भारत की विभिन्न भाषाओं की अलग-अलग लिपियाँ इस चित्र में प्रदर्शित हैं। इसमें असमिया/बंगाली लिपि का "क" अक्षर, देवनागरी का "क" अक्षर (जिसका प्रयोग बोडो, हिन्दी, मराठी, नेपाली आदि अनेक भाषाओं में होता है), गुजराती का "ક" अक्षर, गुरुमुखी का "ਕ" अक्षर, कन्नड़ का "ಕ" अक्षर, मलयालम का "ക" अक्षर, मैतेयी का "ꯀ" अक्षर (जो मैतै भाषा में प्रयुक्त होता है जिसे आधिकारिक रूप से मणिपुरी भाषा कहा जाता है), ओड़िया का "କ" अक्षर, फ़ारसी‑अरबी लिपि का "ک" अक्षर (जिसका प्रयोग कश्मीरी, सिन्धी एवं उर्दू में होता है), तमिऴ का "க" अक्षर, तेलुगु का "క" अक्षर तथा सन्ताल (ओल चिकी) का "ᱠ" अक्षर दिखाया गया है। बाएँ से दाएँ क्रम में ऊपरी पंक्ति में कन्नड़, गुजराती, फ़ारसी‑अरबी और तमिल अक्षर हैं; मध्य पंक्ति में मैतै, देवनागरी तथा असमिया/बंगाली अक्षर हैं; तथा निचली पंक्ति में मलयालम, ओड़िया, गुरुमुखी, तेलुगु और ओल चिकी/सन्ताल अक्षर प्रदर्शित हैं।
तेलुगु लिपि, ब्राह्मी से उत्पन्न एक भारतीय लिपि है जो तेलुगु भाषा लिखने के लिये प्रयुक्त होती है। अक्षरों के रूप और संयुक्ताक्षर में ये अपने पश्चिमी पड़ोसी कन्नड़ लिपि से बहुत मेल खाती है।
↑Nāgārjuna Venna. "Telugu Measures and Arithmetic Marks"(PDF). JTC1/SC2/WG2 N3156. International Organization for Standardization. अभिगमन तिथि: July 29, 2012.