जनता दल (यूनाइटेड)

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
जनता दल (यूनाइटेड)
नेता नीतीश कुमार
महासचिव के सी त्यागी
स्थापक नीतीश कुमार
शरद यादव
जॉर्ज फर्नांडिस
लोकसभा में नेता राजीव रंजन (ललन सिंह)
राज्यसभा में नेता रामनाथ ठाकुर
स्थापित 30 अक्टूबर 2003 (2003-10-30) (17 वर्ष पहले)
मुख्यालय ७, जंतर मंतर रोड, नई दिल्ली, भारत - ११०००१
अखबार जदयू संदेश
विचारधारा समाजवाद
पंथनिरपेक्षता
निर्वाचन आयोग मान्यता राज्य पार्टी
बिहार
अरुणाचल प्रदेश
गठबंधन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) (२००३–२०१३)(२०१७ से निरंतर)
लोक सभा में सीटें
16 / 543
राज्य सभा में सीटें
5 / 245
राज्य विधानसभा में सीटें
43 / 243
बिहार विधानसभा
1 / 60
अरुणाचल विधानसभा
चुनाव चिन्ह
Indian Election Symbol Arrow.png
वेबसाइट
janatadalunited.in

जनता दल (यूनाइटेड) (लघुरूप: जदयू) भारत का एक प्रमुख राजनैतिक दल है। इसे बिहारअरुणाचल प्रदेश में राज्य स्तरीय राजनीतिक पार्टी का दर्जा प्राप्त है। इस राजनीतिक दल की उपस्थिति मुख्य रूप से बिहार में है जहां यह सत्ताधारी गठबंधन राजग का नेतृत्व करता है।[1] लोकसभा चुनाव २०१९ में १६ सीटों के साथ जदयू सत्रहवीं लोकसभा में सातवां सबसे बड़ा दल है। जनता दल (यूनाइटेड) का गठन १९९९ जनता दल के शरद यादव गुट, लोकशक्ति पार्टी और समता पार्टी के विलय के बाद किया गया। जद(यू) अब भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का एक घटक दल है।

इतिहास[संपादित करें]

गठन[संपादित करें]

1999 के आम चुनावों में कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री जे एच पटेल के नेतृत्व में जनता दल के एक गुट ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को समर्थन दे दिया। इसके बाद जनता दल दो हिस्सों में बंट गया। पहले धड़े ने एच. डी. देवेगौड़ा के नेतृत्व में जनता दल (सेक्युलर) के रूप में खुद को अलग कर लिया जबकि दूसरा धड़ा शरद यादव के नेतृत्व में अस्तित्व में आया। बाद में जनता दल का शरद यादव गुट, लोकशक्ति पार्टी और समता पार्टी पास आए और ३० अक्टूबर २००३ को आपस में विलय कर जनता दल (यूनाइटेड) नाम से एक नई पार्टी का गठन किया। इस दल का चुनाव-चिह्न तीर और झंडा हरे-सफेद रंग का पंजीकृत हुआ।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल[संपादित करें]

बाद के दिनों में जेडीयू राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल हो गई जिसके बाद जेडीयू और भाजपा गठबंधन ने २००५ के बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार को हरा दिया। बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हुआ। २००९ के लोकसभा चुनाव में इस गठबंधन कोे बिहार में ३२ सीटें मिली। जिनमें भाजपा को १२ सीटों पर सफलता मिली जबकि जेडीयू को २० सीटों पर जीत हासिल हुई। तो वहीं २०१० के बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू को ११५ सीटें और भाजपा को ९१ सीटें प्राप्त हुईं। इस प्रकार दोनों दलों को २४३ सदस्य संख्या वाले बिहार विधानसभा में कुल २०६ सीटों पर सफलती मिली और एक बार फिर से सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में बन गई।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से बाहर[संपादित करें]

