महेंद्र भटनागर

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महेंद्र भटनागर
जन्म 26 जून 1926 (1926-06-26) (आयु 92)
ननसार,झांसी, उत्तरप्रदेश, भारत
राष्ट्रीयता भारतीय
व्यवसाय कवि एवं लेखक

डॉ महेंद्र भटनागर (अंग्रेज़ी: Mahendra Bhatnagar जन्म 26 जून,1926) भारतीय समाजार्थिक-राष्ट्रीय-राजनीतिक चेतना-सम्पन्न द्वि-भाषिक (हिन्दी एवं अंग्रेजी) कवि एवं लेखक हैं। ये सन् 1946 से प्रगतिवादी काव्यान्दोलन से सक्रिय रूप से सम्बद्ध प्रगतिशील हिन्दी कविता के द्वितीय उत्थान के चर्चित हस्ताक्षरों में से एक हैं।[1][2][3][4][5][6]

व्यक्तिगत जीवन[संपादित करें]

26 जून 1926 को प्रातः 6 बजे, झाँसी (उत्तर प्रदेश) में, जन्म। महेंद्रभटनागर की प्रारम्भिक शिक्षा झाँसी, मुरार (ग्वालियर), सबलगढ़ (मुरैना) में हुई। इन्होंने सन् 1941 में शासकीय विद्यालय, मुरार (ग्वालियर) से मैट्रिक, सन् 1943 में माधव महाविद्यालय, उज्जैन से इंटरमीडिएट, सन्1945 में विक्टोरिया कॉलेज, ग्वालियर से स्नातक, सन् 1948 में नागपुर विश्वविद्यालय से परास्नातक (हिन्दी) की शिक्षा और सन् 1957 में 'समस्यामूलक उपन्यासकार प्रेमचंद' विषय पर पी-एच. डी. की उपाधि प्राप्त की।[7]

कार्य क्षेत्र[संपादित करें]

जुलाई 1945 से इन्होने अध्यापन-कार्य शुरू किया। इनके कार्यक्षेत्र क्रमश: उज्जैन, देवास, धार, दतिया, इंदौर, ग्वालियर, महू और मंदसौर के साथ-साथ चम्बल-अंचल, मालवा, बुंदेलखंड रहा है। ये 'कमलाराजा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ग्वालियर (जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर की अंगीभूत इकाई) से 1 जुलाई 1984 को प्रोफ़ेसर-अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। ये हिन्दी भाषा एवं साहित्य के शोध-निर्देशक भी रहे हैं।

साहित्यिक गतिविधियां[संपादित करें]

महेंद्रभटनागर की काव्य-यात्रा सन् 1941 के लगभग अंत में आरम्भ हुई, जब ये पंद्रह वर्ष के थे और 'विक्टोरिया कॉलेज, ग्वालियर' में इंटरमीडिएट (प्रथम वर्ष) के छात्र थे। इनकी प्रथम कविता 'सुख-दुख' है; जो वार्षिक पत्रिका 'विक्टोरिया कॉलेज मेगज़ीन' के किसी अंक में छपी थी। वैसे गंभीर साहित्य के दृष्टिगत इनकी प्रथम प्रकाशित कविता 'हुंकार' है; जो 'विशाल भारत' (कलकत्ता) के मार्च 1944 के अंक में प्रकाशित हुई थी। इनका सृजन हिन्दी की तत्कालीन तीनों काव्य-धाराओं से सम्पृक्त है। इनकी साहित्यिक पहचान राष्ट्रीय काव्य-धारा, उत्तर छायावादी गीति-काव्य और प्रगतिवादी कविता से है। ये समाजार्थिक-राष्ट्रीय-राजनीतिक चेतना-सम्पन्न रचनाकार हैं। ये सन्1946 से प्रगतिवादी काव्यान्दोलन से सक्रिय रूप से सम्बद्ध हैं। इनकी अनेक कविताओं का प्रकाशन 'हंस' (वाराणसी / इलाहाबाद) में हुआ। तदुपरान्त अन्य जनवादी-वाम पत्रिकाओं में भी। हिन्दी साहित्य में इनका स्थान एक प्रगतिशील कवि के रूप में मान्य है — प्रगतिशील हिन्दी कविता के द्वितीय उत्थान के चर्चित हस्ताक्षर के रूप में। सन् 1949 से इनकी काव्य-कृतियों का क्रमशः प्रकाशन शुरू हुआ। काव्य-शिल्प के प्रति जागरूक महेंद्रभटनागर छंदबद्ध और मुक्त-छंद दोनों में काव्य-सृष्टि में संलग्न रहे हैं। इनकी छंद-मुक्त गद्यात्मक कविता अत्यल्प हैं। इनकी मुक्त-छंद की रचनाएँ भी मात्रिक छंदों से अनुशासित है। ये काव्य-भाषा में तत्सम शब्दों के अतिरिक्त तद्भव व देशज शब्दों एवं अरबी-फ़ारसी (उर्दू), अंग्रेज़ी आदि के प्रचलित शब्दों का प्रचुर प्रयोग करते हैं। इनकी रचनाओं में विचारों-भावों की प्रधानता होती है। ये कविता की अन्तर्वस्तु के प्रति सजग रचनाकारों में से एक हैं।[8][9][10]

