्रतिशत से अधिक मत पाने वाला राष्ट्रपति निर्वाचित होगा।
- यदि दूसरे चरण में भी कोई उम्मीदवार पचास प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त नहीं कर पाता, तो तीसरा चरण होगा। इसमें वैध मतों के बहुमत से विजेता राष्ट्रपति चुना जाएगा।
- यदि निर्वाचित राष्ट्रपति पहले से ही किसी अन्य निर्वाचित, नामित या नियुक्त राजनीतिक पद पर आसीन है, तो वह पद स्वचालित रूप से रिक्त हो जाएगा।
- राष्ट्रपति के चुनाव और उससे संबंधित अन्य प्रावधान कानून द्वारा निर्धारित होंगे।
संविधान का भाग 6, अनुच्छेद 70 यह व्यवस्था करता है कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव इस प्रकार किया जाए कि वे अलग-अलग लिंग और/या समुदायों से हों। इससे यह सुनिश्चित होता है कि राष्ट्र के सर्वोच्च दो पदों पर महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों का प्रतिनिधित्व हो।
कार्यकाल
[संपादित करें]कार्यकाल की अवधि
[संपादित करें]राष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है। कोई भी व्यक्ति लगातार दो बार से अधिक राष्ट्रपति निर्वाचित नहीं हो सकता। हालाँकि, यदि किसी राष्ट्रपति का कार्यकाल समाप्त हो जाता है, तो वह अपने उत्तराधिकारी के निर्वाचित और शपथ लेने तक अंतरिम रूप से पद पर बने रह सकते हैं।
पद से हटना
[संपादित करें]संविधान के भाग 6, अनुच्छेद 64 के अनुसार, निम्न परिस्थितियों में राष्ट्रपति का पद रिक्त हो जाता है:
- यदि राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति को लिखित रूप में इस्तीफ़ा देते हैं।
- यदि अनुच्छेद 101 के अनुसार राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव पारित हो जाता है।
- यदि कार्यकाल समाप्त हो जाता है।
- यदि उनकी मृत्यु हो जाती है।
शक्तियाँ
[संपादित करें]राष्ट्रपति की शक्तियाँ लगभग पूरी तरह औपचारिक होती हैं। कुछ संसदीय गणराज्य में राष्ट्रपति को कागज़ पर कार्यकारी शक्तियाँ प्राप्त होती हैं, लेकिन परंपरा के अनुसार उन्हें प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद की सलाह पर ही कार्य करना होता है। नेपाल में राष्ट्रपति को नाममात्र का भी कार्यकारी प्रमुख नहीं माना गया है, क्योंकि संविधान की धारा 75 में स्पष्ट रूप से कार्यकारी शक्ति मंत्रिपरिषद को निहित की गई है।
संविधान के भाग 6, अनुच्छेद 61, धारा 4 में उल्लेख है कि राष्ट्रपति संविधान के संरक्षक होंगे, और संविधान का पालन एवं उसकी रक्षा करना राष्ट्रपति का मुख्य कर्तव्य होगा। राष्ट्रपति के मूलभूत कार्य, दायित्व और शक्तियाँ संविधान के भाग 6, अनुच्छेद 66 में इस प्रकार वर्णित हैं:
- राष्ट्रपति अपने अधिकारों और कर्तव्यों का प्रयोग संविधान और संघीय कानूनों के अनुसार करेंगे।
- उपधारा (1) के अंतर्गत अधिकारों का प्रयोग करते समय राष्ट्रपति सभी कार्य मंत्रिपरिषद की सहमति और सिफारिश पर करेंगे, सिवाय उन मामलों के जहाँ किसी विशेष संस्था या अधिकारी की सिफारिश आवश्यक हो। ऐसी सहमति और सिफारिश प्रधानमंत्री के माध्यम से राष्ट्रपति को दी जाएगी।
- उपधारा (2) के अनुसार राष्ट्रपति के नाम पर किए गए निर्णय या आदेश और उनसे संबंधित प्रमाणपत्र का प्रावधान संघीय कानून द्वारा निर्धारित किया जाएगा।
यात्रा
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राष्ट्रपति की अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए सरकारी विमानन कंपनी नेपाल एयरलाइंस का एयरबस A330-200 उपयोग किया जाता है। वहीं, देश के भीतर यात्रा के लिए नेपाल सेना का वीआईपी AgustaWestland AW139 हेलीकॉप्टर उपयोग किया जाता है।

संघीय प्रजातान्त्रिक गणराज्य नेपाल के राष्ट्रपति
[संपादित करें]| # | Image | नाम | जन्मतिथि/मृत्यु | पद ग्रहण | पद त्याग | सहबद्ध |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | राम बरण यादव (नेपाली राष्ट्रपतीय चुनाव, 2008|पहला कार्यकाल) |
4 फ़रवरी 1948 | 23 जुलाई 2008 | 27 अक्टूबर 2015 | नेपाली कांग्रेस | |
| 2 | बिद्या देवी भंडारी (नेपाली राष्ट्रपतीय चुनाव, 2015|दूसरा कार्यकाल) |
19 जून 1961 | 28 अक्टूबर 2015 | 13 मार्च 2023 | कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल | |
| 3 | राम चंद्र पौडेल (नेपाली राष्ट्रपतीय चुनाव, 2023|पहला कार्यकाल) |
6 अक्टूबर 1943 | 13 मार्च 2023 | पदासीन | नेपाली कांग्रेस |
ये भी देखें
[संपादित करें]स्रोत
[संपादित करें]- ↑ "राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत वीवीआईपी का मासिक वेतन कितना है?". thehimalayantimes.com. 20 July 2016. अभिगमन तिथि: 26 March 2018.
- ↑ Candidacy nominations for new prez today Myrepublica
- ↑ Rastriya Samachar Samiti (28 December 2022). "Presidential elections by February 11: EC". The Himalayan Times (अंग्रेज़ी भाषा में). TheHimalayanTimesOnline. अभिगमन तिथि: 31 December 2022.


