डॉ॰ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
| ध्येय | तमसो मा ज्योतिर्गमय |
|---|---|
| प्रकार | राज्य विश्वविद्यालय |
| स्थापित | 01/07/1927 |
| कुलाधिपति | आनंदी बेन पटेल |
| उपकुलपति | प्रो॰आशू रानी |
| स्थान | आगरा, उत्तर प्रदेश, भारत |
| परिसर | नगरीय |
| संबद्धताएं | यूजीसी |
| जालस्थल | www |
डॉ॰ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, पूर्व नाम आगरा विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक नगर आगरा के सबसे प्राचीनतम संस्थानों में से एक है।
कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी तथा भाषाविज्ञान विद्यापीठ
[संपादित करें]कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी तथा भाषाविज्ञान विद्यापीठ, भारत के सबसे पुराने एवं प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है । यह प्रतिष्ठित संस्थान 14 दिसम्बर 1953 को उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल, गुजराती साहित्यकार एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी की प्रेरणा से अस्तित्व में आया।
इस विद्यापीठ का स्थापना की बीज उत्तर प्रदेश के उपकुलपतियों के सम्मेलन के एक सुझाव से प्रस्तुत हुआ । उपकुलपतियों का यह सम्मेलन जनवरी 1953, में लखनऊ में हुआ था, जिसमें ही यह निश्चय किया गया था कि राष्ट्रभाषा की प्रगति और समृद्धि में योगदान देने के लिए एक हिंदी विद्यापीठ आगरा विश्वविद्यालय में स्थापित किया जाना चाहिए, जिसमें हिंदी और अहिंदी भाषी क्षेत्रों के विद्यार्थी और विद्वान, एकत्र होकर इस महत्वपूर्ण कार्य को सम्पादित कर सकें।
विद्यापीठ स्थापना के पीछे के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए तत्कालीन राज्यपाल माननीय कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी ने कहा था-
- मैं विश्वास करता हूँ कि यह विद्यापीठ हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में संवर्द्धित करेगा; हिंदी तथा अन्य आधुनिक भारतीय भाषाओं के तुलनात्मक अध्ययन का युग प्रारम्भ करेगा; हिंदी की संस्कृत की सम्पति और लचीलापन देकर ही संतोष ग्रहण नहीं करेगा, वरन् हमारी कुछ भातीय भाषाओं में मिलने वाले ओज, शक्ति तथा शब्दावली को भी ग्रहण करेगा । मैं आशा करता हूँ कि यह केवल हिंदी साहित्य के अध्ययन को ही प्रोत्साहन नहीं देगा वरन् भारत की विभिन्न भाषाओं के साहित्यों और उन अखिल भारतीय साहित्यिक आन्दोलनों के अध्ययन को भी प्रोत्साहन देगा, जिनसे हमारे समस्त साहित्य अनुप्राणित हुए हैं, और हिंदी के माध्यम से भाषा विषयक अनुसंधान और साहित्यिक उपलब्धियों का सर्वोपयोगी भंडार प्रस्तुत कर देगा।
अपने महत् उद्देश्यों के साथ विद्यापीठ का प्रारंभ 14 दिसम्बर 1953 ई० को तत्कालीन राज्यपाल माननीय कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी जी द्वारा किया गया । इसी दिन उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री गोविंदबल्लभ पंत द्वारा विद्यापीठ का शिलान्यास किया गया। जुलाई 1956 ई० से विद्यापीठ में अध्यापन कार्य प्रारंभ हुआ ।
अपनी स्थापना के साथ ही विद्यापीठ ने अनुसंधान के क्षेत्र में उच्च मानकों की स्थापना की है। न केवल हिंदी भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में अपितु संस्कृत, भाषाविज्ञान, जनसंचार एवं विदेशी भाषाओं के अध्ययन एवं अनुसंधान में विद्यापीठ गंभीरता से आगे बढ़ा है।
इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजनीयरिंग एंड टेक्नोलॉजी
[संपादित करें]द इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजनीयरिंग एंड टेक्नोलॉजी खंडारी, आगरा (आई॰ई॰टी॰ खंडारी, आगरा), खंडारी परिसर में स्थित आगरा नगर स्थित विश्वविद्यालय का एक अभियांत्रिकी संस्थान है।[1]
वर्तमान में प्रो. अरविन्द कुमार दीक्षित विश्वविद्यालय के उपकुलपति हैं।[2]
सामाजिक विज्ञान संस्थान
[संपादित करें]सामाजिक विज्ञान संस्थान पालीवाल परिसर में स्थित है।[3] यह वर्ष 1955 में स्थापित हुआ था|
दाऊदयाल व्यवसायिक शिक्षा संस्थान
[संपादित करें]
