आयरलैण्ड गणतंत्र

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Éire
आयरलैंड
आयरलैन्ड का ध्वज आयरलैन्ड का कुल चिन्ह
ध्वज कुल चिन्ह
राष्ट्रवाक्य: none
राष्ट्रगान: अम्ह्रान ना भ्फ़ियान
("द सोल्जर्स सॉन्ग")
आयरलैन्ड की स्थिति
राजधानी
(और सबसे बड़ा शहर)
डबलिन
53°26′ N 6°15′ O
राजभाषा(एँ) आयरिश, अंग्रेज़ी
सरकार गणराज्य
 - राष्ट्रपति मैरी मैक’अलीज़
 - ताओइसिच ब्रायन कोवेन
स्वतंत्र संयुक्त राजशाही से 
 - घोषित २१ जनवरी, १९१९ 
 - मान्यता प्राप्त ६ दिसंबर, १९२२ 
यूरोपीय संघ में अधिमिलन १ जनवरी, १९७३
क्षेत्रफल
 - कुल ७०,२७३ वर्ग किमी (१२०वां)
२७,१३३ वर्ग मील
 - जल(%) २.०० %
जनसंख्या
 - जुलाई २००५ अनुमान ४,१४८,००० (१२२ वां)
 - २००२ जनगणना ३,९१७,२०३
 - जन घनत्व ५७/वर्ग किमी (१३९ वां)
१४७.६/वर्ग मील
सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) (पीपीपी) २००५ अनुमान
 - कुल $१६७.९ बिलियन (४९ वां)
 - प्रति व्यक्ति $३४,१०० (४ वां)
मानव विकास सूचकांक  (२००३) 0. ९४६ ({{{HDI_ref}}}) (८ वां)
मुद्रा यूरो (€) (EUR)
समय मंडल GMT (यूटीसी +०)
 - ग्रीष्म (DST) आयरिश समर टाइम (यूटीसी +१)
इंटरनेट टीएलडी .ie
दूरभाष कोड +३५३

आयरलैंड गणतंत्र (आयरिश : Poblacht na hÉireann) यूरोप महाद्वीप का एक छोटा सा देश है जिसके चारों ओर प्रकृति का सौन्दर्य फैला हुआ है। पूरा देश हरियाली से भरा हुआ है। यह दुनिया में सबसे बडे द्वीप के रूप में २०वें स्थान पर आता है। इस देश की आबादी ३.९५ करोड़ के लगभग है।

इतिहास[संपादित करें]

आयरलैंड का इतिहास बताता है कि स्वाधीनता मिलने से पूर्व यह देश ब्रिटिश शासन के आधीन था। ३ मई १९२१ को इस देश का विभाजन हो गया और ६ दिसम्बर १९२२ को यह यू० के० से स्वतन्त्र होकर एक अलग राज्य के रूप में स्थापित्य हो गया। राज्य से इसे देश का दर्जा २९ दिसम्बर १९३७ को प्राप्त हुआ और सन १९४९ को यह देश पूर्ण रूप से रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड के नाम से दुनिया के मानचित्र पर अंकित हो गया परन्तु इसका एक भाग आज भी यू० के० के अधिकार क्षेत्र में आता है, जिसे उत्तरी आयरलैंड कहा जाता है। सन १९४९ में यह देश ब्रिटेन से स्वतन्त्र तो हो गया परन्तु आर्थिक संसाधनों के अभाव में इसकी अर्थव्यवस्था उन्नति की ओर अग्रसर नहीं हो सकी। सन १९५० में युरोपियन कमेटी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद, विकसित सदस्य देशों के सहयोग से इसकी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया जिसके परिणामस्वरूप यह देश सकल घरेलू उत्पाद में विश्व में छठे स्थान पर है, इसके साथ ही राजनैतिक स्वतन्त्रता में, आर्थिक स्वतन्त्रता में, मानवाधिकार में इसकी गणना उच्चतम स्तर पर की जाती है।

संस्कृति[संपादित करें]

