कन्नड लिपि

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बासारलु के मल्लिकार्जुन मन्दिर में १२३४ ई में प्राचीन कन्नड लिपि में लिखा सन्देश

कन्नड लिपि ब्राह्मी से व्युत्पन्न एक भारतीय लिपि है जिसका प्रयोग कन्नड लिखने में किया जाता है।

स्वर[संपादित करें]

कन्नड़
हिंदी एॅ

अनुस्वर: ಅಂ (हिंदी में: अं)
विसर्ग: ಅಃ (हिंदी में: अः)


व्यंजन[संपादित करें]

प्रत्येक व्यंजन का निम्न स्वर प्रचलित हैं-

  1. ह्रस्व (क्), जो उक्त व्यंजन का मूल स्वर है,
  2. दीर्घ ('क्' व 'अ' मिले 'क')

वर्णमाला मे व्यंजन के दीर्घ स्वर का उपयोग करते है।

कन्नड यूनिकोड[संपादित करें]

कन्नडलिपि
Unicode.org chart (PDF)
0 1 2 3 4 5 6 7 8 9 A B C D E F
U+0C8x
U+0C9x
U+0CAx
U+0CBx ಿ
U+0CCx
U+0CDx
U+0CEx
U+0CFx ೿
टिप्पणी
१.^ यूनिकोड संस्करण ६.१ के अनुसार