२०१४ के आम चुनाव में बीजेपी द्वारा नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार कमेटी का प्रमुख बनाए जाने के विरोध में जेडीयू ने बिहार में भाजपा के साथ १७ साल पुराने अपने गठबंधन को समाप्त कर दिया। इसके बाद शरद यादव ने एनडीए के संयोजक का पद छोड़ दिया। लोक सभा चुनाव मनें जेडीयू ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा लेकिन उसे उस चुनाव में बिहार की कुल चालीस लोकसभा सीटों में से सिर्फ दो सीटों पर ही सफलता मिल पाई। तो वहीं बीजेपी और उसके सहयोगी दलों को ३२ सीटों पर सफलता मिली। लोक सभा चुनाव में मिली असफलता के बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र दे दिया और जीतनराम मांझी नए मुख्यमंत्री बने। जब भाजपा ने इस सरकार से सदन में बहुमत सिद्ध करने की मांग की तो राजद ने जेडीयू का समर्थन कर इस सरकार को गिरने से बचाया।

महागठबंधन[संपादित करें]

14 अप्रैल 2015 को जेडीयू, राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी, समाजवादी जनता पार्टी और इंडियन नेशनल लोकदल के नेताओं ने घोषणा की कि वो संप्रग(यूपीए) से बाहर जनता परिवार गठजोड़ बनाकर बीजेपी का विरोध करेंगे। लेकिन सीटों के तालमेल को लेकर बात नहीं बन पाई समाजवादी पार्टी ने इस गठजोड़ से इनकार कर दिया। 2014 के लोकसभा में मिली असफलता के बाद जेडीयू और आरजेडी करीब आए 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस ने मिलकर एनडीए के खिलाफ महागठबंधन का ऐलान किया। चुनाव में इस गठबंधन को 178 सीटों पर सफलता मिली और नीतीश कुमार ने एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में वापसी[संपादित करें]

26 जुलाई 2017 को नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देते हुए 20 महीने पुराने महागठबंधन के अंत का ऐलान कर दिया। अगले ही दिन उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से फिर बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ गहण कर लिया। 28 जुलाई 2017 को बिहार की एनडीए सरकार ने बिधान सभा में 108 के मुकाबले 131 वोटों के जरिए अपना बहुमत सिद्ध कर लिया।

लोकसभा चुनाव २०१९ में जदयू ने भाजपा और लोजपा के साथ गठबंधन करके बिहार में चुनाव लड़ा। २३ मई को आए नतीजों में इस गठबंधन को प्रचंड जीत मिली तथा बिहार की ४० सीटों में से ३९ सीटें जीतीं। भाजपा और लोजपा ने अपने खाते की सभी क्रमशः १७ और ६ सीटें जीतीं जबकि जदयू ने १७ में से १६ सीटें जीतीं। एकमात्र किशनगंज की सीट पर जदयू को हार मिली।

बिहार विधानसभा चुनाव, 2020 में भी जदयू ने भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के तहत ही चुनाव लड़ा। इन चुनावों में जदयू ११५, भाजपा ११०, विकासशील इंसान पार्टी ११ एवं हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (सेकुलर) ने ७ सीटें लड़ी।

१० नवंबर को आए नतीजों में राजग को बहुमत मिला, जिसमें भाजपा को ७४, जदयू को ४३ तथा वीआईपी व हम को ४-४ सीटों पर जीत प्राप्त हुई।

चुनावी इतिहास[संपादित करें]

लोकसभा चुनाव[संपादित करें]

लोकसभा सत्र चुनाव वर्ष सीटें प्राप्त मत राज्य (सीटें) संदर्भ
लड़ीं जीतीं # %
तेरहवीं लोक सभा १९९९ ६० २१ १,१२,८२,०८४ ३.१० बिहार (१८)
कर्नाटक (३)
[2]
चौदहवीं लोकसभा २००४ ७३ ९१,४४,९६३ २.५३ बिहार (६)
लक्षद्वीप (१)
उत्तरप्रदेश (१)
[3]
पंद्रहवीं लोकसभा २००९ २७ २० ५९,३६,७८६ बिहार (२०) [4]
सोलहवीं लोकसभा २०१४ ९३ ५९,९२,२८१ १.०८ बिहार (२)
[5]
सत्रहवीं लोकसभा २०१९ २४ १६ ८९,२६,६७९ १.४६ बिहार (१६)
[6]