आयरलैंड की मूलत, जो पारम्परिक संस्कृति है, वह अब गाँवों तक ही सीमित रह गयी है। गाँवों में बसे आयरिश अपनी संस्कृति के प्रति आज भी उतने ही आस्थावान है जितने पहले हुआ करते थे। वे उन रीति-रिवाजों, परम्पराओं को जीवन्त किये हुए है जो किसी भी देश की पहचान होती है। आयरिश खुले विचारों के होते है। वे अपने विचारों और भावों को प्रदर्शित करने में जरा भी संकोच नहीं करते। यही खुलापन उनकी व्यवहारकुशला को और भी सुदृढ़ बनाता हैं। आयरिश और अँग्रेजी यहाँ की मुख्य भाषाएं है। आयरिश भाषा इस देश की मातृभाषा है और अँग्रेजी को सरकारी तौर पर दूसरी भाषा का स्थान प्राप्त है। बोल-चाल में आयरिश और अँग्रेजी दोनो भाषाओं का प्रयोग होता है परन्तु अँग्रेजी भाषा मुख्य रूप से ज्यादा प्रयोग की जाती है। समय के साथ यहाँ की जीवन-शैली में भी बडा परिवर्तन आया। बड़े घरो का स्थान छोटे अपार्टमेंटस ने ले लिया, फायरपेलेस का स्थान सेंट्रल हीटिग सिस्टम ने ले लिया और पारम्परिक आयरिश भोजन की जगह फास्ट फूड ने ले ली। आयरिश भोजन में मुख्य रूप से माँस और आलू का उपयोग बहुतायत मात्रा में होता है। विभिन्न प्रकार के अनाजों से बनी ब्रेड यहाँ के लोगों के भोजन का आधार है। आयरिश अपने स्वास्थ्य के प्रति अत्यधिक जागरूक है इसलिए वे ताजी सब्जियों के साथ शहद को भी अपने भोजन में शामिल करते है। भारतीय, चायनीज, इटैलियन और मैक्सिकन भोजन यहाँ के लोगों की पसन्द बन रहा है परन्तु फास्ट फूड युवा वर्ग की मुख्य पसन्द है। आयरलैंड की पब संस्कृति पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।

कृषि एवं उद्योग[संपादित करें]

आयरिश कृषि मुख्यतः वनस्पति पर आधारित उद्योग के रूप विकसित हुई है। भूमि के एक बड़े भाग को पशुओं के चारे और भूसे के लिए दिया गया है। सन १९९८ में आयरलैंड की पूरी भूमि के क्षेत्रफल का केवल १९,५% भाग ही खेती और पशुओं के चारे के लिए उपयोग में लाई जा रही थी। लगभग ६% भूमि पर अनाज जैसे गेहूँ, जौ, मक्का आदि अनाज उगाए गए थे, १,५% भूमि पर हरी फसलों का उत्पादन हो रहा था अर्थात् भूमि का एक बड़ा भाग पशु-पालन में उपयोग हो रहा है। इसका कारण यह है कि पशु-पालन यहाँ की निर्यात-आय का मुख्य स्रोत है। पशुओं का माँस और उनसे बनने वाले डेयरी उत्पादन को यहाँ से अन्य देशों को निर्यात किया जाता है। उत्पादन कीमतों का ६०% गाय के माँस, और दुग्ध उत्पादन से ही पूरा होता है। आयरलैंड विश्व में सबसे बड़े बीफ उत्पादक देश कि रूप में विकसित हो रहा है। आयरलैंड में लगभग १३०,००० किसान हैं। सन २००२ के ऑकड़ों के अनुसार १३% किसान ३५ वर्ष से कम उम्र के है, ४६% किसान ३५ और ५५ वर्ष के उम्र के बीच है, २१% किसान ५५ और ६५ वर्ष के उम्र के बीच है और २०% किसान ६५ वर्ष से अधिक उम्र के है। एक समय था जब कृषि भूमि का मालिक होना अमीर होने का प्रतीक था और आय का मुख्य स्रोत भी था। इस सर्वे से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि कृषि के प्रति युवाओं का आर्कषण कम होता जा रहा है। वे नौकरी या स्वयं के व्यवसाय में अधिक रूचि ले रहे है। यहाँ का मुख्य रूप से उद्योग कपड़े पर छपाई, दवा और मछली-पालन है। इसके साथ खान-पान की वस्तुओं की पैकिंग और वितरण उद्योग भी है जिसके लिए यहाँ एक एफ.डी.आई.आई. व्यापार संगठन बनाया गया है जिसका इन उद्योगों पर नियन्त्रण रहता है।

शिक्षा[संपादित करें]

