ग़ाज़ीपुर

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ग़ाज़ीपुर
—  नगर  —
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य उत्तर प्रदेश
अध्यक्ष, नगर पालिका श्री विनोद कुमार अग्रवाल
जनसंख्या
घनत्व
3,622,727 (2011 तक )
• 1,072
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)
39.2 km² (15 sq mi)
• 62 मीटर (203 फी॰)
आधिकारिक जालस्थल: http://www.ghazipur.nic.in/

निर्देशांक: 25°34′29″N 83°32′09″E / 25.574687°N 83.535725°E / 25.574687; 83.535725

गाजीपुर भारत के उत्तर प्रदेश प्रान्त का एक शहर है। इसकी स्थापना तुग़लक़ वंश के शासन काल में सैय्यद मसूद ग़ाज़ी द्वारा की गयी थी। कुछ इतिहासकारों के मुताबिक इस शहर का प्राचीन नाम गाधिपुर था जो कि सन् १३३० में ग़ाज़ीपुर कर दिया गया। ऐतिहासिक दस्तावेजों के मुताबिक ग़ाज़ीपुर के कठउत पृथ्वीराज चौहान के वंशज राजा मांधाता का गढ़ था। राजा मांधाता दिल्ली सुल्तान की अधीनता को अस्वीकार कर स्वतंत्र रूप से शासन कर रहा था। दिल्ली के तुगलक वंश के सुल्तान को इस बात की सूचना दी गई जिसके बाद मुहम्मद बिन तुगलक के सिपहसालार सैयद मसूद अल हुसैनी ने सेना की टुकड़ी के साथ राजा मांधाता के गढ़ पर हमला कर दिया। इस युद्ध में राजा मांधाता की पराजय हुई। जिसके बाद मृत राजा की संपत्ति का उत्तराधिकारी सैयद मसूद अल हुसैनी को बनादिया गया। इस जंग में जीत के बाद दिल्ली सुल्तान की ओर से सैयद मसूद अल हुसैनी को मलिक-अल-सादात गााजी की उपाधि से नवाजा गया। जिसके बाद सैयद मसूद गाजी ने कठउत के बगल में गौसुपर को अपना गढ़ बनाया। लेकिन कुछ समय बाद उसने गाजीपुर शहर की स्थापना की। जिसके बारे में कुछ इतिहासकारों का मत है कि उसने प्राचीन गाधिपुर का ही नया नामकरण गाजीपुर कर दिया।[1]

गाजीपुर, अंग्रेजों द्वारा १८२० में स्थापित, विश्व में सबसे बड़े अफीम के कारखाने के लिए प्रख्यात है। यहाँ हथकरघा तथा इत्र उद्योग भी हैं। ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरल लोर्ड कार्नवालिस की मृत्यु यहीं हुई थी तथा वे यहीं दफन हैं। शहर उत्तर प्रदेश - बिहार सीमा के बहुत नजदीक स्थित है। यहाँ की स्थानीय भाषा भोजपुरी एवं हिंदी है। यह पवित्र शहर बनारस के ७० की मी पूर्व में स्थित है।

इतिहास[संपादित करें]

वैदिक काल में ग़ाज़ीपुर घने वनों से ढका था तथा उस समय यहाँ कई संतों के आश्रम थे। इस स्थान का सम्बन्ध रामायण से भी है। कहा जाता है कि महर्षि परशुराम के पिता जमदग्नि यहाँ रहते थे। प्रसिद्ध गौतम महर्षि तथा च्यवन ने यहीं शिक्षा प्राप्त की। भगवान बुद्ध ने अपना पहला प्रवचन सारनाथ में दिया था जोकि यहाँ से अधिक दूर नहीं है। बहुत से स्तूप उस काल के प्रमाण हैं। ग़ाज़ीपुर सल्तनत काल से मुग़ल काल तक एक महत्त्वपूर्ण क्षेत्र था। प्रसिद्ध टेलिविजन धारावाहिक "महाभारत" के पटकथा लेखक "राही मासूम रज़ा" का जन्म यहीं के ग्राम "गंगौली" में हुआ था।और यहाँ पर शहीद वीर अब्दुल हमीद का भी जन्म हुआ था ।

भूगोल[संपादित करें]