प्रकाशित रचनाएँ[संपादित करें]

  • कुल 20 काव्य-कृतियाँ प्रकाशित।[11]
  • कविताएँ अंग्रेज़ी, फ्रेंच, चेक एवं अधिकांश भारतीय भाषाओं में अनूदित। [12]
  • अधिकांश साहित्य 'महेंद्रभटनागर-समग्र' के छह-खंडों में [तीन खण्ड कविता के, दो खण्ड आलोचना के, एक खण्ड विविध लेखन का], 'प्रेमचद-समग्र' (शोध) पृथक से प्रकाशित। एवं मात्र काव्य-सृष्टि 'महेंद्रभटनागर की कविता-गंगा' के तीन खंडों में पुन: प्रकाशित।[13][14]

'महेंद्रभटनागर की कविता-गंगा'

  • खंड : 1 / तारों के गीत, विहान, अन्तराल, अभियान, बदलता युग, टूटती शृंखलाएँ[15]
  • खंड : 2/नयी चेतना, मधुरिमा, जिजीविषा, संतरण, संवर्त[16]
  • खंड : 3/संकल्प, जूझते हुए, जीने के लिए, आहत युग, अनुभूत-क्षण, मृत्यु-बोध : जीवन-बोध, राग-संवेदन[17]

प्रतिनिधि संकलन

  • कविताएँ : मानव-गरिमा के लिए (जनसंवेदना-जनचेतना से सम्बद्ध — द्वि-भाषिक : हिंदी-अंग्रेज़ी)
  • सरोकार और सृजन: (जनसंवेदना-जनचेतना से सम्बद्ध प्रतिनिधि कविताएँ)
  • जनकवि महेंद्रभटनागर (समाजार्थिक चेतना से सम्बद्ध)
  • प्रगतिशील कवि महेंद्रभटनागर (समाजार्थिक चेतना से सम्बद्ध)
  • जीवन : जैसा जो है! (जीवन-दर्शन से सम्बद्ध / द्वि-भाषिक : हिंदी-अंग्रेज़ी)
  • जीवन-राग (जीवन-दर्शन से सम्बद्ध)
  • चाँद, मेरे प्यार! (प्रेम-कविताएँ / द्वि-भाषिक: हिंदी-अंग्रेज़ी)
  • गौरैया एवं अन्य कविताएँ (प्रकृति-प्रेम की कविताएँ / द्वि-भाषिक: हिंदी-अंग्रेज़ी)
  • मृत्यु और जीवन (द्वि-भाषिक : हिंदी-अंग्रेज़ी)
  • गीतक्रम (प्रतिनिधि गेय गीत)
  • महेंद्रभटनागर के नवगीत
  • प्रतिनिधि कविताएँ: महेंद्रभटनागर
  • आधुनिक कवि: महेंद्रभटनागर
  • कविश्री : महेंद्रभटनागर ('कविश्री-मालान्तर्गत' / संयोजक: शिवमंगलसिंह ‘सुमन’)

