थिम्म भूपाल
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| थिम्म भूपाल | |
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| सम्राट | |
| विजयनगर के राजा | |
| शासनावधि | 1491 ई॰ |
| पूर्ववर्ती | शाल्व नृसिंह देव राय |
| उत्तरवर्ती | नृसिंह राय द्वितीय |
| रीजेंट | तुलुव नरस नायक |
| राजवंश | सुलुव |
| पिता | शाल्व नृसिंह देव राय |
| धर्म | हिन्दू धर्म |
| विजयनगर साम्राज्य | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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थिम्म भूपाल (निधन 1491 ईस्वी) विजयनगर साम्राज्य के राजा शाल्व नृसिंह देव राय के बड़े पुत्र और उत्तराधिकारी थे। अपने पिता के शासनकाल के दौरान वो युवराज थे।[1] युवराज थिम्म सन् 1491 में अपने पिता के उत्तराधिकारी बने लेकिन विजयनगर में राजनैतिक उथल-पुथल के दौरान संगम निष्ठावान सैन्य अधिकारी ने उनकी हत्या कर दी। उनके बाद उनके छोटे भाई नृसिंह राय द्वितीय राजा बने। शाल्व नृसिंह देव राय के प्रधानमंत्री के बड़े बेटे नरस नायक ने नृसिंह राय द्वितीय की भी हत्या कर दी और सन् 1505 में स्वयं पदासीन हो गये। इस तरह उन्होंने विजयनगर साम्राज्य में तीसरे राजवंश के रूप में तुलुव राजवंश की स्थापना की।
टिप्पणी
[संपादित करें]- ↑ Majumdar, R.C. (ed.) (2006). The Delhi Sultanate, Mumbai: Bharatiya Vidya Bhavan, p.303
सन्दर्भ
[संपादित करें]- Suryanath U. Kamath, A Concise history of Karnataka from pre-historic times to the present, Jupiter books, MCC, Bangalore, 2001 (Reprinted 2002) OCLC: 7796041
| पूर्वाधिकारी शाल्व नृसिंह देव राय |
विजयनगर साम्राज्य 1491 –1491 |
उत्तराधिकारी नृसिंह राय द्वितीय |
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