पाँच 'क'

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पाँच ककार (पंजाबी: ਪੰਜ ਕਕਾਰ पंज ककार) का अर्थ क शब्द से नाम प्रारंभ होने वाली उन ५ चीजों से है जिन्हें सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह द्वारा रखे गये सिद्धांतों के अनुसार सभी खालसा सिखों द्वारा धारण किये जाते हैं।

गुरु गोविंद सिंह ने सिखों के लिए पांच चीजें अनिवार्य की थीं - केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा। इन के बिना खालसा वेश पूर्ण नहीं माना जाता। इनमें केश सबसे पहले आता है।

पाँच ककार[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]