मूल्यांकन / शोध[संपादित करें]

आलोचनात्मक कृतियाँ

  • महेंद्रभटनागर का काव्य-लोक/ वंशीधर सिंह
  • महेंद्रभटनागर की काव्य-संवेदना: अन्तःअनुशासनीय आकलन/ डॉ॰ वीरेंद्र सिंह
  • कवि महेंद्रभटनागर का रचना-कर्म/ डॉ॰ किरणशंकर प्रसाद
  • डॉ॰ महेंद्रभटनागर की काव्य-साधना/ ममता मिश्रा

सम्पादित

  • महेंद्रभटनागर की कविता: परख और पहचान/ सं. डॉ॰ पाण्डेय शशिभूषण ‘शीतांशु’
  • महेंद्रभटनागर की काव्य-यात्रा/ सं. डॉ॰ रामसजन पाण्डेय
  • डॉ॰ महेंद्रभटनागर का कवि-व्यक्तित्व/ सं. डॉ॰ रवि रंजन
  • सामाजिक चेतना के शिल्पी: कवि महेंद्रभटनागर/ सं. डॉ॰ हरिचरण शर्मा
  • कवि महेंद्रभटनागर का रचना-संसार/ सं. डॉ॰ विनयमोहन शर्मा
  • कवि महेंद्रभटनागर: सृजन और मूल्यांकन/सं. डॉ॰ दुर्गाप्रसाद झाला
  • मृत्यु और जीवन (महेंद्रभटनागर की 50 कविताएँ) : आलोचनात्मक आलेख
  • 'राग-संवेदन’ दृष्टि और सृष्टि: (महेंद्रभटनागर की 50 कविताएँ) : आलोचनात्मक आलेख
  • 'अनुभूत क्षण' दृष्टि और सृष्टि : (महेंद्रभटनागर की 55 कविताएँ) : आलोचनात्मक आलेख
  • महेंद्रभटनागर के नवगीत (महेंद्रभटनागर के 50 नवगीत) : आलोचनात्मक आलेख अक्ष

शोध-प्रबन्ध

  • महेंद्रभटनागर की सर्जनशीलता/ डॉ॰ विनीता मानेकर
  • प्रगतिवादी कवि महेंद्रभटनागर: अनुभूति और अभिव्यक्ति/ डॉ॰ माधुरी शुक्ला
  • महेंद्रभटनागर के काव्य का वैचारिक एवं संवेदनात्मक धरातल/ डॉ॰ रजत कुमार षड़ंगी

अप्रकाशित शोध-प्रबन्ध

  • महेंद्रभटनागर के काव्य में संवेदना के विविध आयाम/डॉ॰ प्रमोद कुमार
  • डॉ॰ महेंद्रभटनागर: व्यक्तित्व एवं कृतित्व/डॉ॰ मंगलोर अब्दुलरज़ाक बाबुसाब
  • डॉ॰ महेंद्रभटनागर के काव्य का नव-स्वछंदतावादी मूल्यांकन/ डॉ॰ कविता शर्मा
  • डॉ॰ महेंद्रभटनागर के काव्य में सांस्कृतिक चेतना/ डॉ॰ अलका रानी सिंह
  • महेंद्रभटनागर का काव्य: कथ्य और शिल्प/ डॉ॰ मीना गामी
  • डॉ॰ महेंद्रभटनागर के काव्य में समसामयिकता/ डॉ॰ विपुल रणछोड़भाई जोधाणी
  • डॉ॰ महेंद्रभटनागर की गीति--रचना: संवेदना और शिल्प/ डॉ॰ रजनीकान्त सिंह
  • महेंद्रभटनागर की कविता : एक मूल्यांकन/ डॉ॰ रोशनी बी॰ एस॰