दिल्ली विधानसभा[संपादित करें]

विधानसभा सत्र चुनाव वर्ष सीटें प्राप्त मत संदर्भ
लड़ीं जीतीं # %
पांचवी विधानसभा २०१३ २७ ६८,८१८ ०.८७
सातवीं विधानसभा २०२० - ८४,२६३ ०.९१

बिहार विधानसभा[संपादित करें]

विधानसभा सत्र चुनाव वर्ष सीटें प्राप्त मत लड़ी सीटों पर मत% संदर्भ
लड़ीं जीतीं # %
चौदहवीं विधानसभा
पंद्रहवीं विधानसभा
सोलहवीं विधानसभा २०१५ १०१ ७१ ६४,१६,४१४ १६.८ ४०.६५
सत्रहवीं विधानसभा २०२० ११५ ४३ ६४,८४,४१४ १५.३९ [7]

नगालैण्ड विधानसभा[संपादित करें]

विधानसभा सत्र चुनाव वर्ष सीटें प्राप्त मत संदर्भ
लड़ीं जीतीं # %
२०१८ १३ ४५,०८९ ४.५०

अरुणाचल प्रदेश विधानसभा[संपादित करें]

विधानसभा सत्र चुनाव वर्ष सीटें प्राप्त मत संदर्भ
लड़ीं जीतीं # %
७वीं विधानसभा २०१९ १४ ६१,३२४ ९.८८

प्रमुख नेता[संपादित करें]

नेता सांगठनिक पद संवैधानिक पद
नीतीश कुमार[8] राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री, बिहार
हरिवंश नारायण सिंह उपसभापति, राज्यसभा
रामचंद्र प्रसाद सिंह राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) राज्यसभा संसदीय दल के नेता
राजीव रंजन (ललन सिंह) सांसद, मुंगेर लोकसभा संसदीय दल के नेता
किशन चंद त्यागी प्रधान राष्ट्रीय महासचिव
वशिष्ठ नारायण सिंह राज्यसभा सांसद
उमेश कुशवाहा प्रदेशाध्यक्ष, बिहार[9]
राजीव रंजन प्रसाद राष्ट्रीय प्रवक्ता

मुख्यमंत्रियों की सूची[संपादित करें]

क्रम मुख्यमंत्री कार्यकाल पदावधि विधानसभा
नीतीश कुमार २४ नवंबर २००५ २४ नवंबर २०१० &0000000267494400.0000008 वर्ष, 174 दिन १४वीं विधानसभा
२६ नवंबर २०१० १७ मई २०१४ १५वीं विधानसभा
जीतनराम मांझी २० मई २०१४ २० फरवरी २०१५ &0000000023846400.000000276 दिन
नीतीश कुमार २२ फरवरी २०१५ १९ नवंबर २०१५ &0000000199886400.0000006 वर्ष, 122 दिन
२० नवंबर २०१५ २६ जुलाई २०१७ १६वीं विधानसभा
२७ जुलाई २०१७ १५ नवंबर २०२०
१६ नवंबर २०२० पदस्थ १७वीं विधानसभा

सांसदों की सूची[संपादित करें]

राज्यसभा के उपसभापति[संपादित करें]

क्रम नाम नियुक्ति तिथि निवृत्ति तिथि कार्यकाल
हरिवंश नारायण सिंह ९ अगस्त २०१८ ९ अप्रैल २०२० प्रथम
१४ सितंबर २०२० पदस्थ द्वितीय[10]

राज्यसभा सांसद[संपादित करें]

