ख़ैबर पख़्तूनख़्वा

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ख़ैबर पख़्तूनख़्वा
خیبر پښتونخوا
—  प्रान्त  —

Flag

Seal
उपनाम: सरहद, उत्तर पश्चिमी सीमांत प्रांत
पाकिसतान मै खैबर पख़तुनखवा को दिखाया गिया है
निर्देशांक (Peshawar): 34°00′N 71°19′E / 34.00°N 71.32°E / 34.00; 71.32निर्देशांक: 34°00′N 71°19′E / 34.00°N 71.32°E / 34.00; 71.32
दैश Flag of Pakistan.svg पाकिस्तान
स्थापित 14 आगसत 1947, re-established 1 जुलाई 1970
राजधानी पैशावर
बङ़ा शेहर पैशावर
शासन
 • प्रणाली प्रान्त
 • सभा प्रांतीय विधानसभा
 • गवरनर मेहताब अहमद खान अब्बासी
 • मुखे मंत्री परवैज़ ख़टक ( PTI )
 • चीफ़ सिकेट्री अमजद अली ख़ान
 • विधानमंडल unicameral (124 सीट)
 • हाईकोर्ट पेशावर हाई कोर्ट
क्षेत्र
 • कुल 74
जनसंख्या (2014)
 • कुल 28
समय मण्डल PST (यूटीसी +5)
दूरभाष कोड 9291
आईएसओ ३१६६ कुट PK-KP
भाषा उर्दू (राष्ट्रीय)


पश्तो
हिन्दकोसराईकी
खोवर


कोहिस्तानी
प्रांतीय विधानसभा सीटें 124
ज़िले 26
Union Councils 986
जालस्थल http://www.khyberpakhtunkhwa.gov.pk/
Provincial symbols of KPK (unofficial)
Provincial animal Straight-horned Markhor Capra falconeri hepteneri.jpg
Provincial bird White-crested Kalij pheasant Kalij-pheasant Hawaii.jpg
Provincial tree Indian date Ginjoler (Ziziphus jujuba) al jardí botànic de València.JPG
Provincial flower Apple of Sodom Calotropis procera flowers.jpg
Provincial sport Pashtun archery Makha (shooting game).jpg
मकरा चोटी

ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा (पहले:उत्तर पश्चिम सीमांत प्रान्त) पाकिस्तान का एक प्रान्त या सूबा है। इसे सूबा-ए-सरहद के नाम से भी जाना जाता है जो अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर स्थित है। यहाँ पर पश्तूनों की आबादी अधिक है जिन्हें स्थानीय रूप से पख़्तून भी कहते हैं। इनकी मातृभाषा पश्तो है। इस प्रांत की जनसंख्या करीब 2 करोड़ है जिसमें अफ़ग़ानिस्तान से आए शरणार्थियों की 15 लाख की आबादी सम्मिलित नहीं है।

इतिहास[संपादित करें]

आर्यों का आगमन ईसा के कोई 2000 साल पहले आरंभ हुआ। इस क्षेत्र में इंडो-ईरानियन शाखा आई। माना जाता है कि सातवीं सदी ईसापूर्व में हिन्दू महाजनपद गान्धार यहीं या इसी के समीप स्थित था। ईसा के 200 साल पहले बौद्ध धर्म यहाँ बहुत लोकप्रिय हुआ। मौर्यों के पतन के बाद इसपर कुषाणों का शासन आया। यह कुषाण साम्राज्य की राजधानी था और इस्लाम आने से पहले इसपर ईरानी आकर्मण भी होते रहे। इससे यहाँ जरथुष्ट्र के अनुयायियों की भी आबादी थी।

सातवीं सदी में चीन के पर्यटकों ने यहाँ के बौद्ध धर्म का जिक्र किया है। ग्यारहवीं सदी में गज़नी के महमूद ने बौद्ध तथा जोरास्ट्री शाहों को हराकर अपना शासन स्थापित किया। गज़नी तथा गज़नी पर गोर के शासन के बाद यहाँ तुर्क तथा अरबों की आबादी बढ़ती गई। दिल्ली सल्तनत के शासन में भी यहाँ इस्लाम अपनाया गया। मुग़लों तथा फ़ारस के साफ़वियों के बीच इस क्षेत्र को लेकर संघर्ष होता रहा। 1893 में अंग्रेज़ों ने अफ़गानों से यह क्षेत्र एक समझौते में ले लिया और 1947 में जब पाकिस्तान आज़ाद हुआ तो यह पाकिस्तान का अंग बन गया। उत्तर पश्चिम सीमांत प्रान्त में २४ जिले हैं।

सन्दर्भ[संपादित करें]