गाजीपुर, उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग में, गंगा नदी के किनारे स्थित है। इसके पश्चिम में बनारस, उत्तर में मऊ, पूर्व में बलिया और पश्चिमोत्तर में जौनपुर इसके पास स्थित हैं| गंगा किनारे होने के कारण यहाँ की मिटटी बहुत उपजाऊ है। कृषि यहाँ का प्रमुख व्यवसाय है। गेहूं, धान और गन्ना यहाँ की मुख्य फ़सलें हैं।

गंगा घाट[संपादित करें]

पवित्र नदी मानी जाने वाली "गंगा नदी" गाजीपुर से होकर बहती है। शहर में वाराणसी के घाटों की तरह कई गंगा घाट हैं जिनमें प्रमुख ददरीघाट, कलेक्टर घाट, स्टीमर घाट, चितनाथ घाट, पोस्ताघाट, रामेश्वर घाट, पक्का घाट, कंकड़िया घाट, महादेव घाट, सिकंदरपुर घाट, श्मशान घाट(सबसे पूर्व दिशा ) शामिल हैं। अतः इसे "लहुरी काशी" भी कहते हैं |

कामाख्या धाम[संपादित करें]

यह शहर से 40 किलोमीटर दूर, गहमर पुलिस स्टेशन के तहत एक हिन्दू देवी, माँ कामाख्या का मंदिर है। यह मंदिर गड़ाईपुर गांव में स्थित है। संरक्षण और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए वहाँ एक पुलिस बूथ स्थापित किया गया है। यह अच्छी तरह से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। रामनवमी के समय यहाँ बहुत भीड़ रहती है।

महाहर धाम[संपादित करें]

यह शहर से 30 किलोमीटर दूर कासिमाबाद क्षेत्र में स्थित शहर का सबसे बड़ा तीर्थस्थल है। माना जाता है की महाशिवरात्री के दिन काशी विश्वनाथ यहाँ पधारते हैं और निकट स्थित कुंड में स्नान करते हैं। चौरी और कराहिया और हथौरी के पास रेलवे लाइन और खमाया धाम माता मंदिर और वहाँ माँ दुर्गा मन्दिर है द्वारा निकट स्थित है।

यह भी माना जाता है की भगवान श्री राम के पिता, दशरथ ने इसी स्थान पर श्रवण कुमार को बाण मारा था।

नेहरू स्टेडियम[संपादित करें]

यह गाजीपुर शहर का एकमात्र स्टेडियम है, जिसका नाम भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पड़ा है। यह एक छोटा तथा सरकारी स्टेडियम है। इसमें एक व्यायामशाला भी है। स्टेडियम आम तौर पर विभिन्न जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए प्रयोग किया जाता है।

रामलीला मैदान[संपादित करें]

रामलीला मैदान लंका मैदान के नाम से भी जाना जाता है। यह शहर के बीच में स्थित एक मैदान है, जहाँ रामलीला होता है। यह चारदीवारी से घिरा हुआ तथा दो मुख्य गेट के साथ सुव्यवस्थित है। जनसभा एवं प्रदर्शनी इत्यादि भी इसी मैदान में होते हैं | इसके किनारे एक तालाब भी है।

धामुपुर[संपादित करें]

यह गाजीपुर शहर से 37 किमी दूर एक छोटा सा गाँव है जो परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद का जन्म स्थान भी है। वीर अब्दुल हमीद, भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय सेना में एक सैनिक थे जिन्होंने पाकिस्तान की कई टैंकों को नष्ट किया था तथा देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।

शिक्षा[संपादित करें]

यहाँ प्रमुख 5 स्नातकोत्तर महाविद्यालय तथा 100 से भी अधिक विद्यालय हैं। गाजीपुर जनपद के कुछ पुराने महाविद्यालयों का नाम इस प्रकार है :

  • पीजी कॉलेज, रविंद्रपुरी, पीरनगर
  • स्वामी सहजानन्द पीजी कॉलेज, पीरनगर
  • खरडीहा डिग्री कॉलेज, खरडीहा, गाजीपुर
  • समता स्नातकोत्तर महाविद्यालय , सादात , गाजीपुर
  • स्वामी सहजानन्द पीजी कॉलेज, पीरनगर
  • राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आमघाट, गाजीपुर
  • शहीद स्मारक गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, मोहम्मदाबाद, गाजीपुर
  • एस के बी एम डिग्री कालेज दिलदारनगर गाजीपुर

संदर्भ[संपादित करें]