सह-लेखन

  • हिन्दी साहित्य कोश

(भाग - 1 / द्वितीय संस्करण / ज्ञानमंडल, वाराणसी),[18]

  • तुलनात्मक साहित्य विश्वकोश/सिद्धान्त और अनुप्रयोग

(खंड - 1 / महात्मा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा)

सम्पादन

  • ‘सन्ध्या’ (मासिक / उज्जैन 1948-49),
  • ‘प्रतिकल्पा’ (त्रौमासिक / उज्जैन 1958)

अन्य भाषाओं मे अध्ययन[संपादित करें]

Published research & critical studies (In Eng.) :

  • Living Through Challenges : A Study of Dr. Mahendra Bhatnagar’s Poetry. [by Dr. B.C. Dwivedy]
  • Poet Dr. Mahendra Bhatnagar : His Mind And Art.[Edited]
  • Concerns and Creation.[Edited]
  • E-Book : Dr. Mahendra Bhatnagar’s Poetry in the eyes of critics.[KedarNath Sharma]
  • The Poetry of Mahendra Bhatnagar : Realistic & Visionary Aspects. [Edited]

Eleven volumes of poems in English :

  • ‘Forty Poems of Mahendra Bhatnagar’
  • ‘After The Forty Poems’
  • ‘Dr. Mahendra Bhatnagar’s Poetry.’
  • ‘Exuberance and other poems.
  • ‘Death Perception : Life Perception’
  • ‘Passion and Compassion’
  • ‘Poems : For A Better World’
  • ‘Lyric-Lute’
  • ‘A Handful Of Light’
  • ‘New Enlightened World’
  • ‘Dawn to Dusk’

Distinguished Anthologies :

  • POMES : FOR HUMAN DIGNITY

[Poems of social harmony & humanism : realistic & visionary aspects.]

  • LIFE : AS IT IS

[Poems of faith & optimism : delight & pain. Philosophy of life.]

  • O, MOON, MY SWEET-HEARET!

[Love poems]

  • SPARROW and other poems

[Nature Poems]

  • DEATH AND LIFE

[Poems on Death-perception : Life-perception & Critical Study]

  • One volume of translated poems in French (‘A Modern Indian Poet : Dr. Mahendra Bhatnagar : Un Poèt Indien Et Moderne’.)[19][20][21]

प्रकाशित रचनाएँ अंग्रेजी मे[संपादित करें]

  • Death-Perception : Life-Perception Poems : For A Better World[22]
  • Passion and Compassion[23]
  • Lyric-Lute[24]
  • A Handful of Light[25]
  • Dawn to Dusk[26]
  • A Few Later Poems Of Mahendra Bhatnagar[27]

अनुवाद[संपादित करें]

  • फ्रेंच में : A Modern Indian Poet : Dr. Mahendra Bhatnagar : UN POÈTE INDIEN ET MODERNE /Tr. Mrs. Purnima Ray
  • तमिल में : [1] Kaalan Maarum [2] Mahendra Bhatnagarin Kavithaigal.
  • तेलगू में : Deepanni Veliginchu.
  • कन्नड और बाँगला में : Mrityu-Bodh : Jeewan-Bodh.
  • मराठी में : Samkalp Aaani Anaya Kavita
  • उडिया में : Kala-Sadhna.[28]

सम्मान / पुरस्कार[संपादित करें]

  • चार बार (1952, 1958, 1960, 1985.) में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा, क्रमश: कला-परिषद् मध्य-भारत सरकार के द्वारा 1952 में, मध्य-प्रदेश शासन साहित्य परिषद्, भोपाल के द्वारा 1958 और 1960 में और