क्रम नाम नियुक्ति तिथि निवृत्ति तिथि टीप
हरिवंश नारायण सिंह १० अप्रैल २०१४ ९ अप्रैल २०२६ राज्यसभा उपसभापति
राम नाथ ठाकुर १० अप्रैल २०१४ ९ अप्रैल २०२६ द्वितीय कार्यकाल
महेन्द्र प्रसाद ३ अप्रैल २०१२ २ अप्रैल २०२४ द्वितीय कार्यकाल
वशिष्ठ नारायण सिंह ३ अप्रैल २०१२ २ अप्रैल २०२४ द्वितीय कार्यकाल
रामचंद्र प्रसाद सिंह ८ जुलाई २०१६ ७ जुलाई २०२२

सत्रहवीं लोकसभा[संपादित करें]

क्रम राज्य निर्वाचन क्षेत्र निर्वाचित सांसद टीप
बिहार वाल्मीकि नगर वैद्यनाथ प्रसाद महतो २८ फरवरी २०२० को निधन
सुनील कुमार १० नवंबर २०२० को निर्वाचित[11]
कटिहार दुलाल चंद्र गोस्वामी
काराकाट महाबली सिंह
गया विजय कुमार मांझी
गोपालगंज डॉ.आलोक कुमार सुमन
जहानाबाद चंदेश्वर प्रसाद
झंझारपुर रामप्रीत मंडल
नालन्दा कौशलेन्द्र कुमार
पूर्णिया संतोष कुमार
१० बांका गिरिधारी यादव
११ भागलपुर अजय कुमार मंडल
१२ मधेपुरा दिनेश चंद्र यादव
१३ मुंगेर राजीव रंजन (ललन सिंह) संसदीय दल के नेता
१४ सीतामढ़ी सुनील कुमार पिंटू
१५ सीवान कविता सिंह
१६ सुपौल दिलेश्वर कामत मुख्य सचेतक

सोलहवीं लोकसभा[संपादित करें]

क्रम राज्य निर्वाचन क्षेत्र निर्वाचित सांसद संदर्भ
बिहार नालन्दा कौशलेन्द्र कुमार [12]
पूर्णिया संतोष कुमार

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. About Janta Dal United (JDU). "Janta Dal United (JD(U)) – Party History, Symbol, Founders, Election Results and News". Elections.in. मूल से 26 अक्तूबर 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2 अगस्त 2017.
  2. तेरहवीं लोकसभा के सदस्य- दलवार[मृत कड़ियाँ] लोकसभा हिन्दी
  3. चौदहवीं लोकसभा के सदस्य- दलवार[मृत कड़ियाँ] लोकसभा हिन्दी
  4. पंद्रहवीं लोकसभा के सदस्य- दलवार[मृत कड़ियाँ] लोकसभा हिन्दी
  5. सोलहवीं लोकसभा के सदस्य- दलवार[मृत कड़ियाँ] लोकसभा हिन्दी
  6. सत्रहवीं लोकसभा परिणाम- दलवार eciresults
  7. बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम २०२०- दलवार Archived 2020-11-16 at the Wayback Machine eciresults हिन्दी ११ नवंबर २०२०
  8. नीतीश कुमार दोबारा बने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष न्यूज 18 हिंदी ३० अक्टूबर २०१९
  9. उमेश कुशवाहा बने जदयू के नये प्रदेश अध्यक्ष, पार्टी बैठक में लगी मुहर पटना, हिन्दुस्तान ब्यूरो, १० जनवरी २०२१
  10. "Harivansh Narayan Singh is Rajya Sabha Deputy Chairman: NDA's candidate beats Congress' BK Hariprasad, 125 ayes against 105 noes". Firstpost.
  11. वाल्मीकिनगर लोकसभा सीट से JDU उम्मीदवार सुनील कुमार जीते, कांग्रेस प्रत्याशी को हराया ABP Live हिन्दी, पटना, ११ नवंबर २०२०
  12. सोलहवीं लोकसभा के सदस्य- दलवार[मृत कड़ियाँ] लोकसभा हिन्दी