आयरलैंड में शिक्षा प्राइमरी, सेकेण्डरी और हाइयर तीन स्तरों पर निधारित की गयी है। पिछले कुछ वर्षो में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बहुत अधिक विकास हुआ है। सन १९६० में हुए आर्थिक विकास के कारण शिक्षा प्रणाली में सुधार के अनेक परिवर्तन हुए है। यहाँ सभी स्तरों पर शिक्षा निशुल्क है परन्तु यह सुविधा केवल कुछ देशों के विद्यार्थियों के लिए ही है। आयरलैंड में शिक्षा प्राइमरी, सेकेण्डरी और हाइयर तीन स्तरों पर निधारित की गयी है। पिछले कुछ वर्षो में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बहुत अधिक विकास हुआ है। सन १९६० में हुए आर्थिक विकास के कारण शिक्षा प्रणाली में सुधार के अनेक परिवर्तन हुए है। यहाँ सभी स्तरों पर शिक्षा निशुल्क है परन्तु यह सुविधा केवल ई० यू० देशों के विद्यार्थियों के लिए ही है। प्रारंभिक शिक्षा सभी स्कूलों में दी जाती है जिसका उद्देश्य प्रत्येक बच्चे का शारीरिक, बौद्धिक और मानसिक विकास करना है। यह शिक्षा मुख्यतः नेशनल स्कूल, मल्टीडोमिनेशनल स्कूलों में दी जाती हैं। अधिकाश विद्यार्थी सेकेंडरी स्कूल तक की शिक्षा पूरी करते ही हैं । यह शिक्षा मुख्यत, मल्टीस्कूल, कम्प्रीहेंसिव स्कूल, वोकेशनल या वोलेनटरी स्कूलों में पूरी की जाती है। अधिकांश विद्यार्थी १२-१३ वर्ष की उम्र में प्रवेश लेते है और १७-१९ वर्ष की उम्र में वे लीविग सर्टिफिकेट परीक्षा देकर सेकेंडरी शिक्षा समाप्त कर लेते है। आयरलैंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक विश्वविद्यालय और संस्थाए है जिनकी गणना विश्व की सबसे अच्छी संस्थाओं में होती है। टॉप यूनिवर्सिटी.काम वेबसाइट २००८ के आँकड़ों के अनुसार यूनिवर्सिटी ऑफ डवलिन ट्रिनिटी कॉलेज को विश्व के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में ४९वें स्थान पर, यूनिवर्सिटी कालेज डबलिन को १०८वें स्थान पर, यूनिवर्सिटी कालेज कार्क को २२६ स्थान पर, डबलिन सिटी विश्वविद्यालय को ३०२ स्थान पर और डबलिन यूनिवर्सिटी आफ टेक्नालाजी ३२८ स्थान पर प्रदर्शित किया गया हैं।

धर्म[संपादित करें]

रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड में किसी धर्म को कोई मान्यता प्राप्त नहीं है। ईसाई धर्म को अधिक संख्या में मनाने के कारण यहाँ ईसाई धर्म प्रचलित हो गया। इस देश की लगभग ९२% आबादी रोमन कैथोलिक धर्म का पालन करती है। केवल ३% लोग प्रोटेस्टेन्ट धर्म को मानते है, चर्च आफॅ आयरलैंड को २.३५% प्रेसवायटेरियन को ०.३७% मैथोडिस्ट को ०.१४% और अन्य छोटे परन्तु स्थिर धर्म को मानने वालों में जैविश समुदाय का ०.०४% और इस्लाम का ०.११ प्रतिशत है। सन २००५ में यूरोवॉरोमीटर द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार ७३% आयरिश नागरिक गाँड में विश्वास रखते है। २२% आत्मा जैसी शक्ति में विश्वास रखते है और केवल ४% लोगों का ईश्वर में विश्वास नहीं है।

संगीत एवं कला[संपादित करें]

आयरलैंड में संग्रहालय और कला दीर्घाएँ बड़ी संख्या में है। मुख्यत, गर्मियों के महीने में यहाँ बड़ी संख्या में संगीत और कला से सम्बन्धित कई कार्यक्रम व्यवस्थित किए जाते है। सेल्टिक म्यूजिक यहाँ का पारमपरिक संगीत है, जो आयरिश संगीत का एक भाग है। विश्व मंच पर आयरिश संगीत को पहचान दिलाने में जेम्स गालवे का सहयोग अतुलनीय है। कला में सेल्टिक आर्ट एक पुरानी कला है जिसमें रेखाओं की सिमेट्री बनाई जाती है जिसमें सेल्टिक क्रास, नॉटवर्क डिजायन, सेल्टिक ट्री ऑफ लाइफ, स्पाइरल डिजायन, पार्टकुलिस डिजायन आदि है जो किसी न किसी मान्यता से जुड़ी हुई है। यहाँ का सेंट पेट्रिक दिवस त्यौहार बहुत प्रसिद्ध है जिसमें लोगों द्वारा कला से सम्बन्धित अनेकों कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते है।

संदर्भ[संपादित करें]