अंदाज़ (2003 फ़िल्म)

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अंदाज़
अंदाज़ (2003 फ़िल्म).jpg
अंदाज़ का पोस्टर
निर्देशक राज कँवर
निर्माता सुनील दर्शन
लेखक जैनेन्द्र जैन (संवाद)
पटकथा रोबिन भट्ट
श्याम गोयल
कहानी राज कँवर
अभिनेता अक्षय कुमार,
लारा दत्ता,
प्रियंका चोपड़ा,
संगीतकार नदीम-श्रवण
संपादक संजय संकला
स्टूडियो श्री कृष्णा इंटरनेशनल
प्रदर्शन तिथि(याँ) 23 मई, 2003
देश भारत
भाषा हिन्दी

अंदाज़ 2003 में बनी हिन्दी भाषा की संगीतमय रूमानी फिल्म है। इसका निर्देशन राज कँवर ने और निर्माण सुनील दर्शन ने किया। मुख्य भूमिकाओं में अक्षय कुमार, लारा दत्ता और प्रियंका चोपड़ा हैं। फिल्म का संगीत नदीम-श्रवण ने समीर द्वारा लिखे गए गीतों के साथ बनाया गया था। यह फिल्म 23 मई 2003 को आलोचकों से मिश्रित समीक्षाओं के साथ जारी हुई थी, जिसमें लारा दत्ता और प्रियंका चोपड़ा के प्रदर्शन, छायांकन और संगीत की प्रशंसा की गई थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस की प्रमुख सफलता थी। इस फिल्म ने पूरे भारत में विभिन्न पुरस्कार समारोहों में कई पुरस्कार और नामांकन पाए।

संक्षेप[संपादित करें]

बचपन में राज मल्होत्रा का एक दुर्घटना में उसके पैरों में चोट लग जाती है, जिसके बाद से वो पैरों के ठीक होने के बाद भी चल नहीं पाता है। जब उनका परिवार देहरादून आ जाता है तो पड़ोस में रहने वाली काजल से उसकी दोस्ती हो जाती है। वो राज को चलने के लिए कहती है और राज चलने में सफल हो जाता है।

कई सालों के बाद जब वे दोनों बड़े हो जाते हैं, राज (अक्षय कुमार) एयर फोर्स में ट्रेनिंग के लिए चले जाता है और लगभग ढेड़ साल के बाद वापस लौटता है। वो मन ही मन काजल (लारा दत्ता) से प्यार करते रहता है और उसे अपने दिल की बात बताने के लिए जब उसके पास जाता है तो उसे पता चलता है कि वो करन सिंघानिया (अमन वर्मा) से प्यार करती है। राज उसे काजल के लिए एक अच्छा जीवनसाथी कहता है और अपने दिल की बात छुपा लेता है। करन और काजल की शादी हो जाती है और शादी के बाद उसकी पार्टी के दौरान काजल को पता चलता है कि राज उससे प्यार करता है। वो राज को अपने जीवन में आगे बढ़ने को कहती है। इसके बाद राज का परिवार नैनीताल में बस जाता है और राज आगे की ट्रेनिग के लिए दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन चले जाता है।

दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन शहर के एक क्लब में राज की मुलाक़ात जिया (प्रियंका चोपड़ा) से होती है। राज के अच्छे इंसान होने के कारण जिया को उससे प्यार हो जाता है, पर वो काजल को भूल नहीं पाता है। राज अपनी ट्रेनिग पूरी कर वापस भारत लौट आता है। वहाँ पहले से जिया मौजूद मिलती है। वो राज के घर किरायदार बन कर रह रही होती है। वो राज के दिल में जगह बनाने की तरह तरह से कोशिश करते रहती है, पर राज का दिल जीतने में नाकाम रहती है। करवा चौथ के दिन जिया भी व्रत रखती है, जैसा कि पत्नियाँ अपने पति के लिए रखती हैं। जब ये बात राज को पता चलती है तो वो गुस्सा हो जाता है और जिया को घर से जाने बोल देता है। राज का परिवार ये बताता है कि वे लोग उसकी और जिया की शादी होते देखना चाहते हैं। अपने परिवार वालों की बात मान कर वो जिया से शादी के लिए हाँ कर देता है।

जब वो जिया के परिवार से मिलने जाता है, तो उसे पता चलता है कि काजल, जिया की भाभी है। उसे ये भी पता चलता है कि करन की हेलीकाप्टर के एक हादसे में मौत हो चुकी है। इस हादसे और करन के मौत के लिए काजल अपने आप को दोषी मानती है और कई बार ख़ुदकुशी करने का प्रयास भी कर चुकी होती है। राज उसकी अवसाद से बाहर आने में मदद करता है। उन दोनों के करीब आने को देख कर जिया अपने पिता से काजल की शादी कराने की बात कहती है। राज और जिया के सगाई के समय काजल को पता चलता है कि परिवार वालों ने उसकी भी सगाई करने की तैयारी कर ली है। राज ये बात जान कर काजल से कहता है कि यदि वो सगाई के लिए तैयार नहीं है तो सगाई न करे। जिया गुस्से में बोल देती है कि वो दोनों कभी अपने प्यार को भुला नहीं सकते। अपने और काजल के बीच के रिश्ते पर इस तरह के आरोप सुन कर राज का दिमाग खराब हो जाता है और वो सिंदूर पकड़ कर काजल के मांग को भर देता है। उसके बाद जिया उन दोनों से अपने प्यार का इकरार करने बोलती है। इसके बाद ये फिल्म राज और काजल के शादी के साथ खत्म होती है।

कलाकार[संपादित करें]

संगीत[संपादित करें]

अंदाज़
नदीम-श्रवण द्वारा
जारी 9 मार्च 2003 (2003-03-09)
रिकॉर्डिंग 2002
संगीत शैली फिल्म साउंडट्रैक
भाषा हिन्दी
लेबल श्री कृष्णा ऑडियो
नदीम-श्रवण कालक्रम

ये दिल
(2003)
'''अंदाज़'''
(2003)
क़यामत
(2003)

सभी गीत समीर द्वारा लिखित; सारा संगीत नदीम-श्रवण द्वारा रचित।

क्र॰शीर्षकगायकअवधि
1."किसी से तुम प्यार करो"कुमार सानु, अलका याज्ञिक5:11
2."कितना पागल दिल है"कुमार सानु5:33
3."अल्लाह करे दिल न लगे"सोनू निगम, अलका याज्ञिक5:27
4."रब्बा इश्क ना होवे"अलका याज्ञिक, कैलाश खेर, सपना मुखर्जी, सोनू निगम6:23
5."आज कहना जरूरी है"अलका याज्ञिक, उदित नारायण5:59
6."आएगा मजा अब बरसात का"अलका याज्ञिक, बाबुल सुप्रियो5:32
7."कितना पागल दिल है" (महिला)अलका याज्ञिक5:32
8."शाला ला बेबी"अलका याज्ञिक, शान6:05
कुल अवधि:45:42

नामांकन और पुरस्कार[संपादित करें]

पुरस्कार श्रेणी प्राप्तकर्ता और नामांकित व्यक्ति परिणाम
फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा नामित
महिला प्रथम अभिनय लारा दत्ता जीत
प्रियंका चोपड़ा जीत
सर्वश्रेष्ठ गीतकार समीर ("किसी से तुम प्यार करो") नामित
सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक कुमार सानु ("किसी से तुम प्यार करो") नामित

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]