लिपि

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
विश्व की लिपियों का मानचित्र ██ लैटिन (अल्फाबेटिक) ██ सिरिलिक लिपि (अल्फाबेटिक) ██ हंगुल (featural alphabetic) ██ अन्य अल्फाबेटिक ██ अरबी लिपि (abjad) ██ अन्य abjads ██ देवनागरी (abugida) ██ अन्य abugidas ██ सिलैबरी ██ शब्द-चिह्न (चीनी अक्षर / logographic)
चीनी लिपि (चित्रलिपि)

लिपि या लेखन प्रणाली का अर्थ होता है किसी भी भाषा की लिखावट या लिखने का ढंग। लिपि और भाषा दो अलग अलग चीज़ें होती हैं। भाषा वो चीज़ होती है जो बोली जाती है, लिखने को तो उसे किसी भी लिपि में लिख सकते हैं। किसी एक भाषा को उसकी सामान्य लिपि से दूसरी लिपि में लिखना, इस तरह कि वास्तविक अनुवाद न हुआ हो, इसे लिप्यन्तरण कहते हैं।

यद्यपि संसार भर में प्रयोग हो रही भाषाओं की संख्या अब भी हजारों में है, तथापि इस समय इन भाषाओं को लिखने के लिये केवल लगभग दो दर्जन लिपियों का ही प्रयोग हो रहा है। और भी गहराई में जाने पर पता चलता है कि संसार में केवल तीन प्रकार की ही मूल लिपियाँ (या लिपि परिवार) है-

  • ब्राह्मी से व्युत्पन्न लिपियाँ - देवनागरी तथा दक्षिण एशिया एवं दक्षिण-पूर्व एशिया में प्रयुक्त लिपियाँ ; तथा

ये तीनो लिपियाँ तीन अलग-अलग क्षेत्रों में विकसित हुईं जो पर्वतों एवं मरुस्थलों द्वारा एक-दूसरे से अलग-अलग स्थित हैं।

  लतीनी  क्रिलिक      देवनागरी.-.-.-.तिब्बती
   \   /         / गुजराती
   \  / - आर्मेनियाई    /  बांग्ला     _ मंगोलियाई
    \ /         /  गुरुमुखी   /
   यूनानी - जॉर्जियाई   /   उड़िया  सोग्दी   चीनी
    |        /       लिपि   /
    |        /  तेलुगु        /
  फोनेशियन     ब्राह्मी - कन्नड़      चित्रलिपि  - जापानी
  / लिपि \    लिपि   मलयालम       \
 /   |  \    \    तमिल        \
इब्रानी   |   अरबी   \             कोरियाई
    |    \    \ - - सिंहला
    |         \
    |     \    \ - बर्मी
    |           \ ख्मेर
    |       \    \
   इथियोपियाई    दिवेही    \ - थाई
  (इथियोपिया,   (मालदीव)   लाओ
    इरिट्रिया)

अल्फाबेटिक (Alphabetic) लिपियाँ[संपादित करें]

इसमें स्वर अपने पूरे अक्षर का रूप लिये व्यंजन के बाद आते हैं।

अल्फासिलैबिक (Alphasyllabic) लिपियाँ[संपादित करें]

इसकी हरेक इकाई में अगर एक या अधिक व्यंजन होता है और उसपर स्वर की मात्रा का चिह्न लगाया जाता है। अगर इकाई में व्यंजन नहीं होता तो स्वर का पूरा चिह्न लिखा जाता है।

चित्र लिपियाँ[संपादित करें]

ये सरलीकृत चित्र होते हैं।

देवनागरी से अन्य लिपियों में रूपान्तरण[संपादित करें]

  • आईट्रान्स निरूपण, देवनागरी को लैटिन (रोमन) में परिवर्तित करने का आधुनिकतम और अक्षत (lossless) तरीका है। (Online Interface to iTrans)
  • आजकल अनेक कम्प्यूटर प्रोग्राम उपलब्ध हैं जिनकी सहायता से देवनागरी में लिखे पाठ को किसी भी भारतीय लिपि में बदला जा सकता है।
  • कुछ ऐसे भी कम्प्यूटर प्रोग्राम हैं जिनकी सहायता से देवनागरी में लिखे पाठ को लैटिन, अरबी, चीनी, क्रिलिक, आईपीए (IPA) आदि में बदला जा सकता है। (ICU Transform Demo)
  • यूनिकोड के पदार्पण के बाद देवनागरी का रोमनीकरण (romanization) अब अनावश्यक होता जा रहा है। क्योंकि धीरे-धीरे कम्प्यूटर पर देवनागरी को (और अन्य लिपियों को भी) पूर्ण समर्थन मिलने लगा है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]