तिरुमल देव राय
दिखावट
| तिरुमल देव राय | |
|---|---|
| सम्राट | |
| विजयनगर के राजा | |
| शासनावधि | 1570 – 1572 ईस्वी |
| पूर्ववर्ती | सदाशिव राय |
| उत्तरवर्ती | श्रीरंग प्रथम |
| जीवनसंगी | वेंगलाम्बा |
| संतान | श्रीरंग देव राय वेंकटपति देव राय |
| राजवंश | अराविदु |
| धर्म | हिन्दू धर्म |
| विजयनगर साम्राज्य | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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तिरुमल देव राय (शासन 1570 - 1572 ईस्वी) विजयनगर साम्राज्य में अराविदु राजवंश के प्रथम राजा थे। वो आलिया राम राय के छोटे भाई थे और राजकुमारी वेंगलाम्बा उनकी पत्नी थीं। वो सम्राट कृष्णदेवराय के दामाद थे। तालिकोट के युद्ध के बाद उन्होंने तुलुव सम्राट सदाशिव राय को बचाया तथा पेनुकोंडा में राजधानी पुनः स्थापित की। सन् 1570 ईस्वी में सदाशिव के निधन के बाद वो विजयनगर के राजा बने। उनके बाद सन् 1572 में श्रीरंग प्रथम राजा बने।[1]
पेनुकोंडा पर मुस्लिम आक्रमण
[संपादित करें]तिरुमल राय तालिकोट के युद्ध से भाग गये और उसके बाद राजधानी को पेनुकोंडा में स्थापित की। बाद में पेनुकोंडा में मुस्लिम आक्रमण को परास्थ कर दिया।[2]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Eaton, Richard (2019). "The Deccan and the South, 1400-1650". India in the Persianate Age, 1000-1765. पेंगुइन बुक्स. p. 175.
- ↑ कृष्णस्वामि अयंगर, सक्कोत्ताई (1919). Sources of Vijayanagar history. कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय लाइब्रेरी. [मद्रास] : मद्रास विश्वविद्यालय. p. 19.
स्रोत
[संपादित करें]- Rao, Velcheru Narayana; Shulman, David Dean; Subrahmanyam, Sanjay (1992), Symbols of substance: court and state in Nāyaka Period Tamilnadu, Oxford University Press, ISBN 978-0-19-563021-3
- Sastri, K. A. Nilakanta (1958), A History of South India: From Prehistoric Times to the Fall of Vijayanagar (Second ed.), Indian Branch, Oxford University Press
- Subrahmanyam, Sanjay; Shulman, David (2008), "The Men who would be King? The Politics of Expansion in Early Seventeenth-Century Northern Tamilnadu", Modern Asian Studies, 24 (2): 225–248, डीओआई:10.1017/S0026749X00010301, आईएसएसएन 0026-749X, एस2सीआईडी 146726950
| पूर्वाधिकारी आलिया राम राय |
विजयनगर साम्राज्य 1565–1572 |
उत्तराधिकारी श्रीरंग प्रथम |
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