पाइआन
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पाइआन की क्वार्क संरचना | |
| संघटन | π+: ud π0: uu or dd π−: du |
|---|---|
| सांख्यिकी | बोसॉन |
| अन्योन्य क्रिया | प्रबल |
| प्रतिक | π+, π0, and π− |
| Theorized | हिदेकी युकावा (1935) |
| आविष्कार | सेसर लेटस, ग्यूसेप ओच्चिअलिनि (1947) और सेसिल पावेल |
| प्रकार | 3 |
| द्रव्यमान | π±: 139.57018(35) MeV/c2 π0: 134.976599(6) MeV/c2 |
| विद्युत आवेश | π+: +1 e π0: 0 e π−: −1 e |
| प्रचक्रण | 0 |
| समता | −1 |
कण भौतिकी में पाइआन अथवा पाइमेसॉन एक संयुक्त हैड्रॉन कण है। दो भिन्न क्वार्क के संयोजन से यह कण प्राप्त होता है। इस पर धनात्मक एवं ऋणात्मक दोनो आवेश होता है प्रकृति में तीन प्रकार के पाइआन π0, π+ और π− पाये जाते हैं। पाइआन सबसे कम द्रव्यमान वाले मेसॉन कण होते हैं जो निम्न ऊर्जा पर प्रबल अन्योन्य क्रियाओं को साझने में सहायक है।
सन्दर्भ
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