ध्वन्यात्मक लिप्यन्तरण

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ध्वन्यात्मक लिप्यन्तरण (फोनेटिक ट्राँसलिट्रेशन) मशीनी लिप्यन्तरण की एक विधि है। यह एक लिप्यन्तरण विधि है जिससे कि हिन्दी आदि भारतीय लिपियों को आपस में तथा रोमन में बदला जाता है।

टाइपिंग विधि के रूप में[संपादित करें]

ध्वन्यात्मक लिप्यन्तरण का एक मुख्य प्रयोग इण्डिक टाइपिंग विधि के रूप में है। प्रयोक्ता हिन्दी (अथवा कोई इण्डिक) टैक्स्ट को रोमन लिपि में टाइप करता है तथा यह रियल टाइम में समकक्ष देवनागरी (अथवा इण्डिक लिपि) में ध्वन्यात्मक रूप से परिवर्तित हो जाता है। इस प्रकार का स्वचालित परिवर्तन ध्वन्यात्मक टैक्स्ट ऍटीटर, वर्ड प्रोसैसर तथा सॉफ्टवेयर प्लगइन के द्वारा किया जाता है। परन्तु सर्वश्रेष्ठ तरीका फोनेटिक आइऍमई का प्रयोग है जिसकी सहायता से टैक्स्ट किसी भी ऍप्लीकेशन में सीधे ही लिखा जा सकता है।

फोनेटिक ट्राँसिलिट्रेशन आधारित आइऍमई के उदाहरण हैं बरह आइऍमई, इण्डिक आइऍमई, गूगल इण्डिक लिप्यन्तरण आदि।

ये मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:-

निश्चित लिप्यन्तरण स्कीम आधारित[संपादित करें]

इस प्रकार के औजार एक निश्चित लिप्यन्तरण स्कीम के आधार पर टैक्स्ट को भारतीय लिपि में बदलते है।

इस प्रकार के टाइपिंग औजारों के उदाहरण हैं:- इण्डिक आइऍमई, बरह आइऍमई आदि।

शब्दकोश आधारित[संपादित करें]

इस तरह के औजार पहले रोमन में टाइप किये गये शब्द को एक शब्दकोश के साथ तुलना करते हैं और फिर उसे समकक्ष हिन्दी (इण्डिक) शब्द में बदलते हैं। ऐसे औजार कृत्रिम बुद्धिमता से युक्त होते हैं तथा सबसे उपयुक्त शब्द को खुद ही चुन लेते हैं। किसी विशेष स्कीम से बंधे न होने के कारण ये रोमनागरी के अभ्यस्तों के लिये तथा जो कि पहली बार अथवा शुरु में हिन्दी टाइप कर रहे हों, सर्वाधिक सरल एवं उपयुक्त होते हैं। शब्दकोश आधारित पहला ध्वन्यात्मक लिप्यन्तरण औजार क्विलपैड द्वारा बनाया गया था, बाद में गूगल तथा माइक्रोसॉफ्ट ने भी इस प्रकार के औजार बनाये।

इस प्रकार के टाइपिंग औजारों के उदाहरण हैं:-