मध्य-प्रदेश साहित्य परिषद्, भोपाल के द्वारा 1985 में सम्मानित

  • ‘मध्य-भारत हिन्दी साहित्य सभा’, ग्वालियर के द्वारा 1979 मे।
  • ‘ग्वालियर साहित्य अकादमी’ द्वारा अलंकरण-सम्मान, 2004 मे।
  • ‘मध्य-प्रदेश लेखक संघ’, भोपाल के द्वारा 2006 में।
  • अखिल भारतीय हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग / जगन्नाथपुरी अधिवेशन 2010 में सर्वोच्च सम्मान ‘साहित्यवाचस्पति’।[29]
  • जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर द्वारा ‘हिंदी-दिवस: 2012’ पर ‘हिंदी-सेवी’ सम्मान।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Prof. Suresh Chandra Dwivedi. "A conversation with Dr. Mahendra Bhatnagar". Another Subcontinent. Dr. Mahendra Bhatnagar I have been related to English language since my childhood.
  2. MAHENDRA BHATNAGAR: A POET OF PASSION AND COMPASSION
  3. ‘SRIJAN AUR SAROKAAR’, Shaanti Prakaashan
  4. ‘LIFE : AS IT IS’ Bilingual
  5. LOVE POEMS : Bilingual
  6. ‘PRAGATI’ KE KAVI MAHENDRA BHATNAGAR
  7. रचनाकार महेंद्र भटनागर का परिचय साहित्य शिल्पी में
  8. महेंद्रभटनागर, स्ववृत्त
  9. महेंद्रभटनागर का काव्य-वैशिष्ट्य (नव्या)
  10. यथार्थ के दर्पण में:महेंद्रभटनागर-विरचित नवगीत
  11. महेंद्रभटनागर का काव्य-वैशिष्ट्य — डा॰ शम्भूनाथ चतुर्वेदी
  12. रचनाकार में वीरेन्द्र सिंह यादव का आलेख - कवि महेंद्रभटनागर
  13. महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय का अभिक्रम हिन्दी समय मे महेंद्र भटनागर का परिचय
  14. रचनाकार: वीरेन्द्र सिंह यादव का आलेख - कवि महेंद्रभटनागर
  15. GOOGLE BOOK ‘KAVITAA GANGAA’ —1
  16. GOOGLE BOOK ‘KAVITAA GANGAA’ — 2
  17. GOOGLE BOOK ‘KAVITAA GANGAA’ — 3
  18. [वर्मा, धीरेन्द्र (१९८५). हिन्दी साहित्य कोश भाग-२. वाराणसी, भारत: ज्ञानमंडल लिमिटेड, वाराणसी, उ.प्र.. प॰ 544.]
  19. A Modern Indian Poet Dr. Mahendra Bhatnagar
  20. [‘ A Modern Indian Poet Dr. Mahendra Bhatnagar — UN POÈTE INDIEN ET MODERNE’,Publisher : Indian Publisher’s Distributors, 166-D, Kamla Nagar, Delhi — 110 007, Pages 292]
  21. महेंद्रभटनागर की कविताएँ फ्रेंच में
  22. 'Death-Perception: Life-Perception': A Dialectical Study,Mrs. Purnima Ray, Burdwan (W.B.)
  23. Book Title:Passion And Compassion,Author:Mahendra Bhatnagar,ISBN 8173413819,Year of Publication:2005,Book Binding:Hard Bound,Language:English
  24. Book Datails : Lyric - Lute,Author : Mahendra Bhatnagar, Vista International Publishing House, 2007, xvii, 275 p, ISBN : 8189942038
  25. Poetic-Verses
  26. The Poetic Spectrum and Dimension of Poet Mahendra Bhatnagar
  27. ‘Death-Perception : Life-Perception’ / ‘A Handful Of Light’
  28. Poetry - Poetic-Verses, mahendra bhatnagar in poetry poem dot com
  29. समाचार : डॉ॰महेंद्रभटनागर 'साहित्यवाचस्पति' से अलंकृत

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]