दाऊदयाल व्यवसायिक शिक्षा संस्थान विश्वविद्यालय का एक शैक्षिक व्यवसायिक विभाग है। यह वर्ष 1965 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की सहायता से बना था।
जीवन विज्ञान विद्यालय
[संपादित करें]जीवन विज्ञान विद्यालय विश्वविद्यालय के खण्दारी परिसर में स्थित है।
प्रसिद्ध छात्र
[संपादित करें]स्वतंत्रता,स्वाधीनता सेनानी व समाजसेवी
[संपादित करें]- मोतीलाल नेहरू, स्वाधीनता सेनानी व कांग्रेसी नेता
- हृदयनाथ कुंजरू, स्वाधीनता सेनानी, प्रथम राष्ट्रीय आयुक्त भारतीय स्काउट्स व गाइड्स और प्रथम अध्यक्ष चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटी[4]
राजनैतिज्ञ
[संपादित करें]- शंकरदयाल शर्मा, भूतपूर्व राष्ट्रपति, भारत
- गुलजारीलाल नन्दा, भूतपूर्व प्रधानमंत्री, भारत
- चौधरी चरण सिंह, भूतपूर्व प्रधानमंत्री, भारत
- अटल बिहारी बाजपेयी, भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारत (आपने वर्ष 1947 मे एम0ए0 (राजनीतिक विज्ञान) डी0ए0वी0 कॉलेज, कानपुर से की| तब डी0ए0वी कॉलेज, कानपुर आगरा विश्वविद्यालय के अधीन था|[5]
- मुलायम सिंह यादव, पूर्व रक्षामंत्री भारत और पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
- ठाकुर दलवीर सिंह,निवर्तमान विधायक, बरौली(अलीगढ़) और पूर्व मंत्री,उत्तर प्रदेश
प्रशासनिक
[संपादित करें]- अजीत डोभाल, incumbent राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार[6]
साहित्यकार
[संपादित करें]- राजेन्द्र यादव, हिन्दी साहित्यकार,संपादक हंस
- मुकेश कुमार ऋषि वर्मा, हिन्दी साहित्यकार और संचालक ब्रज लोक साहित्य कला अकादमी,आगरा
- अवधेश कुमार निषाद मझवार, हिंदी साहित्यकार, कवि एवम लेखक, संपादक युवा धड़कन,आगरा
- अशोक अंजुम, हिन्दी कवि
- शंकरलाल द्विवेदी, हिन्दी एवं ब्रजभाषा कवि, लेखक, समीक्षक
अभिनेता
[संपादित करें]- मनोज कुमार, फिल्म अभिनेता
- राज बब्बर फिल्म अभिनेता व पूर्व सांसद
वैज्ञानिक
[संपादित करें]- गणेश प्रसाद पाण्डेय, औषधीय रसायनविद,शांतिस्वरूप भटनागर पुरस्कार प्राप्तकर्ता[7]
- हृदय बिहारी माथुर, भौतिक रसायनविद, शांतिस्वरूप भटनागर पुरस्कार प्राप्तकर्ता[8]
- श्याम सुंदर कपूर, परमाणुविद, शांतिस्वरूप भटनागर पुरस्कार प्राप्तकर्ता[9]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Dr. B. R. Ambedkar University" [डॉ॰बी॰आर॰ अम्बेडकर विश्वविद्यालय]. dbrau.ac.in (अंग्रेज़ी भाषा में). मूल से से 17 अक्तूबर 2011 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: ५ मार्च २०१७.
- ↑ "Brief CV of Dr. Arvind Kumar Dixit". Dr. B. R. Ambedkar University. मूल से से 25 जुलाई 2017 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 22 July 2017.
- ↑ "Dr B. R. Ambedkar University". dbrau.ac.in. मूल से से 30 सितंबर 2011 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 22 September 2011.
- ↑ ^ a b c Sharga, Dr. B.N. (2008). Dr. Hriday Nath Kunzuru: A Great Patriot and Selfless Worker in S. Bhatt, J.N. Kaul, B.B. Dhar and Arun Shalia (ed.) Kashmiri Scholars Contribution to Knowledge and World Peace, Delhi:A.P.H. Publishing, ISBN 978-81-313-0402-0, pp.39-53
- ↑ "Atal Bihari Vajpayee's education record missing at Kanpur college". The Times of India. 2015-12-30. आईएसएसएन 0971-8257. अभिगमन तिथि: 2025-10-19.
- ↑ "Meet Ajit Doval, India's real-life James Bond - Doval as National Security Advisor". द इकनॉमिक टाइम्स. 30 August 2017. 14 अप्रैल 2018 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 13 April 2018.
- ↑ "Indian fellow-Ganesh Prasad Pandey". Indian National Science Academy. 2016. मूल से से 6 मार्च 2021 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 25 मई 2018.
- ↑ Register - University of California. University of California Press. 1955. pp. 5–.
- ↑ "Indian fellow-Shyam Sunder Kapoor". Indian National Science Academy. 2017. मूल से से 13 नवंबर 2017 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 2017-10-22.